11 अगस्त 2026
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नीट पेपर लीक के नाम पर ठगी: इंदौर में लॉ छात्र अक्षय मालवीय गिरफ्तार, ChatGPT से बनाए नकली पेपर

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नीट पेपर लीक के नाम पर ठगी: इंदौर में लॉ छात्र अक्षय मालवीय गिरफ्तार, ChatGPT से बनाए नकली पेपर

सारांश

नीट परीक्षा को लेकर देशभर में चल रही हलचल के बीच इंदौर में एक लॉ छात्र ने ChatGPT से नकली पेपर बनाकर इंस्टाग्राम पर बेचे। क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने 22 जून को अक्षय मालवीय को गिरफ्तार किया — यह मामला बताता है कि परीक्षा की अनिश्चितता का फायदा उठाकर साइबर ठगी किस स्तर तक पहुँच चुकी है।

मुख्य बातें

इंदौर क्राइम ब्रांच एसआईटी ने 22 जून 2026 को लॉ छात्र अक्षय मालवीय को गिरफ्तार किया।
आरोपी ने ChatGPT की मदद से नकली नीट प्रश्नपत्र तैयार कर इंस्टाग्राम पर बेचे।
करीब 22 से 23 अभ्यर्थियों से यूपीआई के ज़रिए ₹25,000 से ₹30,000 की ठगी।
आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
कोटा पुलिस की ई-मेल सूचना के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच ने जाँच तेज़ कर गिरफ्तारी की।

इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने 22 जून 2026 को अक्षय मालवीय नामक एक प्रथम वर्ष के लॉ छात्र को गिरफ्तार किया, जिस पर आरोप है कि उसने नीट 2026 का पेपर उपलब्ध कराने का झाँसा देकर इंस्टाग्राम के ज़रिए 22 से 23 अभ्यर्थियों से ठगी की। पुलिस के अनुसार आरोपी ने चैटजीपीटी (ChatGPT) की मदद से नकली प्रश्नपत्र तैयार किए और उन्हें असली पेपर बताकर भुगतान के बाद अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराया।

मुख्य घटनाक्रम

इंदौर के आंगन शक्करखेड़ी, लसूड़िया निवासी अक्षय मालवीय इंदौर के एक लॉ कॉलेज में पढ़ता है। पुलिस के अनुसार, उसने नीट परीक्षा से पहले इंस्टाग्राम पर वर्ष 2026 के कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की कई पोस्ट वायरल की थीं। इन पोस्टों में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद अभ्यर्थियों को यूपीआई के ज़रिए भुगतान करने को कहा जाता था, जिसके बाद ही कथित परीक्षा सामग्री दिखाई जाती थी।

प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि आरोपी ने पुराने प्रश्नपत्रों और उपलब्ध सामग्री के आधार पर ChatGPT से नए प्रश्नपत्र जैसे दस्तावेज़ तैयार किए और उन्हें असली पेपर बताकर प्रचारित किया। आरोपी के खाते में ₹25,000 से ₹30,000 तक की राशि जमा हो चुकी थी।

पुलिस की कार्रवाई और जाँच

इंदौर के डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि तकनीकी आधार पर जाँच करते हुए और इंस्टाग्राम पर आरोपी को फॉलो करके उसे पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि आरोपी इंस्टाग्राम पर अपने फॉलोअर्स बढ़ाने और गलत तरीके से पैसे कमाने के लिए नकली पेपर बनाकर बेच रहा था।

गौरतलब है कि शनिवार को कोटा पुलिस ने इस संबंध में इंदौर पुलिस को ई-मेल भेजकर जानकारी साझा की थी, जिसके बाद इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने जाँच तेज़ की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया। आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

साइबर पुलिस की निगरानी में था आरोपी

जाँच में यह भी सामने आया है कि नीट परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक की चर्चाओं के दौरान भी आरोपी ने इसी तरह की भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रसारित की थीं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नीट परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। इसी वजह से अक्षय मालवीय पहले से ही साइबर पुलिस की निगरानी में था।

आम अभ्यर्थियों पर असर

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने करीब 22 से 23 लोगों से अपने खाते के माध्यम से यूपीआई से भुगतान प्राप्त किया था। ये वे अभ्यर्थी थे जो नीट की तैयारी कर रहे थे और असली पेपर मिलने की उम्मीद में ठगी का शिकार हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के दौरान इस तरह की साइबर ठगी न केवल आर्थिक नुकसान पहुँचाती है, बल्कि अभ्यर्थियों की मानसिक तैयारी को भी प्रभावित करती है।

क्या होगा आगे

आरोपी अक्षय मालवीय को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान के लिए यूपीआई ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और इंस्टाग्राम अकाउंट की विस्तृत जाँच कर रही है। इस मामले में और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो अभ्यर्थी 'शॉर्टकट' की तलाश में कमज़ोर पड़ जाते हैं — और यही कमज़ोरी ऐसे ठगों का हथियार बनती है। ChatGPT से नकली पेपर बनाना तकनीकी परिपक्वता नहीं, बल्कि AI के दुरुपयोग की बढ़ती प्रवृत्ति का संकेत है जिसे साइबर कानून अभी पूरी तरह पकड़ नहीं पाया है। असली सवाल यह है कि परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता बहाल किए बिना ऐसे मामले थमेंगे नहीं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर में नीट पेपर ठगी का मामला क्या है?
इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने लॉ छात्र अक्षय मालवीय को 22 जून 2026 को गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने ChatGPT से नकली नीट 2026 प्रश्नपत्र तैयार कर इंस्टाग्राम पर बेचे और 22 से 23 अभ्यर्थियों से यूपीआई के ज़रिए ₹25,000 से ₹30,000 वसूले।
आरोपी अक्षय मालवीय कौन है?
अक्षय मालवीय इंदौर के आंगन शक्करखेड़ी, लसूड़िया का निवासी है और इंदौर के एक लॉ कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र है। पुलिस के अनुसार वह इंस्टाग्राम फॉलोअर्स बढ़ाने और गलत तरीके से पैसे कमाने के इरादे से यह ठगी कर रहा था।
पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
कोटा पुलिस ने शनिवार को इंदौर पुलिस को ई-मेल से जानकारी दी, जिसके बाद क्राइम ब्रांच एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों और इंस्टाग्राम निगरानी के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया। आरोपी पहले से ही साइबर पुलिस की निगरानी में था।
आरोपी के खिलाफ कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपी अक्षय मालवीय के खिलाफ आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। मामले में और धाराएँ जोड़ी जा सकती हैं क्योंकि जाँच अभी जारी है।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
पुलिस यूपीआई ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और इंस्टाग्राम अकाउंट की विस्तृत जाँच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान की जा रही है और मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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