इंदौर पुलिस का कोरियर फ्रॉड अलर्ट: संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें, ₹1.29 लाख की ठगी का मामला सुलझा
सारांश
मुख्य बातें
इंदौर पुलिस ने 7 नवंबर 2026 को मध्य प्रदेश में तेज़ी से बढ़ रहे कोरियर फ्रॉड के खिलाफ सार्वजनिक अलर्ट जारी किया है, जिसमें साइबर ठग खुद को कोरियर कंपनी का प्रतिनिधि बताकर संदिग्ध हाइपरलिंक भेजते हैं और पार्सल ट्रैकिंग के बहाने बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। इंदौर में पिछले कुछ दिनों में ऑनलाइन ठगी की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
ठगी का तरीका क्या है
इंदौर पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी स्वयं को किसी प्रतिष्ठित कोरियर कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पीड़ितों को संदिग्ध हाइपरलिंक भेजते हैं। इन लिंक पर क्लिक करने या बताए गए अनजान नंबर पर कॉल करने पर व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी चुराने का प्रयास किया जाता है। गौरतलब है कि त्योहारी सीज़न और बढ़ती ऑनलाइन शॉपिंग के बीच ऐसे मामलों की आवृत्ति और बढ़ी है।
ताज़ा मामला: ₹1.29 लाख की ठगी और रिकवरी
क्राइम ब्रांच इंदौर की फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीम ने एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत पर तत्काल कार्यवाही की। शिकायतकर्ता राजकुमार (परिवर्तित नाम), निवासी इंदौर, के साथ फेस्टिव सीज़न के दौरान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर ₹1 लाख 29 हज़ार की ऑनलाइन ठगी की गई थी। जाँच टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए महाराष्ट्र के संदिग्ध बैंक खातों में ठगी की राशि फ्रीज कराई। इसके पश्चात न्यायालय के आदेश के माध्यम से शिकायतकर्ता को पूरी राशि वापस दिलाई गई।
पुलिस की सलाह: इन बातों का रखें ध्यान
इंदौर पुलिस ने आम नागरिकों के लिए कई अहम दिशानिर्देश जारी किए हैं। किसी भी संदिग्ध हाइपरलिंक पर क्लिक न करें और न ही अनजान नंबरों पर कॉल बैक करें। पार्सल ट्रैकिंग के लिए हमेशा संबंधित कोरियर कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही उपयोग करें।
पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि गूगल पर उपलब्ध किसी भी नंबर पर बिना पुष्टि के भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति खुद को बैंक, संस्थान या सरकारी विभाग का अधिकारी बताए, तो उसकी पहचान की पुष्टि अवश्य करें। अपना ओटीपी, पिन, पासवर्ड या अन्य बैंकिंग जानकारी किसी भी अपरिचित व्यक्ति के साथ साझा न करें।
आम जनता पर असर
इंदौर मध्य प्रदेश की प्रमुख व्यापारिक नगरी है और यहाँ ई-कॉमर्स खरीदारी का स्तर अपेक्षाकृत अधिक है, जो इसे साइबर ठगों का सुगम निशाना बनाता है। आलोचकों का कहना है कि साइबर जागरूकता अभियानों की नियमितता और पहुँच अभी भी सीमित है, जिससे बड़ी संख्या में लोग ऐसे फ्रॉड के प्रति असुरक्षित बने हुए हैं।
क्या होगा आगे
क्राइम ब्रांच की फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीम एनसीआरपी पोर्टल पर आने वाली शिकायतों पर नज़र बनाए हुए है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ठगी की स्थिति में तुरंत एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएँ, जिससे फ्रीज़िंग और रिफंड की कार्यवाही समय पर हो सके।