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पप्पू यादव के सनातन-विरोधी बयान पर लखनऊ में विश्व हिन्दू रक्षा परिषद का प्रदर्शन, पुतला दहन

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पप्पू यादव के सनातन-विरोधी बयान पर लखनऊ में विश्व हिन्दू रक्षा परिषद का प्रदर्शन, पुतला दहन

सारांश

लखनऊ में विश्व हिन्दू रक्षा परिषद ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का पुतला फूंका — आरोप है कि उन्होंने संसद में सनातन धर्म और भगवा परंपरा पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने सार्वजनिक माफी और सरकारी कार्रवाई की माँग की।

मुख्य बातें

विश्व हिन्दू रक्षा परिषद ने 1 अगस्त 2026 को लखनऊ के गोमती नगर में पप्पू यादव के कथित सनातन-विरोधी बयान के खिलाफ प्रदर्शन किया।
संगठन के कार्यकर्ताओं ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का पुतला दहन किया और सार्वजनिक माफी की माँग की।
अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने आरोप लगाया कि पप्पू यादव ने संसद में साधु-संतों और भगवा वस्त्र की गरिमा पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की।
राय ने यह भी आरोप लगाया कि पप्पू यादव के कुर्ते पर श्रीराम मंदिर का चित्र था, जो करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं के विरुद्ध है।
परिषद ने सरकार से इस मामले में उचित कार्रवाई की माँग की और भविष्य में भी लोकतांत्रिक विरोध जारी रखने की चेतावनी दी।

विश्व हिन्दू रक्षा परिषद ने 1 अगस्त 2026 को लखनऊ के गोमती नगर स्थित विशाल खंड-2 कार्यालय पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के कथित सनातन-विरोधी बयान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सांसद का पुतला फूंका और उनसे सार्वजनिक माफी की माँग की।

प्रदर्शन का कारण और संगठन की माँग

परिषद का आरोप है कि पप्पू यादव ने संसद में दिए अपने भाषण में सनातन धर्म, साधु-संतों और भगवा वस्त्र की गरिमा पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कीं। संगठन की माँग है कि सांसद देशभर के सनातन समाज और संत समुदाय से सार्वजनिक रूप से माफी माँगें। परिषद के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में भी धार्मिक आस्थाओं के विरुद्ध ऐसी टिप्पणियाँ की गईं, तो संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगा।

अध्यक्ष गोपाल राय के आरोप

विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने कहा कि सनातन धर्म, साधु-संतों और धार्मिक परंपराओं के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणियाँ किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी एक व्यक्ति के आचरण के आधार पर पूरे संत समाज को कटघरे में खड़ा करना न्यायसंगत नहीं है।

राय ने यह भी आरोप लगाया कि पप्पू यादव द्वारा पहने गए कुर्ते पर श्रीराम मंदिर का चित्र अंकित था। उनके अनुसार, जिन लोगों पर गंभीर आरोप लगते रहे हों, उनके द्वारा भगवान श्रीराम के मंदिर की छवि वाले वस्त्र धारण करना करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाता है।

संत परंपरा और सांस्कृतिक पहचान पर जोर

गोपाल राय ने कहा कि संत परंपरा भारतीय संस्कृति, सभ्यता और सनातन मूल्यों की महत्वपूर्ण पहचान है। साधु-संतों की वेशभूषा और परंपरा को लेकर की गई कथित टिप्पणी न केवल अनुचित है, बल्कि समाज में भ्रम फैलाने वाली भी है। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था, श्रद्धा और दीर्घ संघर्ष का प्रतीक है।

संसद में दिए बयान पर आपत्ति

राय ने कहा कि संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच पर जब श्रीराम मंदिर और सनातन परंपरा से जुड़े विषयों पर विवादित बयान दिए जाते हैं, तो उसका प्रभाव केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रहता — वह देशभर के श्रद्धालुओं की भावनाओं को सीधे प्रभावित करता है। संगठन ने सरकार से माँग की कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई की जाए।

आगे की राह

परिषद ने संकेत दिया है कि यह विरोध केवल एक दिन के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब धार्मिक भावनाओं से जुड़े बयानों पर राजनीतिक तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि संसद सत्र के दौरान दिए गए बयान अक्सर व्यापक सामाजिक प्रतिक्रिया को जन्म देते हैं, और यह प्रदर्शन उसी कड़ी का हिस्सा प्रतीत होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और संगठन का पक्ष एकतरफा है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह नहीं पूछती कि क्या ऐसे विरोध प्रदर्शन संवैधानिक बहस को आगे बढ़ाते हैं या उसे संकुचित करते हैं। असली सवाल यह है कि क्या सांसद का बयान वाकई अपमानजनक था या उसकी व्याख्या राजनीतिक उद्देश्यों से की जा रही है — इसका जवाब संसदीय रिकॉर्ड की स्वतंत्र जाँच से ही मिलेगा।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व हिन्दू रक्षा परिषद ने लखनऊ में प्रदर्शन क्यों किया?
संगठन ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के कथित सनातन-विरोधी बयान के विरोध में 1 अगस्त 2026 को लखनऊ के गोमती नगर में प्रदर्शन किया। परिषद का आरोप है कि यादव ने संसद में साधु-संतों और भगवा वस्त्र की गरिमा पर आपत्तिजनक टिप्पणी की।
पप्पू यादव पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के अनुसार, पप्पू यादव ने कथित तौर पर संत समाज और भगवा परंपरा की गरिमा पर सवाल उठाए। इसके अलावा, संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि उनके कुर्ते पर श्रीराम मंदिर का चित्र था, जिसे परिषद ने श्रद्धालुओं की भावनाओं के विरुद्ध बताया।
विश्व हिन्दू रक्षा परिषद की माँग क्या है?
परिषद ने माँग की है कि पप्पू यादव देशभर के सनातन समाज और संत समुदाय से सार्वजनिक रूप से माफी माँगें। साथ ही संगठन ने सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई करने की भी अपील की है।
गोपाल राय कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
गोपाल राय विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि संत परंपरा भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों की पहचान है और इसके विरुद्ध की गई कोई भी कथित टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है।
क्या भविष्य में भी ऐसे प्रदर्शन होंगे?
परिषद के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में भी धार्मिक आस्थाओं के विरुद्ध इस प्रकार की टिप्पणियाँ की गईं, तो संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगा।
राष्ट्र प्रेस
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