कोंकण में आम-काजू की 80-90% फसल बर्बाद, राजू शेट्टी के नेतृत्व में मुंबई में किसान आंदोलन
सारांश
मुख्य बातें
स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के अध्यक्ष और पूर्व सांसद राजू शेट्टी के नेतृत्व में शुक्रवार, 15 मई को मुंबई के गिरगांव चौपाटी पर हजारों किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में बेमौसम बारिश, तापमान के उतार-चढ़ाव और जलवायु परिवर्तन के कारण आम और काजू की फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। किसानों के अनुसार कई इलाकों में 80 से 90 प्रतिशत तक फसल नष्ट हो गई है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शन गिरगांव चौपाटी से शुरू हुआ, जिसके बाद एक विरोध मार्च मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास 'वर्षा' तक निकाला जाना था। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कोंकण के बागवान किसान और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन को लेकर मुंबई पुलिस ने राजू शेट्टी समेत संगठन के 11 नेताओं को पूर्व में नोटिस जारी किया था।
किसानों पर आर्थिक असर
आम और काजू की खेती पर निर्भर कोंकण के हजारों परिवार इस समय गंभीर आर्थिक संकट में हैं। किसानों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का कोई भरोसा नहीं रहा, जिससे फसल उत्पादन पर साल-दर-साल असर पड़ रहा है। गौरतलब है कि कोंकण क्षेत्र देश के प्रमुख आम और काजू उत्पादक क्षेत्रों में से एक है, और यहाँ की अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर इन्हीं फसलों पर टिकी है।
सरकार की प्रतिक्रिया और आरोप
राजू शेट्टी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। उनके अनुसार, फसल बर्बादी के बावजूद प्रभावित किसानों को न पर्याप्त सहायता मिल रही है और न ही उचित मुआवजा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
किसानों ने तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — तत्काल सर्वे, नुकसान का उचित आकलन, और प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में कृषि संकट को लेकर किसान संगठन पहले से ही सक्रिय हैं।
पुलिस की तैयारी
मुंबई पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने दी जाएगी।
क्या होगा आगे
किसान संगठन का दबाव बढ़ने के साथ अब नज़रें महाराष्ट्र सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि सरकार ने शीघ्र सर्वे और मुआवजे की घोषणा नहीं की, तो आंदोलन के और व्यापक होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।