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कोलकाता पुलिस की कार्रवाई: जबरन वसूली में सार्जेंट-कॉन्स्टेबल सस्पेंड, सिविक वॉलंटियर बर्खास्त

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कोलकाता पुलिस की कार्रवाई: जबरन वसूली में सार्जेंट-कॉन्स्टेबल सस्पेंड, सिविक वॉलंटियर बर्खास्त

सारांश

कोलकाता के दक्षिण 24 परगना में माल वाहनों से जबरन वसूली का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की — सार्जेंट और कॉन्स्टेबल निलंबित, सिविक वॉलंटियर सेवामुक्त। अब विभागीय जाँच में वसूली का दायरा और संलिप्त लोगों की पहचान होगी।

मुख्य बातें

कोलकाता पुलिस ने दक्षिण 24 परगना के घटकपुकुर चौमाथा में जबरन वसूली के आरोपों की जाँच के बाद कार्रवाई की।
सार्जेंट नूरुल इस्लाम मुल्ला और कॉन्स्टेबल शिवानंद ठाकुर को निलंबित किया गया।
सिविक वॉलंटियर अली हसन मुल्ला को ड्यूटी से हटाकर सेवामुक्त कर दिया गया।
भांगड़ ट्रैफिक पुलिस गार्ड ने शिकायतें मिलने के बाद जाँच शुरू की, जिसमें तीनों की संलिप्तता सामने आई।
विभागीय जाँच में वसूली की अवधि, प्रकृति और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों का पता लगाया जाएगा।

कोलकाता पुलिस ने दक्षिण 24 परगना जिले के घटकपुकुर चौमाथा इलाके में माल ढोने वाले वाहनों से जबरन वसूली के आरोपों की प्रारंभिक जाँच के बाद सार्जेंट नूरुल इस्लाम मुल्ला और कॉन्स्टेबल शिवानंद ठाकुर को निलंबित कर दिया है, जबकि सिविक वॉलंटियर अली हसन मुल्ला को ड्यूटी से हटाकर सेवामुक्त कर दिया गया है। 29 अगस्त को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। तीनों के खिलाफ विभागीय जाँच शुरू कर दी गई है।

मुख्य घटनाक्रम

आरोप है कि घटकपुकुर चौमाथा क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात ये तीनों कर्मी माल वाहनों को रोककर चालकों से जबरदस्ती पैसे वसूल रहे थे। शिकायतें मिलने के बाद भांगड़ ट्रैफिक पुलिस गार्ड ने जाँच शुरू की, जिसमें तीनों की संलिप्तता सामने आई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक आरोपों की पुष्टि होते ही विभागीय कार्रवाई की गई। सार्जेंट नूरुल इस्लाम मुल्ला और कॉन्स्टेबल शिवानंद ठाकुर को निलंबित किया गया, जबकि सिविक वॉलंटियर अली हसन मुल्ला को सेवामुक्त कर दिया गया।

जाँच का दायरा

विभागीय जाँच में यह पता लगाया जाएगा कि आरोपों की प्रकृति क्या थी, यह वसूली कब से हो रही थी और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। जाँचकर्ता इस पहलू की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या पैसे देने से इनकार करने पर वाहन चालकों को प्रताड़ित किया जाता था।

गौरतलब है कि सिविक वॉलंटियर कोलकाता पुलिस के सहायक कर्मी होते हैं, जो नियमित पुलिस बल का हिस्सा नहीं होते। इसीलिए उनके मामले में निलंबन की जगह सेवामुक्ति की प्रक्रिया अपनाई गई है।

पुलिस की प्रतिक्रिया

कोलकाता पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध वसूली के मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभागीय जाँच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।

आगे क्या होगा

विभागीय जाँच के नतीजों के आधार पर तीनों के खिलाफ आगे की कार्रवाई होगी। यह मामला केवल तीन कर्मियों तक सीमित है या इसके तार कहीं और भी जुड़े हैं — यह जाँच के बाद ही स्पष्ट होगा। कोलकाता पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई आंतरिक जवाबदेही के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि यह वसूली कितने समय से चल रही थी और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी थी या नहीं। सिविक वॉलंटियर प्रणाली — जो कोलकाता पुलिस के लिए सहायक कर्मियों का एक बड़ा स्रोत है — पर पहले भी अनुशासन और जवाबदेही के सवाल उठते रहे हैं। विभागीय जाँच तभी विश्वसनीय होगी जब उसके नतीजे पारदर्शी तरीके से सामने आएँ और दोषियों के खिलाफ केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि आपराधिक कार्रवाई भी हो।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता पुलिस ने किन अधिकारियों को सस्पेंड किया और क्यों?
सार्जेंट नूरुल इस्लाम मुल्ला और कॉन्स्टेबल शिवानंद ठाकुर को दक्षिण 24 परगना के घटकपुकुर चौमाथा इलाके में माल वाहनों से जबरन वसूली के आरोपों की प्रारंभिक जाँच में दोषी पाए जाने के बाद निलंबित किया गया। सिविक वॉलंटियर अली हसन मुल्ला को सेवामुक्त किया गया।
इस मामले में जाँच कौन कर रहा है?
भांगड़ ट्रैफिक पुलिस गार्ड ने शिकायतें मिलने के बाद प्रारंभिक जाँच शुरू की थी। अब तीनों के खिलाफ विभागीय जाँच चल रही है, जिसमें वसूली की अवधि, प्रकृति और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों का पता लगाया जाएगा।
सिविक वॉलंटियर को सस्पेंड क्यों नहीं किया गया, बल्कि सेवामुक्त किया गया?
सिविक वॉलंटियर कोलकाता पुलिस के नियमित बल का हिस्सा नहीं होते, इसलिए उनके मामले में निलंबन की जगह सेवामुक्ति की प्रक्रिया अपनाई जाती है। अली हसन मुल्ला को ड्यूटी से हटाकर सेवामुक्त कर दिया गया और उनके खिलाफ भी विभागीय जाँच जारी है।
क्या इस मामले में वाहन चालकों को प्रताड़ित भी किया जाता था?
जाँचकर्ता इस पहलू की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या पैसे देने से इनकार करने पर वाहन चालकों को परेशान किया जाता था। अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या कार्रवाई होगी?
विभागीय जाँच पूरी होने के बाद तीनों के खिलाफ आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी। कोलकाता पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी के दौरान किसी भी अवैध वसूली से सख्ती से निपटा जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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