महिला आरक्षण बिल पर राजनीति में उठी नई लहर: कौसर जहां ने विपक्ष पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार ने विशेष सत्र बुलाया है।
- कौसर जहां ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया है।
- विपक्ष पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया गया है।
- महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।
- विपक्ष ने चुनावी लाभ के लिए इस मुद्दे को उठाने का आरोप लगाया।
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए और इससे जुड़े संशोधनों पर चर्चा हेतु संसद का एक विशेष सत्र बुलाया है, जो 16 से 18 अप्रैल तक चलेगा। इस सत्र में महिला आरक्षण को परिसीमन प्रक्रिया से अलग करने और लोकसभा सीटों को बढ़ाने से संबंधित विधेयक पेश किए जाने की योजना है। इस मुद्दे पर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
दिल्ली हज कमेटी की अध्यक्ष कौसर जहां ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "महिला आरक्षण बिल को पारित करने के लिए केंद्र सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाया है। यह एक ऐतिहासिक और सकारात्मक निर्णय है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया है। इससे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और सामाजिक चेतना घर-घर तक फैलेगी।"
उन्होंने आगे कहा, "विपक्ष नहीं चाहता कि देश की आधी आबादी को उनका हक मिले। परिसीमन के मामले में, सरकार ने स्पष्ट किया है कि जहां सीटें बढ़ेंगी, वहां उचित अनुपात में सीटें बढ़ाई जाएंगी। समस्या विपक्ष की नियत में है। अखिलेश यादव को यह बताना चाहिए कि धर्म के आधार पर महिलाओं को क्यों बांटा जा रहा है। विपक्ष केवल तुष्टिकरण की राजनीति करता है।"
कौसर जहां ने इस कदम को क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं को राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी मिलेगी, जिससे विकास की गति तेज होगी और समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक अवसर का विरोध न करें।
इस मुद्दे पर टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, "महत्वपूर्ण चुनाव चल रहे हैं, जिसमें 81 सांसद व्यस्त हैं। आप मतदान के बाद इस सत्र की मांग कर सकते थे। उन्होंने इसे 2023 में लाया, यह सोचकर कि महिलाएं खुश होंगी, लेकिन उनकी योजनाएं विफल हो गईं।"
कीर्ति आजाद ने सत्र के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पहले पूरी होनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी फायदे के लिए महिला आरक्षण का मुद्दा उठा रही है।
समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र सिंह मलिक ने कहा, "अगर आरक्षण की व्यवस्था की जा रही है तो सभी को इसका लाभ मिलना चाहिए। मुसलमान भी इस देश के नागरिक हैं। आज भी सबसे ज्यादा महिलाएं समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ रही हैं। केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है लेकिन बंगाल में महिलाओं को परेशान कर रही है।"