लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रात को पहुंचे, केजीएमयू में घायलों से मिले
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 22 जून की रात लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया में एक एनिमेशन एवं कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग की सूचना मिलते ही अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर दिए और सीधे घटनास्थल पर पहुंचे। लखनऊ के सांसद भी होने के नाते राजनाथ सिंह ने इस त्रासदी को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
रात को घटनास्थल पहुंचे रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रात्रि 9:35 बजे लखनऊ एयरपोर्ट उतरे और वहां से सीधे अलीगंज के पुरनिया स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और मौके पर मौजूद अमले को हर संभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, 'यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। मैं मृतक छात्रों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। यदि इस घटना में किसी की जिम्मेदारी बनती है तो उसकी जवाबदेही भी तय की जाएगी।'
केजीएमयू में घायलों का हाल जाना
घटनास्थल निरीक्षण के बाद रक्षा मंत्री किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचे, जहां उन्होंने भर्ती घायलों से मुलाकात की। चिकित्सकों से उपचार की स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने सभी घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
हादसे का विवरण: जान बचाने को छलांग लगाई छात्रों ने
सोमवार को अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया स्थित एनिमेशन एवं कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने के बाद पूरी इमारत धुएं से भर गई। जान बचाने के प्रयास में कई छात्र-छात्राओं ने ऊंचाई से छलांग लगा दी, जिससे अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना उस समय और भी त्रासद हो गई जब इमारत से बाहर निकलने का रास्ता धुएं से अवरुद्ध हो गया।
सरकार की प्रतिक्रिया और मुआवज़ा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़कर राजधानी लौटे और स्वयं घटनास्थल तथा केजीएमयू पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख तथा घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जिसकी जिम्मेदारी प्रमुख सचिव अमृत अभिजात और एडीजी, लखनऊ जोन प्रवीण कुमार को सौंपी गई है।
वरिष्ठ अधिकारी और प्रधानमंत्री का शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है। घटनास्थल पर डीजीपी राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद और डीजी फायर सर्विस सुजीत पांडेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करते रहे। एसआईटी जांच के नतीजे और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई आने वाले दिनों में तय करेगी कि इस त्रासदी की जवाबदेही कहां तक जाती है।