23 जुलाई 2026
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आदिलाबाद सीसीआई प्लांट पुनरुद्धार पर केटीआर का सीएम रेवंत रेड्डी को खुला पत्र, ₹250 करोड़ के योगदान पर जवाब माँगा

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आदिलाबाद सीसीआई प्लांट पुनरुद्धार पर केटीआर का सीएम रेवंत रेड्डी को खुला पत्र, ₹250 करोड़ के योगदान पर जवाब माँगा

सारांश

केटीआर का यह खुला पत्र सिर्फ एक राजनीतिक आरोप नहीं — यह आदिलाबाद के हजारों परिवारों की आजीविका का सवाल है। केंद्र ने ₹250 करोड़ राज्य योगदान की शर्त रख दी है, और ढाई साल बाद भी तेलंगाना सरकार का जवाब नहीं आया है।

मुख्य बातें

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने 22 जुलाई 2026 को सीएम रेवंत रेड्डी को खुला पत्र लिखकर आदिलाबाद सीसीआई प्लांट पुनरुद्धार पर आधिकारिक रुख माँगा।
कुमारस्वामी ने 15 जुलाई को बैठक में स्पष्ट किया कि प्लांट पुनरुद्धार के लिए तेलंगाना सरकार को ₹250 करोड़ का योगदान देना होगा।
केटीआर के अनुसार, राज्य सरकार ने ढाई साल में न कोई औपचारिक प्रस्ताव सौंपा, न प्रोत्साहन देने की इच्छा जाहिर की।
सीएम रेवंत रेड्डी ने चुनाव प्रचार और पद संभालने के बाद सीसीआई प्लांट पुनरुद्धार का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ।
पूर्व बीआरएस सरकार ने 49:51 इक्विटी मॉडल पर केंद्र-राज्य संयुक्त उद्यम और टीएस-आईपास प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव दिया था।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव (केटीआर) ने 22 जुलाई 2026 को तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को एक खुला पत्र लिखकर माँग की है कि राज्य की कांग्रेस सरकार आदिलाबाद स्थित सीमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) प्लांट के पुनरुद्धार पर अपना आधिकारिक रुख तत्काल स्पष्ट करे। केटीआर के अनुसार, यह मुद्दा केवल एक बंद कारखाने को खोलने तक सीमित नहीं है — इससे हजारों परिवारों की आजीविका, आदिलाबाद जिले का औद्योगिक भविष्य और तेलंगाना का समग्र आर्थिक विकास सीधे जुड़ा हुआ है।

नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से मुलाकात और ₹250 करोड़ की शर्त

केटीआर ने अपने पत्र में 15 जुलाई को नई दिल्ली में सीसीआई साधना समिति के प्रतिनिधियों के साथ की गई यात्रा का विवरण दिया। इस यात्रा में बीआरएस प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी से मुलाकात कर आदिलाबाद सीसीआई प्लांट के पुनरुद्धार की माँग वाला ज्ञापन सौंपा। केटीआर के अनुसार, बैठक में केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि प्लांट को फिर से शुरू करना तभी संभव होगा जब तेलंगाना सरकार राज्य की ओर से ₹250 करोड़ का योगदान देने के लिए आगे आए।

देरी की वजह: राज्य सरकार का कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं

केटीआर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का रवैया सकारात्मक होने के बावजूद तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने न तो कोई औपचारिक प्रस्ताव सौंपा, न ही प्रोत्साहन देने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने खुद प्रतिनिधिमंडल को बताया कि प्रक्रिया में हुई देरी का कारण राज्य सरकार की निष्क्रियता है। ढाई साल से अधिक समय की इस देरी को केटीआर ने कांग्रेस सरकार की प्रतिबद्धता की कमी का प्रमाण बताया।

