भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: CM सुवेंदु अधिकारी ने रामपुर चेकपोस्ट के 2 इंस्पेक्टर निलंबित किए
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 24 जुलाई 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि राज्य प्रशासन में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पश्चिम बर्दवान जिले के रामपुर चेकपोस्ट पर एक ट्रक चालक से हुई अवैध वसूली का विशेष उल्लेख करते हुए दो मोटर व्हीकल इंस्पेक्टरों को तत्काल निलंबित करने की जानकारी दी।
क्या था पूरा मामला
ट्रक मालिक दीपक सिंह और चालक शिवा यादव का माल वाहन सर्विसिंग के बाद गैरेज लौट रहा था। इसी दौरान रामपुर चेकपोस्ट पर तैनात अधिकारियों ने ट्रक को कथित तौर पर गलत तरीके से रोका और चालक पर रिश्वत देने का दबाव बनाया। जब शिवा यादव ने रिश्वत देने से इनकार किया, तो ट्रक जब्त कर लिया गया और ₹22,000 की माँग की गई। आरोप है कि यह राशि उस टैक्स के नाम पर माँगी गई जिसे राज्य सरकार पहले ही समाप्त कर चुकी है।
सरकार की तत्काल कार्रवाई
शिकायत मिलते ही परिवहन विभाग ने त्वरित कदम उठाते हुए रामपुर चेकपोस्ट पर तैनात मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर नाजिमुल हक और अनुपम बनर्जी को पश्चिम बंगाल सर्विसेज (क्लासिफिकेशन, कंट्रोल एंड अपील) रूल्स, 1971 के नियम 7(1)(ए) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पूरे प्रकरण को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को सौंपा गया है ताकि आपराधिक जाँच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।
CM का प्रशासन को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री अधिकारी ने अपनी एक्स पोस्ट में निर्देश दिया कि जिन वाहनों को गलत तरीके से रोका गया है, उन्हें तत्काल छोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टरों के साथ अवैध वसूली या उत्पीड़न में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी के विरुद्ध सबसे कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार की 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' के तहत प्रशासन को पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचारमुक्त बनाना लक्ष्य बताया गया।
व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में परिवहन क्षेत्र में चेकपोस्ट-स्तरीय वसूली की शिकायतें पहले भी उठती रही हैं। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा कुछ करों को समाप्त किए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर उनके नाम पर वसूली जारी रहना एक गंभीर प्रशासनिक चुनौती को उजागर करता है।
आगे क्या होगा
एंटी करप्शन ब्यूरो अब निलंबित इंस्पेक्टरों के विरुद्ध आपराधिक जाँच करेगा। मुख्यमंत्री के इस कदम के बाद राज्यभर के चेकपोस्टों पर तैनात अधिकारियों को स्पष्ट संकेत मिल गया है कि अवैध वसूली की स्थिति में तत्काल निलंबन और आपराधिक कार्रवाई दोनों का सामना करना पड़ सकता है।