महुआ माझी का एनआरसी पर संविधान के अनुकूल कार्रवाई का समर्थन, नियमों के उल्लंघन पर विरोध की चेतावनी
सारांश
Key Takeaways
- महुआ माझी ने संविधान के तहत कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
- वे किसी भी नियम के उल्लंघन पर विरोध करेंगी।
- महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए योजनाओं का स्वागत किया जाना चाहिए।
- पश्चिम एशिया के युद्ध का भारत पर प्रभाव पड़ सकता है।
- युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाने की आवश्यकता है।
रांची, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माझी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि हमारे राज्य में भाजपा की सरकार आती है, तो एनआरसी को हर हाल में लागू किया जाएगा।
महुआ माझी ने शनिवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि इस पूरे मामले में मेरा कहना है कि यदि कोई भी सरकार संविधान के अनुसार कार्य करे, तो यह बेहतर होगा। यदि सरकार संविधान के तहत सभी कार्य करेगी, तो हम उसका स्वागत करेंगे, लेकिन हम यह बिल्कुल स्वीकार नहीं कर सकते कि कोई संवैधानिक नियमों का उल्लंघन करे।
उन्होंने झारखंड सरकार का भी उल्लेख किया और कहा कि हमारी सरकार लगातार समाज के हर तबके के लिए काम कर रही है। हम किसी के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं कर रहे हैं। हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि समाज में हर वर्ग का विकास हो। लोगों के विकास के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा रहा है। मुझे लगता है कि पश्चिम बंगाल में भी इसी तरह का कार्य होना चाहिए, लेकिन यदि कोई संविधान के खिलाफ जाएगा, तो हम उसका विरोध करेंगे।
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सीएम ममता बनर्जी ने प्रदेश की महिलाओं को आकर्षित करने के लिए कई लोक लुभावने वादे किए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए महुआ माझी ने कहा कि महिलाओं के हित के लिए भाजपा शासित सरकारों में भी कई योजनाएं चल रही हैं। यदि ममता बनर्जी ने महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए कोई योजनाएं घोषित की हैं, तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए।
महुआ माझी ने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध पर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत को इस युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए, क्योंकि कोई भी युद्ध किसी के हित में नहीं होता। यदि मान लें, पाकिस्तान में कुछ होता है, तो इसका प्रभाव भारत पर भी पड़ेगा, क्योंकि हम एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। ऐसी स्थिति में यदि किसी को कुछ होता है, तो इसका असर अन्य लोगों पर भी होगा।
उन्होंने कहा कि आप देख सकते हैं कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण भारत में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी हो गई है। इस स्थिति में भारत को आगे आकर युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
महुआ माझी ने कहा कि जितनी जल्दी युद्ध बंद हो जाए, उतना ही अच्छा होगा। इसी में मानवता का भला है। इस स्थिति में भारत को आगे आकर युद्ध को रोकने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।