चुनावी वादे और मुख्यमंत्री की जवाबदेही

केटीआर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को याद दिलाया कि उन्होंने आदिलाबाद में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सीसीआई प्लांट को फिर से शुरू करने का वादा किया था और पद संभालने के बाद भी इस प्रतिबद्धता को सार्वजनिक रूप से दोहराया था। केटीआर का कहना है कि वे वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र के साथ बुनियादी आधिकारिक संवाद स्थापित करने और आवश्यक प्रस्ताव सौंपने में भी नाकाम रही है।

बीआरएस सरकार के पुराने प्रयास

पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने प्लांट के पुनरुद्धार के लिए प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखा था। तत्कालीन उद्योग मंत्री के रूप में केटीआर ने तत्कालीन केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते को भी पत्र लिखकर आदिलाबाद सीसीआई यूनिट को पुनः शुरू करने का अनुरोध किया था। बीआरएस सरकार ने पुनरुद्धार की स्थिति में प्लांट को सभी टीएस-आईपास प्रोत्साहन देने की पेशकश की थी और रामागुंडम फर्टिलाइजर प्लांट की तर्ज पर 49:51 या 51:49 इक्विटी मॉडल पर केंद्र-राज्य संयुक्त उद्यम का प्रस्ताव भी दिया था। यह भी प्रस्तावित था कि यदि केंद्र प्लांट संचालन जारी न रखे, तो राज्य इसे स्वतंत्र रूप से अपने हाथ में लेने को तैयार है।

आगे क्या होगा

केटीआर के इस खुले पत्र से आदिलाबाद सीसीआई प्लांट का मुद्दा एक बार फिर तेलंगाना की राजनीति में केंद्र में आ गया है। अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं — क्या राज्य सरकार ₹250 करोड़ के योगदान पर अपना रुख स्पष्ट करेगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

या फिर अपने चुनावी वादों पर सफाई देनी होगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आदिलाबाद सीसीआई प्लांट क्या है और यह बंद क्यों है?
आदिलाबाद सीसीआई प्लांट, सीमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की एक इकाई है जो तेलंगाना के आदिलाबाद जिले में स्थित है। यह प्लांट कई वर्षों से बंद पड़ा है और इसके पुनरुद्धार के लिए केंद्र व राज्य दोनों स्तरों पर संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है।
केटीआर ने सीएम रेवंत रेड्डी को खुला पत्र क्यों लिखा?
केटीआर ने 22 जुलाई 2026 को यह पत्र इसलिए लिखा क्योंकि केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने 15 जुलाई की बैठक में स्पष्ट किया कि प्लांट पुनरुद्धार के लिए तेलंगाना सरकार को ₹250 करोड़ का योगदान देना होगा। केटीआर के अनुसार, राज्य सरकार ने ढाई साल में न कोई प्रस्ताव सौंपा और न ही अपना रुख स्पष्ट किया।
आदिलाबाद सीसीआई प्लांट को फिर से शुरू करने के लिए क्या शर्त है?
केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने बीआरएस प्रतिनिधिमंडल को बताया कि प्लांट पुनरुद्धार तभी संभव होगा जब तेलंगाना सरकार राज्य की ओर से ₹250 करोड़ का योगदान देने के लिए आगे आए। केटीआर का आरोप है कि राज्य सरकार ने अब तक इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
पूर्व बीआरएस सरकार ने सीसीआई प्लांट के लिए क्या प्रस्ताव दिए थे?
पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखा था। बीआरएस सरकार ने प्लांट को टीएस-आईपास प्रोत्साहन देने, रामागुंडम फर्टिलाइजर प्लांट की तर्ज पर 49:51 या 51:49 इक्विटी मॉडल पर केंद्र-राज्य संयुक्त उद्यम और यदि केंद्र तैयार न हो तो स्वतंत्र रूप से प्लांट संचालन का प्रस्ताव भी दिया था।
इस मुद्दे का आदिलाबाद की जनता पर क्या असर है?
सीसीआई प्लांट के बंद रहने से आदिलाबाद और आस-पास के इलाकों में हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित है। केटीआर के अनुसार, प्लांट के पुनरुद्धार से न केवल प्रत्यक्ष रोजगार मिलेंगे बल्कि जिले के समग्र औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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