कोलकाता पुलिस की कार्रवाई: जबरन वसूली में सार्जेंट-कॉन्स्टेबल सस्पेंड, सिविक वॉलंटियर बर्खास्त
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस ने दक्षिण 24 परगना जिले के घटकपुकुर चौमाथा इलाके में माल ढोने वाले वाहनों से जबरन वसूली के आरोपों की प्रारंभिक जाँच के बाद सार्जेंट नूरुल इस्लाम मुल्ला और कॉन्स्टेबल शिवानंद ठाकुर को निलंबित कर दिया है, जबकि सिविक वॉलंटियर अली हसन मुल्ला को ड्यूटी से हटाकर सेवामुक्त कर दिया गया है। 29 अगस्त को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। तीनों के खिलाफ विभागीय जाँच शुरू कर दी गई है।
मुख्य घटनाक्रम
आरोप है कि घटकपुकुर चौमाथा क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात ये तीनों कर्मी माल वाहनों को रोककर चालकों से जबरदस्ती पैसे वसूल रहे थे। शिकायतें मिलने के बाद भांगड़ ट्रैफिक पुलिस गार्ड ने जाँच शुरू की, जिसमें तीनों की संलिप्तता सामने आई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक आरोपों की पुष्टि होते ही विभागीय कार्रवाई की गई। सार्जेंट नूरुल इस्लाम मुल्ला और कॉन्स्टेबल शिवानंद ठाकुर को निलंबित किया गया, जबकि सिविक वॉलंटियर अली हसन मुल्ला को सेवामुक्त कर दिया गया।
जाँच का दायरा
विभागीय जाँच में यह पता लगाया जाएगा कि आरोपों की प्रकृति क्या थी, यह वसूली कब से हो रही थी और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। जाँचकर्ता इस पहलू की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या पैसे देने से इनकार करने पर वाहन चालकों को प्रताड़ित किया जाता था।
गौरतलब है कि सिविक वॉलंटियर कोलकाता पुलिस के सहायक कर्मी होते हैं, जो नियमित पुलिस बल का हिस्सा नहीं होते। इसीलिए उनके मामले में निलंबन की जगह सेवामुक्ति की प्रक्रिया अपनाई गई है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
कोलकाता पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध वसूली के मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभागीय जाँच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।
आगे क्या होगा
विभागीय जाँच के नतीजों के आधार पर तीनों के खिलाफ आगे की कार्रवाई होगी। यह मामला केवल तीन कर्मियों तक सीमित है या इसके तार कहीं और भी जुड़े हैं — यह जाँच के बाद ही स्पष्ट होगा। कोलकाता पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई आंतरिक जवाबदेही के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण संकेत है।