क्या ओवैसी पाकिस्तान जाकर अपना सपना पूरा कर सकते हैं? : संजय निरुपम
सारांश
Key Takeaways
- ओवैसी का सपना भारत में पूरा नहीं हो सकता, निरुपम का कहना है।
- लाडकी बहन योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता देती है।
- राज ठाकरे ने मुंबई की तारीफ की।
- आचार संहिता के तहत योजनाओं पर चर्चा।
- सामाजिक एकता की आवश्यकता।
मुंबई, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने सांसद असदुद्दीन ओवैसी के हिजाब से जुड़े बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो सपना उन्होंने देखा है, वह भारत में रहकर साकार नहीं हो सकता। अगर वे पाकिस्तान चले जाएंगे, तो शायद उनका सपना पूरा हो जाएगा।
मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि ओवैसी का यह कहना सही है कि हिजाब पहनने वाली महिला प्रधानमंत्री बनेगी, लेकिन वह हिंदुस्तान की प्रधानमंत्री नहीं बनेगी। यदि ओवैसी को यह उम्मीद है, तो उन्हें हिंदुस्तान छोड़कर रजाकारों की तरह पाकिस्तान जाना होगा।
राज ठाकरे पर संजय निरुपम ने कहा कि भाजपा नेता अन्नामलाई मलाड इलाके में तमिल समुदाय के बीच अपने पार्टी के उम्मीदवार का प्रचार करने आए थे और इस दौरान उन्होंने मुंबई की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुंबई एक विश्वस्तरीय शहर है, और यह सच है कि पूरी दुनिया के प्रमुख शहरों में मुंबई भी शामिल है। राज ठाकरे का बयान महाराष्ट्र नहीं स्वीकार करेगा।
शिवसेना नेता ने कहा कि विपक्ष शुरू से ही लाडकी बहन योजना के खिलाफ रहा है। जब एकनाथ शिंदे ने यह योजना शुरू की थी, तब कांग्रेस ने कहा था कि वे सत्ता में आने पर इसे समाप्त कर देंगे। यूबीटी वाले भी इस योजना के खिलाफ बोलते थे। अंततः महाराष्ट्र की माताओं और बहनों ने दोनों पार्टियों को नकार दिया। इस योजना के तहत हर महीने महिलाओं के बैंक खातों में सहायता राशि दी जाती है। यह योजना लगातार चल रही है। विपक्ष इस पर हल्ला कर रहा है कि चुनाव के समय पैसे क्यों दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आचार संहिता के तहत कोई नई कल्याणकारी योजनाएं शुरू नहीं की जा सकतीं, लेकिन पहले से चल रही योजनाओं को नहीं रोका जा सकता। अगर आचार संहिता के तहत योजनाएं बंद कर दी जाएं, तो क्या राशन की दुकानों को भी बंद कर देना चाहिए? इस योजना से ढाई करोड़ महिलाओं को शक्ति मिलती है, उस शक्ति को कैसे रोका जा सकता है?
उन्होंने बिहार की जीविका योजना का उदाहरण दिया, जिसमें राज्य सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सहायता राशि देती है ताकि वे लघु उद्योग स्थापित कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। यदि सरकार ने कोई योजना शुरू की है, तो विपक्ष चाहे कितना भी विरोध करे, लेकिन लगता है कि विपक्षी दल महिलाओं के विरोधी हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना कांग्रेस के रास्ते पर चल रही है। चंद मुस्लिम वोटों के लिए कांग्रेस ने हिन्दुत्व का अपमान किया, और उद्धव ठाकरे भी चंद मुस्लिम वोटों के लिए हिन्दुओं का अपमान कर रहे हैं।