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लोकसभा मानसून सत्र: विपक्ष के हंगामे से 21 जुलाई को तीन बार स्थगन, बुधवार को फिर शुरू होगी कार्यवाही

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लोकसभा मानसून सत्र: विपक्ष के हंगामे से 21 जुलाई को तीन बार स्थगन, बुधवार को फिर शुरू होगी कार्यवाही

सारांश

मानसून सत्र के दूसरे दिन भी लोकसभा में विपक्ष का हंगामा थमा नहीं — 21 जुलाई को तीन बार स्थगन के बाद सदन दिनभर के लिए बंद। पेपर लीक और जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन पर चर्चा की माँग के बीच स्पीकर ओम बिरला की अपीलें भी बेअसर रहीं।

मुख्य बातें

लोकसभा की कार्यवाही 21 जुलाई 2026 को विपक्ष के हंगामे के कारण तीन बार स्थगित हुई और अंततः दिनभर के लिए बंद की गई।
स्पीकर ओम बिरला ने सदन को दोपहर तक के लिए स्थगित किया; अध्यक्ष दिलीप सैकिया और संध्या राय ने भी बार-बार व्यवस्था की अपील की।
विपक्ष ने परीक्षा पेपर लीक और जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन पर चर्चा की माँग को लेकर हंगामा किया।
यह सोमवार 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन के व्यवधान के बाद लगातार दूसरा दिन है जब कार्यवाही बाधित रही।
सदन की अगली बैठक बुधवार 22 जुलाई को सुबह 11 बजे निर्धारित है।

लोकसभा की कार्यवाही 21 जुलाई 2026 को विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण तीन बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः दिनभर के लिए सदन को बंद कर दिया गया। मानसून सत्र के दूसरे दिन भी कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी और सदन की अगली बैठक बुधवार सुबह 11 बजे निर्धारित की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

सत्र की शुरुआत से ही विपक्षी सदस्य सदन के बीचों-बीच (वेल में) उतर आए और नारेबाजी करने लगे। अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे दिलीप सैकिया ने सांसदों से बार-बार अपनी सीट पर लौटने, सदन की मर्यादा बनाए रखने और नियम 377 के तहत कार्यवाही चलने देने का अनुरोध किया। विपक्षी सदस्यों ने इन अनुरोधों को नजरअंदाज किया, जिससे पहली बार सदन स्थगित करना पड़ा।

स्पीकर ओम बिरला ने बार-बार हो रहे हंगामे के कारण सदन को दोपहर तक के लिए स्थगित किया। उन्होंने सदस्यों से अपील करते हुए कहा, 'क्या आप नहीं चाहते कि सदन चले? सभी को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।' दोपहर में कार्यवाही पुनः शुरू हुई, परंतु विपक्ष का विरोध जारी रहा।

दोपहर की बैठक की अध्यक्षता कर रही संध्या राय ने भी विपक्षी सदस्यों से व्यवस्था बनाए रखने की बार-बार अपील की। जब स्थिति नहीं सुधरी तो उन्होंने दूसरी बार स्थगन की घोषणा की। इसके बाद तीसरी बार सदन शुरू हुआ, लेकिन हंगामा थमने का नाम नहीं लिया और अंततः सदन को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया।

विपक्ष की माँगें

विपक्षी दलों ने कई अहम मुद्दों पर सदन में चर्चा की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इनमें प्रमुख रूप से परीक्षा पेपर लीक का मामला और दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में हुआ विरोध प्रदर्शन शामिल था। विपक्ष का कहना है कि सरकार इन मुद्दों पर बहस से बच रही है।

सोमवार से जारी है व्यवधान

गौरतलब है कि सोमवार 20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन भी यही स्थिति रही थी, जब बार-बार के स्थगनों के कारण संसद के दोनों सदनों — लोकसभा और राज्यसभा — की कार्यवाही बुरी तरह प्रभावित हुई थी। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों और बजट-संबंधी चर्चाओं को पूरा किया जाना था।

आगे क्या होगा

सदन की अगली बैठक बुधवार 22 जुलाई को सुबह 11 बजे होगी। यदि विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच कोई सहमति नहीं बनती, तो मानसून सत्र का बहुमूल्य समय व्यर्थ होने का खतरा बना रहेगा। संसदीय कार्य विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार स्थगन से सत्र के एजेंडे पर गंभीर असर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हंगामे की रणनीति उन्हीं चर्चाओं को रोकती है जिनकी वे माँग कर रहे हैं। दूसरी तरफ, सत्तापक्ष की चुप्पी यह सवाल उठाती है कि क्या सरकार इन मुद्दों पर बहस से वाकई बचना चाहती है। जब तक दोनों पक्ष कार्यवाही को हथियार की तरह इस्तेमाल करते रहेंगे, असली नुकसान उन करोड़ों नागरिकों का होगा जिनके लिए यह सत्र बुलाया गया था।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 जुलाई को लोकसभा क्यों स्थगित हुई?
विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण 21 जुलाई को लोकसभा की कार्यवाही तीन बार बाधित हुई और अंततः दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष परीक्षा पेपर लीक और जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन पर चर्चा की माँग कर रहा था।
लोकसभा की अगली बैठक कब होगी?
स्थगन की घोषणा के अनुसार, लोकसभा की अगली बैठक बुधवार 22 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे होगी।
विपक्ष किन मुद्दों पर चर्चा की माँग कर रहा था?
विपक्षी दलों ने मुख्य रूप से परीक्षा पेपर लीक के मामले और दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन पर सदन में चर्चा की माँग रखी। इन्हीं मुद्दों को लेकर विपक्ष ने वेल में उतरकर नारेबाजी की।
मानसून सत्र 2026 में कार्यवाही कितनी बार बाधित हुई?
मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार 20 जुलाई को भी संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार के स्थगनों से प्रभावित हुई थी। दूसरे दिन 21 जुलाई को लोकसभा में तीन बार स्थगन हुआ, जिससे सत्र के शुरुआती दो दिन व्यावहारिक रूप से निष्फल रहे।
स्पीकर ओम बिरला ने हंगामे पर क्या कहा?
स्पीकर ओम बिरला ने सदस्यों से अपील करते हुए कहा, 'क्या आप नहीं चाहते कि सदन चले? सभी को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।' इसके बावजूद विपक्ष का हंगामा जारी रहा और उन्हें सदन को दोपहर तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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