26 जून 2026
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लखनऊ में फर्जी बैनामे से करोड़ों की जमीन हड़पी, मोहनलालगंज पुलिस ने 3 आरोपी दबोचे

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लखनऊ में फर्जी बैनामे से करोड़ों की जमीन हड़पी, मोहनलालगंज पुलिस ने 3 आरोपी दबोचे

सारांश

लखनऊ में दो अलग-अलग पुलिस कार्रवाइयों में कुल 8 आरोपी गिरफ्तार। मोहनलालगंज पुलिस ने फर्जी बैनामे से करोड़ों की जमीन हड़पने वाले 3 आरोपियों को दबोचा, जबकि महिगवां पुलिस और साइबर सेल ने UPI ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के 5 सदस्यों को पकड़ा।

मुख्य बातें

मोहनलालगंज पुलिस ने 26 जून 2026 को फर्जी बैनामे से करोड़ों की जमीन हड़पने के मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज बनाकर एक महिला की संपत्ति का ₹9.91 लाख में फर्जी बैनामा कराया।
तीनों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं के तहत मामला दर्ज; न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
महिगवां पुलिस और साइबर सेल ने अलग कार्रवाई में 5 आरोपियों — राम स्वरूप, अमित कुमार, सुभाष उर्फ छोटू, पुत्तीलाल, राजू रावत — को गिरफ्तार किया।
साइबर गिरोह ने महिगवां और बीकेटी में ₹8.19 लाख की UPI ठगी कबूल की; 11 एंड्रॉयड फोन और वाहन जब्त।

लखनऊ की मोहनलालगंज पुलिस ने 26 जून 2026 को फर्जी बैनामा (रजिस्ट्री) तैयार कर करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने के मामले में 3 शातिर आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार किया। आरोपियों पर कूटरचित दस्तावेजों के ज़रिये एक महिला के साथ धोखाधड़ी कर संपत्ति पर अवैध मालिकाना हक जमाने का आरोप है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और स्वामित्व रिकॉर्ड तैयार कर एक महिला की जमीन पर अपना हक जताया और लगभग ₹9.91 लाख में उस संपत्ति का बैनामा करा लिया। जाँच में दस्तावेज और स्वामित्व के रिकॉर्ड फर्जी पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया।

तीनों आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस आगे की जाँच जारी रखे हुए है।

साइबर ठगी का दूसरा मामला भी उजागर

इसी दौरान लखनऊ से एक और बड़ी पुलिस कार्रवाई सामने आई है। महिगवां पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त अभियान चलाकर एक अंतरजनपदीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया और 5 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राम स्वरूप, अमित कुमार, सुभाष उर्फ सतीश उर्फ छोटू, पुत्तीलाल और राजू रावत के रूप में हुई है। पुलिस ने तलाशी के दौरान इनके पास से 11 एंड्रॉयड फोन, 3 की-पैड मोबाइल, ₹8,358 नकद, बैंक कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और सिम कार्ड बरामद किए।

आरोपियों का तरीकावार

पुलिस के अनुसार यह गिरोह मुख्य रूप से भीड़भाड़ वाले इलाकों से मोबाइल फोन चुराकर UPI के ज़रिये लोगों के खातों से रकम उड़ाता था। पूछताछ में आरोपियों ने महिगवां और बीकेटी क्षेत्रों में लगभग ₹8.19 लाख की ठगी की बात कबूल की है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिज़ायर कार और स्प्लेंडर बाइक भी जब्त की है।

आगे की कार्रवाई

साइबर गिरोह के सभी 5 आरोपियों को भी न्यायालय में पेश कर विधिवत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दोनों मामलों में पुलिस का कहना है कि जाँच के दायरे को और विस्तृत किया जा रहा है और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ फर्जी बैनामा मामला क्या है?
मोहनलालगंज पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर एक महिला की करोड़ों की जमीन पर अवैध मालिकाना हक जताया और ₹9.91 लाख में फर्जी बैनामा करा लिया। जाँच में दस्तावेज और स्वामित्व रिकॉर्ड दोनों फर्जी पाए गए।
फर्जी बैनामा मामले में किन धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ?
आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। तीनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
लखनऊ साइबर ठगी गिरोह ने किस तरह ठगी की?
यह गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों के मोबाइल फोन चुराकर UPI के ज़रिये उनके बैंक खातों से रकम उड़ाता था। आरोपियों ने महिगवां और बीकेटी में लगभग ₹8.19 लाख की ठगी कबूल की है।
साइबर गिरोह में कितने और कौन से आरोपी गिरफ्तार हुए?
महिगवां पुलिस और साइबर सेल ने 5 आरोपियों — राम स्वरूप, अमित कुमार, सुभाष उर्फ सतीश उर्फ छोटू, पुत्तीलाल और राजू रावत — को गिरफ्तार किया। इनके पास से 11 एंड्रॉयड फोन, 3 की-पैड मोबाइल, ₹8,358 नकद, बैंक कार्ड और दस्तावेज बरामद हुए।
इन मामलों में आगे क्या कार्रवाई होगी?
दोनों मामलों में सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा चुका है और विधिवत कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है। पुलिस का कहना है कि जाँच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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