22 जुलाई 2026
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लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन का ईरान पर कड़ा प्रहार — 'हमारे देश को अमेरिका से बातचीत में मोहरा न बनाएं'

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लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन का ईरान पर कड़ा प्रहार — 'हमारे देश को अमेरिका से बातचीत में मोहरा न बनाएं'

सारांश

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने ईरान को सीधे शब्दों में चेताया — तेहरान, अमेरिका से बातचीत में हमारे देश को मोहरा न समझे। यह बयान तब आया जब इजरायली हमलों में दक्षिणी लेबनान में नौ लोगों की जान गई और हजारों विस्थापित हुए।

मुख्य बातें

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने 6 जून 2026 को ईरान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि तेहरान लेबनान को अमेरिका से वार्ता में मोलभाव का हथियार बना रहा है।
प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने लेबनान के नागरिकों से अपील की कि देश को किसी बाहरी ताकत की युद्धभूमि नहीं बनने देंगे।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने मांग की थी कि इजरायल के लेबनान से सैनिक वापस बुलाए बिना क्षेत्र में शांति संभव नहीं।
इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के नौ गांवों को खाली करने की चेतावनी दी; हमलों में 9 लोगों की मौत की पुष्टि।
इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष तीन महीने से अधिक समय से जारी है।

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने 6 जून 2026 को ईरान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि तेहरान को वाशिंगटन के साथ चल रही परमाणु और सीजफायर वार्ता में लेबनान को मोलभाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल करना बंद करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया जब इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के कई हिस्सों पर हमले तेज कर दिए हैं और नौ गांवों को खाली करने की चेतावनी जारी की है।

राष्ट्रपति औन का सीधा संदेश

एक अमेरिकी टेलीविजन चैनल को दिए साक्षात्कार में राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा, 'हमारे देश में दखल देना आपका काम नहीं है। मैं इस बयान को पूरी तरह से खारिज करता हूं, क्योंकि हमारे लोग मारे जा रहे हैं। हमारे घर तबाह किए जा रहे हैं।' यह प्रतिक्रिया ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड के उस बयान के जवाब में थी, जिसमें कहा गया था कि जब तक इजरायल लेबनान से अपने सैनिकों को वापस नहीं बुलाता, इलाके में शांति संभव नहीं होगी।

प्रधानमंत्री सलाम की अपील

लेबनानी प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने भी एक अलग बयान में लेबनान के नागरिकों से अपील की कि वे अपने देश के हित को सर्वोपरि रखें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लेबनान अब किसी बाहरी ताकत के लिए युद्धभूमि नहीं बनेगा। लेबनान सरकार और इजरायल के बीच हाल ही में हुए नए सीजफायर समझौते का ईरान द्वारा विरोध किए जाने पर दोनों नेताओं ने एकजुट होकर तेहरान की आलोचना की।

ईरान की मांग और विवाद की जड़

ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ किसी भी पक्के समझौते में लेबनान में सीजफायर को भी शामिल किया जाना चाहिए। हालांकि, इजरायल इस शर्त से सहमत नहीं है। आलोचकों का कहना है कि ईरान वर्षों से हिज्बुल्लाह के माध्यम से लेबनान की धरती पर अपने रणनीतिक हित साधता आया है, और अब वार्ता की मेज पर भी लेबनान को एक 'प्रॉक्सी कार्ड' की तरह खेल रहा है। गौरतलब है कि इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच यह संघर्ष तीन महीने से अधिक समय से जारी है।

ज़मीनी हालात: हमले और विस्थापन

इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों पर हमले जारी रखे हैं। सरकारी समाचार एजेंसी के हवाले से बताया गया है कि इन हमलों में दक्षिणी लेबनान के छह स्थानों पर नौ लोग मारे गए। युद्ध के कारण बेघर हुए हजारों लोगों ने उन्हीं गांवों में शरण ली हुई है जिन्हें खाली करने के आदेश दिए गए हैं, जिससे मानवीय संकट और गहरा हो गया है।

आगे क्या होगा

लेबनानी नेतृत्व की यह खुली नाराज़गी मध्य-पूर्व की कूटनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। यह पहली बार है जब बेरूत ने इतनी सीधे भाषा में तेहरान को चुनौती दी है। अब देखना होगा कि अमेरिका-ईरान वार्ता में लेबनान का मुद्दा किस दिशा में जाता है और क्या इजरायल दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना वापस बुलाने पर सहमत होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब लेबनान की सेना और संस्थाएं अभी भी हिज्बुल्लाह के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त नहीं हैं। ईरान का 'प्रॉक्सी मॉडल' लेबनान में दशकों से चल रहा है और उसे केवल बयानों से नहीं तोड़ा जा सकता। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि लेबनान की यह नाराज़गी अमेरिका-ईरान वार्ता में बेरूत को एक स्वतंत्र आवाज़ दे सकती है — लेकिन केवल तभी, जब इजरायल के हमले थमें और लेबनान की सरकार अपनी ज़मीन पर वास्तविक संप्रभुता स्थापित कर सके।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने ईरान की आलोचना क्यों की?
राष्ट्रपति जोसेफ औन ने ईरान पर आरोप लगाया कि तेहरान अमेरिका के साथ चल रही वार्ता में लेबनान को मोलभाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब लेबनान के लोग मारे जा रहे हैं और घर तबाह हो रहे हैं, तब ईरान का लेबनान के मामलों में दखल देना स्वीकार्य नहीं है।
ईरान की अमेरिका से वार्ता में लेबनान का मुद्दा क्या है?
ईरान चाहता है कि अमेरिका के साथ किसी भी पक्के समझौते में लेबनान में सीजफायर को भी शामिल किया जाए। इजरायल इस शर्त से असहमत है, और लेबनान के नेता इसे अपने देश की संप्रभुता पर अतिक्रमण मानते हैं।
दक्षिणी लेबनान में ताज़ा हमलों में कितने लोग मारे गए?
सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार इजरायली हमलों में दक्षिणी लेबनान के छह स्थानों पर नौ लोग मारे गए। इजरायली सेना ने नौ गांवों को खाली करने की चेतावनी भी जारी की है।
हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच संघर्ष कितने समय से जारी है?
इजरायल और ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के बीच यह संघर्ष तीन महीने से अधिक समय से जारी है। इस दौरान हजारों लोग विस्थापित हुए हैं और दक्षिणी लेबनान में मानवीय संकट गहरा गया है।
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने लेबनान के नागरिकों से अपील की कि वे अपने देश के हित को सर्वोपरि रखें और लेबनान को किसी बाहरी ताकत की युद्धभूमि नहीं बनने देंगे। उन्होंने ईरान द्वारा नए सीजफायर समझौते का विरोध किए जाने की भी निंदा की।
राष्ट्र प्रेस
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