क्या मंगलवार को सर्वार्थ और अमृत सिद्धि योग का महासंयोग हनुमान जी की पूजा से सुख-समृद्धि के द्वार खोलेगा?

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क्या मंगलवार को सर्वार्थ और अमृत सिद्धि योग का महासंयोग हनुमान जी की पूजा से सुख-समृद्धि के द्वार खोलेगा?

सारांश

इस मंगलवार, कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग का महासंयोग बन रहा है। इस विशेष दिन हनुमान जी की पूजा से सुख और समृद्धि की प्राप्ति की जा सकती है। जानें इस दिन के महत्व और पूजा विधि के बारे में।

मुख्य बातें

सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग का महासंयोग विशेष कार्यों के लिए शुभ है।
हनुमान जी की पूजा से जीवन में सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
इस दिन लाल रंग पहनना और लाल फूल, फल अर्पित करना शुभ है।
व्रत रखने से कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं।
इस दिन की पूजा विधि का पालन करना आवश्यक है।

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि मंगलवार को सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग का महासंयोग बन रहा है। इस दिन सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा 8 अक्टूबर रात के 1 बजकर 28 मिनट तक मीन राशि में रहेंगे। इसके बाद मेष राशि में गोचर करेंगे।

द्रिक पंचांग के अनुसार, मंगलवार को पूर्णिमा तिथि का समय सुबह 9 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। इसके बाद कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी। अभिजीत मुहूर्त सुबह के 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा और राहुकाल का समय दोपहर 3 बजकर 4 मिनट से शुरू होकर शाम 4 बजकर 32 मिनट तक रहेगा।

सर्वार्थ सिद्धि ज्योतिष में एक बेहद शुभ योग है, जो किसी विशेष दिन एक विशिष्ट नक्षत्र के मेल से बनता है। मान्यता है कि इस योग में किए गए कार्य सफल होते हैं और व्यक्ति को सफलता प्राप्त करने में मदद मिलती है। इसका मुहूर्त 29 सितंबर की सुबह 3 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर सुबह 6 बजकर 13 मिनट तक रहेगा।

अमृत सिद्धि योग वैदिक ज्योतिष में एक बेहद शुभ योग है जो विशेष दिन और नक्षत्र के संयोग से बनता है, और इस योग में किए गए कार्य निश्चित रूप से सफल होते हैं, जिससे व्यक्ति को समृद्धि और सिद्धि की प्राप्ति होती है। यह योग कई प्रकार के शुभ कार्यों जैसे नया व्यापार शुरू करने, वाहन खरीदने या नए घर में प्रवेश करने के लिए उत्तम माना जाता है।

स्कंद पुराण के अनुसार, मंगलवार के दिन बजरंगबली का जन्म हुआ था, जिस वजह से इस दिन उनकी पूजा का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। रामभक्त हनुमान को मंगल ग्रह के नियंत्रक के रूप में पूजा जाता है।

मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के कष्ट, भय और चिंताएं दूर हो जाती हैं। साथ ही, मंगल ग्रह से संबंधित बाधाएं भी समाप्त होती हैं।

इस दिन विधि-विधान से पूजा करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्म-स्नान आदि करने के बाद पूजा स्थल को साफ करें। फिर एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और पूजा की सामग्री रखें और उस पर अंजनी पुत्र की प्रतिमा स्थापित करें।

इसके बाद सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और प्रसाद चढ़ाएं। हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ कर बजरंगबली की आरती करें। इसके बाद आरती का आचमन कर आसन को प्रणाम करके प्रसाद ग्रहण करें।

शाम को भी हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि लाल रंग मंगल ग्रह का प्रतीक है। इस दिन लाल कपड़े पहनना और लाल रंग के फल, फूल और मिठाइयां अर्पित करना शुभ माना जाता है। इस पावन दिन पर हनुमान जी की आराधना कर जीवन में सुख-समृद्धि और शांति की कामना करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। देशभर में लोग इस अवसर का लाभ उठाने के लिए उत्सुक हैं। हनुमान जी की पूजा से जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने की मान्यता लोगों को प्रेरित करती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सर्वार्थ सिद्धि योग क्या है?
सर्वार्थ सिद्धि योग एक ज्योतिषीय योग है जो किसी विशेष दिन और नक्षत्र के मिलन से बनता है, और इसके अंतर्गत किए गए कार्य सफल माने जाते हैं।
अमृत सिद्धि योग का महत्व क्या है?
अमृत सिद्धि योग भी एक शुभ योग है, जो विशेष कार्य जैसे नए व्यवसाय की शुरुआत, वाहन खरीदने के लिए उत्तम होता है।
हनुमान जी की पूजा कैसे करनी चाहिए?
हनुमान जी की पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, पूजा स्थल साफ करें, लाल कपड़ा बिछाएं और विधिपूर्वक पूजा सामग्री अर्पित करें।
इस दिन क्या पहनना चाहिए?
इस दिन लाल रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है, क्योंकि लाल रंग मंगल ग्रह का प्रतीक है।
क्या इस दिन व्रत रखना चाहिए?
इस दिन व्रत रखने से जीवन के कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं, और हनुमान जी की आराधना से विशेष लाभ मिलता है।
राष्ट्र प्रेस
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