उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलों में नशा-मुक्त पदयात्रा पूरी की, पुंछ से दिया कड़ा संदेश
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 7 जून 2026 को पुंछ जिले में 'नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर' अभियान की पदयात्रा में भाग लेकर केंद्र शासित प्रदेश के सभी 20 जिलों में यह यात्रा पूरी की। इस अवसर पर उन्होंने नशीले पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े आतंकवाद के विरुद्ध समाजव्यापी अभियान को और तेज करने का आह्वान किया।
पदयात्रा का उद्देश्य और दायरा
उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि इस पदयात्रा का लक्ष्य स्पष्ट है — जम्मू-कश्मीर की धरती को नशे के प्रकोप से मुक्त करना और नशीले पदार्थों से वित्त पोषित आतंकवाद को जड़ से समाप्त करना। उन्होंने कहा कि पुंछ जैसे सीमावर्ती जिले में भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर तस्कर युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं और साथ ही आतंकी नेटवर्क को धन मुहैया करा रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले 43 दिनों तक प्रत्येक नागरिक, पंचायत और वार्ड को तस्करों व दलालों के विरुद्ध एकजुट होकर जागरूकता फैलानी होगी और पुनर्वास कार्यक्रमों में तेजी लानी होगी।
पिछले 57 दिनों की कार्रवाई के आंकड़े
उपराज्यपाल ने बताया कि 57 दिनों के अभियान के दौरान जम्मू-कश्मीर में नशे के नेटवर्क पर व्यापक कार्रवाई की गई। 1,038 एफआईआर दर्ज कर 1,130 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पीआईटी-एनडीपीएस (नशीले पदार्थों और मनोरोग पदार्थों की अवैध तस्करी की रोकथाम अधिनियम, 1988) के तहत 63 लोगों को हिरासत में लिया गया और 100 से अधिक संपत्तियाँ जब्त की गईं।
इसके अतिरिक्त, 700 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए गए और 130 पासपोर्ट निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि इन अपराधियों को पूरी तरह निष्क्रिय किया जा सके।
सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर
सिन्हा ने 'यह मेरी समस्या नहीं है' वाली मानसिकता को नशे के प्रसार का बड़ा कारण बताया। उनके अनुसार, जनता की चुप्पी तस्करों को अपना नेटवर्क विस्तार करने का अवसर देती है। उन्होंने कहा, "सच्चा बदलाव तभी आता है जब समुदाय एकजुट होते हैं — नशामुक्त समाज वे लोग बनाते हैं जो खुलकर बोलने और कार्रवाई करने का साहस दिखाते हैं।"
उन्होंने पुंछ के नागरिकों से अपील की कि अभियान हर घर तक पहुँचे और जन-चेतना का स्थायी हिस्सा बने। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि समाज को नुकसान पहुँचाने वाले अपराधियों को कानूनी सजा अवश्य मिलेगी।
आगे की राह
अगले 43 दिनों में पुंछ सहित पूरे केंद्र शासित प्रदेश में एक व्यापक अभियान चलाया जाएगा, जो हर पंचायत, हर गली और हर घर को नशामुक्त बनाने पर केंद्रित होगा। यह अभियान ऐसे समय में तेज हो रहा है जब सीमापार से नशीले पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े आतंकी वित्तपोषण को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं।