कुणाल गांजावाला: विभिन्न भाषाओं में माहिर गायक, एक गाने ने किया सबको दीवाना
सारांश
Key Takeaways
- कुणाल गांजावाला एक बहुभाषीय गायक हैं।
- उन्होंने बॉलीवुड और क्षेत्रीय भाषाओं में गाने गाए हैं।
- उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
- उनका उपनाम 'गांजावाला' एक रोचक इतिहास रखता है।
- कुणाल ने 2005 में गायत्री अय्यर से विवाह किया।
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कुणाल गांजावाला एक प्रसिद्ध भारतीय प्लेबैक सिंगर हैं। उनका जन्म १४ अप्रैल १९७२ को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। वे मुख्यतः बॉलीवुड फिल्मों के लिए गाते हैं, लेकिन कन्नड़, बंगाली, और मराठी जैसी कई भाषाओं में भी उन्होंने गाने रिकॉर्ड किए हैं।
कुणाल को फिल्म 'मर्डर' (२००४) के लोकप्रिय गाने 'भीगे होंठ तेरे' से पहचान मिली, जिसने उन्हें अपनी सुरीली और रोमांटिक गायकी के लिए बेहद मशहूर बना दिया। उन्होंने कई हिट गाने गाए हैं, जैसे 'धूम' का 'सलामे' और 'दिल कह रहा है', और उन्हें विशेष रूप से २००० के दशक की शुरुआत के एक भावुक गायक के रूप में जाना जाता है।
उन्होंने अनेक कन्नड़ गानों में अपनी आवाज दी है। इसके साथ ही उन्होंने बंगाली, तमिल, तेलुगु, मराठी, पंजाबी, मलयालम, ओडिया और असमिया जैसी विभिन्न भाषाओं में गाए हैं। कुणाल न केवल अपने गानों के लिए बल्कि अपने उपनाम के कारण भी चर्चा में रहे हैं।
कुणाल ने एक बार अपने उपनाम के पीछे की दिलचस्प कथा साझा की थी। उन्होंने बताया कि उनका यह उपनाम ब्रिटिश काल से जुड़ा है। उस समय उनके परिवार ने चिकित्सीय उद्देश्यों के लिए गांजे की खेती की थी। पहले यह एक पेशा था, लेकिन इसे बाद में अवैध कर दिया गया। इसी वजह से उनका नाम 'गांजावाला' पड़ा।
कुणाल ने कहा कि यह व्यवसाय भारत छोड़ो आंदोलन तक जारी रहा, जब महात्मा गांधी ने आत्मनिर्भरता का आह्वान किया। इसके बाद उनके परिवार ने अन्य कार्यों की ओर रुख किया और गांजे की खेती बंद कर दी।
कुणाल का कहना है कि क्षेत्रीय भाषाओं में गाने लोगों के दिलों को छू लेते हैं। उन्होंने बताया कि हिंदी के माध्यम से हम लोगों के घरों तक पहुँच सकते हैं, किंतु क्षेत्रीय भाषाओं में गाने गाकर हम लोगों के दिलों में स्थान बना सकते हैं।
साल २००५ में कुणाल ने प्रसिद्ध गायिका गायत्री अय्यर-गांजावाला से विवाह किया।
कुणाल गांजावाला को 'भीगे होंठ तेरे' के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले हैं। उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार में सबसे अच्छे पुरुष पार्श्व गायक और आर.डी. बर्मन पुरस्कार से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त, उन्हें आईफा पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायन और जी सिने पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक का पुरस्कार मिला। वर्ष २००६ में उन्हें स्टार गिल्ड पुरस्कार में भी सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक के रूप में सम्मानित किया गया।