ITBP आधुनिकीकरण पर शिवसेना का विपक्ष पर हमला: कृष्णा हेगड़े बोले — रक्षा रणनीति की बुनियादी समझ नहीं
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के हथियार आधुनिकीकरण के मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जब ITBP के महानिदेशक स्वयं ड्रोन, आर्टिलरी, मशीन गन, AK-47/56 और रॉकेट लॉन्चर जैसे आधुनिक हथियारों की ज़रूरत बता रहे हैं, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए।
हेगड़े का बयान: आधुनिकीकरण राष्ट्रहित में
हेगड़े ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'अगर ITBP के डायरेक्टर जनरल कह रहे हैं कि ट्रूप्स के हथियारों का आधुनिकीकरण होना चाहिए, ड्रोन लेने चाहिए, आर्टिलरी लेनी चाहिए, मशीन गन लेनी चाहिए, AK-47 और AK-56 जैसी राइफलें लेनी चाहिए, रॉकेट लॉन्चर लेने चाहिए — तो यह देश के लिए अच्छा है।'
उन्होंने कहा कि भारत की सीमाएँ चहुँ ओर से संवेदनशील हैं — एक तरफ बांग्लादेश, दूसरी तरफ चीन और पाकिस्तान, और एक तरफ श्रीलंका। ऐसे में केवल ITBP ही नहीं, बल्कि थलसेना, वायुसेना और नौसेना — तीनों में आधुनिकीकरण अनिवार्य है।
ऑपरेशन सिंदूर से गलवान तक: अनुभव का हवाला
हेगड़े ने हाल की सुरक्षा घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में राफेल विमानों और आधुनिक तोपखाने ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कारगिल के टाइगर हिल ऑपरेशन और गलवान में चीनी सेना को दिए गए मुंहतोड़ जवाब का भी ज़िक्र किया। बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल द्वारा घुसपैठियों से निपटने के तरीके की भी उन्होंने सराहना की।
उन्होंने कहा, 'दुनिया के कई देश अरबों-खरबों रुपए रक्षा आधुनिकीकरण पर खर्च करते हैं। भारत भी यही कर रहा है और इस पर हमें गर्व होना चाहिए।'
कांग्रेस पर निशाना: पुरानी नीतियों का हवाला
शिवसेना प्रवक्ता ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी को इस विषय की पर्याप्त समझ नहीं है और वह पुराने मुद्दों को उठाकर ITBP को निशाना बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल में अरुणाचल प्रदेश के कथित तौर पर चीन को सौंपे गए क्षेत्रों और उस दौर में लिए गए निर्णयों का हवाला भी दिया। उन्होंने कहा कि तब 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' का नारा दिया गया था, लेकिन वास्तविकता अलग निकली।
मोदी सरकार की सराहना
हेगड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चीन के साथ संवाद और समझौते भी हुए हैं, फिर भी भारत आत्मनिर्भर रक्षा तैयारी की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार इस दिशा में सक्षमता से काम कर रही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ITBP के आधुनिकीकरण पर संसदीय चर्चा और राजनीतिक बहस तेज़ हो रही है।