23 अक्टूबर 2026
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ITBP आधुनिकीकरण पर शिवसेना का विपक्ष पर हमला: कृष्णा हेगड़े बोले — रक्षा रणनीति की बुनियादी समझ नहीं

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ITBP आधुनिकीकरण पर शिवसेना का विपक्ष पर हमला: कृष्णा हेगड़े बोले — रक्षा रणनीति की बुनियादी समझ नहीं

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने ITBP आधुनिकीकरण पर विपक्ष की आलोचना को खारिज करते हुए कहा — रक्षा रणनीति की बुनियादी समझ नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर से गलवान तक उदाहरण देकर उन्होंने आधुनिक हथियारों को राष्ट्रीय ज़रूरत बताया और कांग्रेस के शासनकाल पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने 23 अक्टूबर 2026 को ITBP के हथियार आधुनिकीकरण के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया।
ITBP के महानिदेशक ने ड्रोन, आर्टिलरी, AK-47/56 , मशीन गन और रॉकेट लॉन्चर की ज़रूरत बताई है।
हेगड़े ने ऑपरेशन सिंदूर , कारगिल और गलवान का हवाला देते हुए आधुनिक हथियारों की अहमियत रेखांकित की।
कांग्रेस पर आरोप — कथित तौर पर पार्टी ITBP को निशाना बना रही है, जबकि उसके शासनकाल में रक्षा नीतियाँ कमज़ोर रहीं।
हेगड़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रक्षा आधुनिकीकरण की दिशा में हो रहे प्रयासों की सराहना की।

शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के हथियार आधुनिकीकरण के मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जब ITBP के महानिदेशक स्वयं ड्रोन, आर्टिलरी, मशीन गन, AK-47/56 और रॉकेट लॉन्चर जैसे आधुनिक हथियारों की ज़रूरत बता रहे हैं, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए।

हेगड़े का बयान: आधुनिकीकरण राष्ट्रहित में

हेगड़े ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'अगर ITBP के डायरेक्टर जनरल कह रहे हैं कि ट्रूप्स के हथियारों का आधुनिकीकरण होना चाहिए, ड्रोन लेने चाहिए, आर्टिलरी लेनी चाहिए, मशीन गन लेनी चाहिए, AK-47 और AK-56 जैसी राइफलें लेनी चाहिए, रॉकेट लॉन्चर लेने चाहिए — तो यह देश के लिए अच्छा है।'

उन्होंने कहा कि भारत की सीमाएँ चहुँ ओर से संवेदनशील हैं — एक तरफ बांग्लादेश, दूसरी तरफ चीन और पाकिस्तान, और एक तरफ श्रीलंका। ऐसे में केवल ITBP ही नहीं, बल्कि थलसेना, वायुसेना और नौसेना — तीनों में आधुनिकीकरण अनिवार्य है।

ऑपरेशन सिंदूर से गलवान तक: अनुभव का हवाला

हेगड़े ने हाल की सुरक्षा घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में राफेल विमानों और आधुनिक तोपखाने ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कारगिल के टाइगर हिल ऑपरेशन और गलवान में चीनी सेना को दिए गए मुंहतोड़ जवाब का भी ज़िक्र किया। बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल द्वारा घुसपैठियों से निपटने के तरीके की भी उन्होंने सराहना की।

उन्होंने कहा, 'दुनिया के कई देश अरबों-खरबों रुपए रक्षा आधुनिकीकरण पर खर्च करते हैं। भारत भी यही कर रहा है और इस पर हमें गर्व होना चाहिए।'

कांग्रेस पर निशाना: पुरानी नीतियों का हवाला

शिवसेना प्रवक्ता ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी को इस विषय की पर्याप्त समझ नहीं है और वह पुराने मुद्दों को उठाकर ITBP को निशाना बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल में अरुणाचल प्रदेश के कथित तौर पर चीन को सौंपे गए क्षेत्रों और उस दौर में लिए गए निर्णयों का हवाला भी दिया। उन्होंने कहा कि तब 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' का नारा दिया गया था, लेकिन वास्तविकता अलग निकली।

मोदी सरकार की सराहना

हेगड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चीन के साथ संवाद और समझौते भी हुए हैं, फिर भी भारत आत्मनिर्भर रक्षा तैयारी की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार इस दिशा में सक्षमता से काम कर रही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ITBP के आधुनिकीकरण पर संसदीय चर्चा और राजनीतिक बहस तेज़ हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें रक्षा आधुनिकीकरण को पार्टी-लाइन पर बाँटा जाता है। असली सवाल यह नहीं कि हथियार चाहिए या नहीं — यह तो सर्वसम्मत है — बल्कि यह है कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता कितनी है। ऑपरेशन सिंदूर और गलवान का उल्लेख राजनीतिक आख्यान बनाने में कारगर है, लेकिन ITBP की वास्तविक परिचालन ज़रूरतें एक तकनीकी और बजटीय प्रश्न हैं, जिन्हें संसदीय समितियों में तथ्यों के आधार पर सुलझाया जाना चाहिए — न कि प्रेस वार्ताओं में।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ITBP के हथियार आधुनिकीकरण का विवाद क्या है?
ITBP के महानिदेशक ने ट्रूप्स के लिए ड्रोन, आर्टिलरी, AK-47/56 राइफलें, मशीन गन और रॉकेट लॉन्चर जैसे आधुनिक हथियारों की माँग की है। विपक्ष ने इस पर सवाल उठाए, जिसके जवाब में शिवसेना ने विपक्ष की आलोचना की।
कृष्णा हेगड़े ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने कहा कि विपक्ष को रक्षा रणनीति की बुनियादी समझ नहीं है और वह पुराने मुद्दे उठाकर ITBP को सीधे निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल में अरुणाचल प्रदेश को लेकर की गई कथित नीतिगत चूकों का भी हवाला दिया।
ऑपरेशन सिंदूर का इस बहस से क्या संबंध है?
हेगड़े ने ऑपरेशन सिंदूर में राफेल विमानों और आधुनिक तोपखाने की भूमिका का उल्लेख कर यह तर्क दिया कि आधुनिक हथियार वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में निर्णायक साबित होते हैं। यह उदाहरण ITBP आधुनिकीकरण की ज़रूरत को उचित ठहराने के लिए दिया गया।
भारत की कौन-सी सीमाएँ सुरक्षा के लिहाज़ से संवेदनशील हैं?
हेगड़े के अनुसार, भारत की सीमाएँ बांग्लादेश, चीन, पाकिस्तान और श्रीलंका से लगती हैं। इसीलिए उन्होंने कहा कि केवल ITBP नहीं, बल्कि थलसेना, वायुसेना और नौसेना — तीनों का आधुनिकीकरण ज़रूरी है।
मोदी सरकार के बारे में हेगड़े ने क्या कहा?
हेगड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चीन के साथ संवाद भी हुआ है और सुरक्षा आधुनिकीकरण भी तेज़ गति से जारी है। उनके अनुसार, मौजूदा सरकार रक्षा तैयारी की दिशा में सक्षमता से काम कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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