लखनऊ में ऑनलाइन नौकरी ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 5 जालसाज गिरफ्तार; अमूल-अमेज़न के नाम पर देते थे झांसा
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ में साइबर क्राइम सेल और साइबर थाना लखनऊ की संयुक्त पुलिस टीम ने 13 जून को विभूतिखंड स्थित जेएस टॉवर की चौथी मंजिल पर चल रहे एक अवैध कॉल सेंटर पर छापा मारकर ऑनलाइन नौकरी दिलाने के नाम पर देशभर के युवाओं को ठगने वाले संगठित गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपी प्रतिष्ठित कंपनियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों से रकम वसूलते थे।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 की-पैड मोबाइल फोन, 2 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 102 वर्क डाटा शीट तथा 26 फर्जी जॉइनिंग लेटर, अप्रूवल लेटर और रजिस्ट्रेशन लेटर समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए। यह कार्रवाई संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय), पुलिस उपायुक्त (अपराध) तथा अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) के निर्देशन में की गई।
ठगी का तरीका
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य कई वेबसाइटों से नौकरी तलाश रहे युवाओं का डाटा खरीदते थे। इसके बाद कॉल सेंटर से अभ्यर्थियों को फोन कर अमूल, अमेज़न, इन्फोसिस, फ्लिपकार्ट, मैनकाइंड, सुजुकी, पार्ले और सिप्ला जैसी नामी कंपनियों में आकर्षक वेतन पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। विश्वास जीतने के लिए फर्जी जॉइनिंग लेटर, अप्रूवल लेटर और रजिस्ट्रेशन दस्तावेज व्हाट्सएप के ज़रिए भेजे जाते थे।
गौरतलब है कि यह ठगी का तरीका कोई नया नहीं है — देशभर में नौकरी के नाम पर साइबर धोखाधड़ी के मामले तेज़ी से बढ़े हैं, और यह उन मामलों में से एक है जहाँ संगठित गिरोह बाकायदा कॉल सेंटर के रूप में काम करते हैं।
वसूली और फर्जी खाते
अभ्यर्थियों से रजिस्ट्रेशन फीस, इंटरव्यू चार्ज, गेट पास शुल्क और अन्य प्रक्रियात्मक खर्चों के नाम पर रकम वसूली जाती थी। यह धनराशि फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। पुलिस द्वारा बरामद मोबाइल नंबरों और आईएमईआई की एनसीआरपी पोर्टल पर जांच करने पर देशभर से कई शिकायतें दर्ज मिलीं।
गिरफ्तार आरोपी
पकड़े गए पाँचों आरोपियों में गिरोह का कथित मैनेजर जीशान खान, टीम लीडर सतीश पाल तथा कॉलर के रूप में कार्यरत सोनाली चौरसिया, शिवानी वर्मा और नीलू वर्मा शामिल हैं। एडीसीपी किरण यादव ने पत्रकारों को बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
पुलिस की अपील
अधिकारियों ने युवाओं से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी प्रकार की फीस जमा करने से पहले संबंधित कंपनी और प्रस्ताव की सत्यता की जांच अवश्य करें। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।