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कोडरमा: ई-रिक्शा बना प्रसूति कक्ष, महिला ने टोटो में दिए जुड़वा बच्चों को जन्म; ANM प्रियंका बनीं फरिश्ता

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कोडरमा: ई-रिक्शा बना प्रसूति कक्ष, महिला ने टोटो में दिए जुड़वा बच्चों को जन्म; ANM प्रियंका बनीं फरिश्ता

सारांश

कोडरमा के झुमरी तिलैया में अस्पताल ले जाते वक़्त एक गर्भवती महिला ने ई-रिक्शा के भीतर ही जुड़वा बच्चों को जन्म दे दिया। मौके पर पहुँचीं ANM प्रियंका कुमारी ने सीमित संसाधनों में सुरक्षित प्रसव कराया। माँ और दोनों नवजात स्वस्थ हैं — और यह घटना ज़मीनी स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका को एक बार फिर रेखांकित करती है।

मुख्य बातें

कोडरमा के झुमरी तिलैया स्थित राजगढ़िया रोड पर एक महिला ने ई-रिक्शा में जुड़वा बच्चों को जन्म दिया।
घटना मंगलवार देर रात अस्पताल ले जाए जाने के दौरान घटी।
ANM प्रियंका कुमारी ने मौके पर सुरक्षित प्रसव कराया और फर्स्ट-एड दिया।
प्रसूता और दोनों नवजातों को सदर अस्पताल शिफ्ट किया गया; सभी स्वस्थ हैं।
ई-रिक्शा चालक ने धैर्य दिखाते हुए वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर सहयोग किया।

झारखंड के कोडरमा जिले में मंगलवार देर रात एक गर्भवती महिला ने अस्पताल पहुँचने से पहले ही झुमरी तिलैया के राजगढ़िया रोड पर खड़े एक ई-रिक्शा (टोटो) में जुड़वा बच्चों को जन्म दे दिया। मौके पर मौजूद ANM (सहायक नर्स मिडवाइफ) प्रियंका कुमारी की त्वरित सूझबूझ से जच्चा और दोनों नवजात पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

परिजनों के अनुसार, महिला को अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू होने पर वे उसे ई-रिक्शा से नज़दीकी अस्पताल ले जा रहे थे। राजगढ़िया रोड के पास पीड़ा असहनीय हो गई और प्रसव की आपातकालीन स्थिति बन गई, जबकि अस्पताल अब भी दूर था।

इसी दौरान वहाँ से गुज़र रहीं ANM प्रियंका कुमारी की नज़र दर्द से तड़पती महिला और घबराए परिजनों पर पड़ी। हालात की गंभीरता भाँपते हुए उन्होंने बिना एक पल गँवाए मोर्चा संभाल लिया।

टोटो के भीतर सुरक्षित प्रसव

सीमित संसाधनों के बीच प्रियंका ने ई-रिक्शा के भीतर ही प्रसव कराने का निर्णय लिया। कुछ ही मिनटों में महिला ने दो स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। प्रसव के तुरंत बाद ANM ने माँ और दोनों नवजातों की प्राथमिक जाँच कर ज़रूरी फर्स्ट-एड उपलब्ध कराया।

इसके बाद प्रसूता और शिशुओं को आगे की चिकित्सकीय देखरेख के लिए सदर अस्पताल शिफ्ट किया गया, जहाँ रिपोर्टों के अनुसार तीनों की हालत स्थिर है।

ई-रिक्शा चालक की संवेदनशीलता

आपात स्थिति में ई-रिक्शा चालक ने भी मिसाल पेश की। घबराने के बजाय उसने धैर्य से वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोका और परिजनों का पूरा सहयोग किया। यह सहयोग प्रसव को सुरक्षित बनाने में अहम कड़ी साबित हुआ।

क्यों मायने रखती है यह घटना

यह घटना ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में आपातकालीन प्रसूति सेवाओं की पहुँच पर एक बार फिर रोशनी डालती है। आँकड़ों के अनुसार, झारखंड के कई हिस्सों में संस्थागत प्रसव की दर बढ़ी ज़रूर है, लेकिन समय पर अस्पताल पहुँचना अब भी कई परिवारों के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे में फील्ड पर तैनात ANM कार्यकर्ता अक्सर 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' की भूमिका निभाती हैं।

स्थानीय लोगों ने ANM प्रियंका कुमारी की तत्परता की सराहना की है और स्वास्थ्य विभाग से उन्हें सम्मानित करने की माँग उठाई है। फिलहाल माँ और दोनों नवजात शिशु पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य बताए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे सिर्फ़ 'फरिश्ता' कथा तक सीमित कर देना ज़मीनी सच्चाई से मुँह मोड़ना होगा। सवाल यह है कि कोडरमा जैसे ज़िले में एक गर्भवती महिला को रात के समय ई-रिक्शा से अस्पताल क्यों ले जाना पड़ा — क्या 102/108 एम्बुलेंस सेवा समय पर उपलब्ध थी? झारखंड में मातृ स्वास्थ्य योजनाओं पर हज़ारों करोड़ ख़र्च होने के बावजूद, अंतिम छोर पर ANM कार्यकर्ता ही व्यवस्था का असली कवच बनती हैं। प्रियंका कुमारी की तारीफ़ ज़रूरी है, पर असली नीतिगत प्रश्न परिवहन और रेफ़रल नेटवर्क की कमज़ोरियों पर है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोडरमा में टोटो में जुड़वा बच्चों के जन्म की घटना क्या है?
मंगलवार देर रात झुमरी तिलैया के राजगढ़िया रोड पर एक गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाते समय तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और उसने ई-रिक्शा (टोटो) के भीतर ही जुड़वा बच्चों को जन्म दे दिया। मौके पर मौजूद ANM प्रियंका कुमारी ने सुरक्षित प्रसव कराया।
प्रसव के दौरान ANM प्रियंका कुमारी की भूमिका क्या रही?
ANM प्रियंका कुमारी वहाँ से गुज़र रही थीं और उन्होंने स्थिति की गंभीरता देखते हुए तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने सीमित संसाधनों में ई-रिक्शा के अंदर ही प्रसव कराया, और बाद में माँ व नवजातों की प्राथमिक जाँच कर फर्स्ट-एड उपलब्ध कराया।
माँ और नवजात बच्चों की मौजूदा हालत कैसी है?
रिपोर्टों के अनुसार माँ और दोनों नवजात शिशु पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य हैं। प्रसव के तुरंत बाद उन्हें आगे की चिकित्सकीय देखरेख के लिए सदर अस्पताल शिफ्ट किया गया था।
यह घटना कहाँ और कब हुई?
यह घटना झारखंड के कोडरमा ज़िले के झुमरी तिलैया स्थित राजगढ़िया रोड पर मंगलवार देर रात हुई, जब परिजन महिला को ई-रिक्शा से अस्पताल ले जा रहे थे।
ई-रिक्शा चालक ने इस आपात स्थिति में क्या किया?
ई-रिक्शा चालक ने घबराने के बजाय धैर्य और संवेदनशीलता दिखाई। उसने वाहन को सड़क किनारे एक सुरक्षित स्थान पर रोका और प्रसव के दौरान परिजनों व ANM का पूरा सहयोग किया।
राष्ट्र प्रेस
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