कोलकाता अमेरिकन सेंटर हमले की 23वीं बरसी: यूएस कॉन्सुलेट ने 5 शहीदों को दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता स्थित यूएस कॉन्सुलेट ने 7 जून 2026 को 22 जनवरी 2002 के अमेरिकन सेंटर आतंकवादी हमले में शहीद हुए पाँच सुरक्षाकर्मियों को औपचारिक श्रद्धांजलि अर्पित की। अमेरिका की महावाणिज्यदूत कैथी गाइल्स डियाज ने इस अवसर पर कहा कि उन बहादुर जवानों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
श्रद्धांजलि समारोह और 'जॉय-फ्रीडम राइड'
यह कार्यक्रम अमेरिकी स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित 'जॉय-फ्रीडम राइड' के साथ जोड़ा गया था, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक और पुलिसकर्मी शामिल हुए। समारोह में कोलकाता पुलिस के अधिकारियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
महावाणिज्यदूत डियाज ने कहा, 'अमेरिका के लिए उन बहादुर पुलिसकर्मियों के बलिदान का सम्मान करना बेहद महत्वपूर्ण है। उस कठिन समय में कोलकाता पुलिस और अमेरिकी अधिकारियों के बीच जो सहयोग और विश्वास स्थापित हुआ, वही आज दोनों पक्षों के मजबूत संबंधों की नींव है।'
22 जनवरी 2002 का हमला: क्या हुआ था
22 जनवरी 2002 को तड़के लगभग 4:30 बजे मोटरसाइकिल सवार आतंकवादियों ने कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) स्थित अमेरिकन सेंटर के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर अंधाधुंध गोलियाँ चलाईं और हथगोले फेंके। इस हमले में पश्चिम बंगाल पुलिस के चार कांस्टेबल और एक निजी सुरक्षा गार्ड मौके पर ही शहीद हो गए, जबकि 20 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
गौरतलब है कि यह हमला उस दौर में हुआ था जब वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के विरुद्ध अभियान तेज हो रहा था और भारत-अमेरिका सुरक्षा सहयोग नई दिशा ले रहा था।
भारत-अमेरिका सुरक्षा साझेदारी पर जोर
महावाणिज्यदूत डियाज ने इस अवसर पर भारत-अमेरिका सुरक्षा साझेदारी को वर्तमान में 'बेहद मजबूत और प्रभावी' बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश एक स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र के साझा उद्देश्य के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
उन्होंने हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री की कोलकाता यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग और आपसी विश्वास का प्रतीक है।
आगे की राह: द्विपक्षीय संबंधों का भविष्य
डियाज ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक तथा सुरक्षा सहयोग और अधिक प्रगाढ़ होगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों, क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता दोनों देशों को निकट लाने का कार्य कर रही है। आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष और क्षेत्रीय शांति की दिशा में यह साझेदारी भविष्य में भी निर्णायक भूमिका निभाती रहेगी।