नीट पेपर लीक के नाम पर ठगी: इंदौर में लॉ छात्र अक्षय मालवीय गिरफ्तार, ChatGPT से बनाए नकली पेपर
सारांश
मुख्य बातें
इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने 22 जून 2026 को अक्षय मालवीय नामक एक प्रथम वर्ष के लॉ छात्र को गिरफ्तार किया, जिस पर आरोप है कि उसने नीट 2026 का पेपर उपलब्ध कराने का झाँसा देकर इंस्टाग्राम के ज़रिए 22 से 23 अभ्यर्थियों से ठगी की। पुलिस के अनुसार आरोपी ने चैटजीपीटी (ChatGPT) की मदद से नकली प्रश्नपत्र तैयार किए और उन्हें असली पेपर बताकर भुगतान के बाद अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराया।
मुख्य घटनाक्रम
इंदौर के आंगन शक्करखेड़ी, लसूड़िया निवासी अक्षय मालवीय इंदौर के एक लॉ कॉलेज में पढ़ता है। पुलिस के अनुसार, उसने नीट परीक्षा से पहले इंस्टाग्राम पर वर्ष 2026 के कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की कई पोस्ट वायरल की थीं। इन पोस्टों में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद अभ्यर्थियों को यूपीआई के ज़रिए भुगतान करने को कहा जाता था, जिसके बाद ही कथित परीक्षा सामग्री दिखाई जाती थी।
प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि आरोपी ने पुराने प्रश्नपत्रों और उपलब्ध सामग्री के आधार पर ChatGPT से नए प्रश्नपत्र जैसे दस्तावेज़ तैयार किए और उन्हें असली पेपर बताकर प्रचारित किया। आरोपी के खाते में ₹25,000 से ₹30,000 तक की राशि जमा हो चुकी थी।
पुलिस की कार्रवाई और जाँच
इंदौर के डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि तकनीकी आधार पर जाँच करते हुए और इंस्टाग्राम पर आरोपी को फॉलो करके उसे पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि आरोपी इंस्टाग्राम पर अपने फॉलोअर्स बढ़ाने और गलत तरीके से पैसे कमाने के लिए नकली पेपर बनाकर बेच रहा था।
गौरतलब है कि शनिवार को कोटा पुलिस ने इस संबंध में इंदौर पुलिस को ई-मेल भेजकर जानकारी साझा की थी, जिसके बाद इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने जाँच तेज़ की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया। आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
साइबर पुलिस की निगरानी में था आरोपी
जाँच में यह भी सामने आया है कि नीट परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक की चर्चाओं के दौरान भी आरोपी ने इसी तरह की भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया पर प्रसारित की थीं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नीट परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। इसी वजह से अक्षय मालवीय पहले से ही साइबर पुलिस की निगरानी में था।
आम अभ्यर्थियों पर असर
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने करीब 22 से 23 लोगों से अपने खाते के माध्यम से यूपीआई से भुगतान प्राप्त किया था। ये वे अभ्यर्थी थे जो नीट की तैयारी कर रहे थे और असली पेपर मिलने की उम्मीद में ठगी का शिकार हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के दौरान इस तरह की साइबर ठगी न केवल आर्थिक नुकसान पहुँचाती है, बल्कि अभ्यर्थियों की मानसिक तैयारी को भी प्रभावित करती है।
क्या होगा आगे
आरोपी अक्षय मालवीय को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान के लिए यूपीआई ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और इंस्टाग्राम अकाउंट की विस्तृत जाँच कर रही है। इस मामले में और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।