UP खरीफ बुआई 2026: 107 लाख हेक्टेयर में आच्छादन, लक्ष्य का 95% हासिल — कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने 29 जुलाई 2026 को लखनऊ के लोकभवन में पत्रकारों को बताया कि राज्य में खरीफ फसलों का बुआई आच्छादन 107 लाख हेक्टेयर तक पहुँच चुका है — जो 110 लाख हेक्टेयर के निर्धारित लक्ष्य का करीब 95 प्रतिशत है। उन्होंने यह भी बताया कि 28 जुलाई तक प्रदेश में औसत से लगभग 25 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, फिर भी किसानों और सरकार की सामूहिक तैयारी से यह उपलब्धि संभव हुई।
बुआई का मौजूदा हाल
कृषि मंत्री शाही के अनुसार, वर्ष 2026 में खरीफ आच्छादन का लक्ष्य 110 लाख हेक्टेयर रखा गया था, जिसके सापेक्ष 107 लाख हेक्टेयर में बुआई पूरी हो चुकी है। तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो पिछले वर्ष 103 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले करीब 100 लाख हेक्टेयर में ही आच्छादन हो पाया था। यह ऐसे समय में आया है जब 11 जिलों में 40 से 60 प्रतिशत तक कम बारिश हुई और 13 अन्य जिलों में स्थिति और अधिक चिंताजनक रही। सुपर अल नीनो की आशंका के चलते मौसम विभाग ने पहले ही सामान्य से कम वर्षा का अनुमान जताया था।
सरकारी तैयारी और बीज वितरण
शाही ने बताया कि सरकार ने किसानों को समय पर बीज, उर्वरक और सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई। खरीफ सीजन में 50 प्रतिशत अनुदान पर 1.73 लाख क्विंटल से अधिक बीज वितरित किए गए। इसके अलावा 6.13 लाख से अधिक किसानों को 16,449 क्विंटल मुफ्त मिनी किट दिए गए, जबकि 1.23 लाख क्विंटल से अधिक बीज अनुदान पर उपलब्ध कराए गए। दलहन, तिलहन, मूंगफली, सोयाबीन और तिल जैसी फसलों के रकबे को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया गया, ताकि कम वर्षा की परिस्थितियों में भी किसान खेती जारी रख सकें।
तोरिया फसल और रबी की तैयारी
कम बारिश की स्थिति को देखते हुए सरकार ने सितंबर में अल्प अवधि की तोरिया फसल को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसके लिए 1,000 कुंतल तोरिया बीज वितरण का लक्ष्य तय किया गया है — जिसमें 600 क्विंटल मुफ्त मिनी किट और 400 कुंतल अनुदान पर दिए जाएंगे। पोर्टल पहले ही खोल दिया गया है और 17 अगस्त के बाद ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों का चयन होगा। रबी सीजन के लिए भी सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है — बीज वितरण पोर्टल 10 जुलाई को खुल चुका है और सितंबर के पहले सप्ताह में ई-लॉटरी के जरिये किसानों का चयन किया जाएगा। इस वर्ष 7.66 लाख किसानों तक दलहन और तिलहन के मिनी किट पहुँचाने का लक्ष्य है, जिसके तहत 36,475 क्विंटल बीज निःशुल्क वितरित किए जाएंगे।
कृषि यंत्र और उर्वरक आपूर्ति
कृषि यंत्रों पर अनुदान योजना के तहत पोर्टल 20 जुलाई से खुल चुका है और लॉटरी 10 अगस्त को निकाली जाएगी। कुल 25,900 कृषि यंत्र अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें फार्म मशीनरी बैंक पर 80 प्रतिशत और कस्टम हायरिंग सेंटर पर 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। अब तक 41,762 किसान आवेदन कर चुके हैं। उर्वरक आपूर्ति के मोर्चे पर, 1 अप्रैल से 28 जुलाई तक 57.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया, जिसमें से 28.88 लाख मीट्रिक टन किसानों को वितरित हो चुका है। शाही ने दावा किया कि प्रदेश के किसी भी ब्लॉक में उर्वरकों की कमी नहीं है और यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी तथा एमओपी का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
पूर्ववर्ती सरकार से तुलना
कृषि मंत्री ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल से तुलना करते हुए कहा कि 2015-16 में प्रदेश में 84.98 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरित हुआ था, जबकि 2025-26 में यह आँकड़ा बढ़कर 118 लाख मीट्रिक टन तक पहुँच गया है। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार पूर्ववर्ती सरकार की तुलना में 34 लाख मीट्रिक टन अधिक उर्वरक किसानों तक पहुँचा रही है। उन्होंने सहकारी समितियों के नेटवर्क में भी विस्तार का उल्लेख किया — पहले जहाँ करीब 1,500 सहकारी समितियाँ उर्वरक वितरण करती थीं, वहीं अब 7,000 समितियों के माध्यम से खाद किसानों तक पहुँचाई जा रही है। जुलाई में अकेले सहकारी समितियों ने 3.22 लाख मीट्रिक टन से अधिक यूरिया और 1.07 लाख मीट्रिक टन डीएपी का वितरण किया। शाही ने किसानों से पोर्टल पर समय पर पंजीकरण कराने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।