मणिपुर डीजीपी मुकेश सिंह ने पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज का निरीक्षण किया, इंफाल ईस्ट में दो हथियारबंद बदमाश गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सिंह ने 3 नवंबर 2026 को मणिपुर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (एमपीटीसी) का औचक निरीक्षण किया और प्रशिक्षण सुविधाओं की व्यापक समीक्षा की। इसी दिन इंफाल ईस्ट में पुलिस कमांडो और 31 असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने दो हथियारबंद बदमाशों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से एक .32 पिस्तौल और 16 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज का निरीक्षण
डीजीपी मुकेश सिंह के दौरे के दौरान उन्हें एमपीटीसी में चल रहे प्रशिक्षण कार्यों, मौजूदा बुनियादी ढाँचे और सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य बुनियादी ढाँचे की ज़रूरतों का आकलन करना, प्रशिक्षण सुविधाओं को सुदृढ़ बनाना और कॉलेज की समग्र क्षमता को बढ़ाना था।
डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रशिक्षण ही बेहतर पुलिसिंग की नींव है। गौरतलब है कि इस बैठक में आने वाले समय में कॉलेज में आधुनिक हथियार प्रबंधन, साइबर क्राइम और भीड़ नियंत्रण से संबंधित विशेष मॉड्यूल शुरू करने पर भी चर्चा हुई।
इंफाल ईस्ट में संयुक्त अभियान और गिरफ्तारी
3 नवंबर 2026 को इंफाल ईस्ट पुलिस कमांडो और 31 असम राइफल्स की एक संयुक्त टीम ने इरिलबुंग पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले अरापती मयाई लेइकाई इलाके में छापेमारी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पुलिस के बयान के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान पुखरीहोंगबम शांता सिंह उर्फ नतुम (47), निवासी अरापती मयाई लेइकाई, इंफाल ईस्ट, और सपम प्रेमजीत सिंह उर्फ एबी (56), निवासी सेगा रोड कोंजेंग हजारी लेइकाई, इंफाल वेस्ट के रूप में हुई है।
दोनों पर हथियारों का इस्तेमाल कर आम नागरिकों को डराने-धमकाने का आरोप है। तलाशी के दौरान इनके पास से एक .32 पिस्तौल मैगजीन सहित, .32 बोर के 16 जिंदा कारतूस और एक होंडा एक्टिवा स्कूटर जब्त किया गया।
प्रारंभिक जाँच में खुलासा
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि दोनों आरोपी इलाके में दहशत फैलाकर वसूली करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि ये हथियार कहाँ से आए और क्या इनका संबंध किसी अन्य आपराधिक घटना से भी है।
मणिपुर में सुरक्षा का व्यापक संदर्भ
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब मणिपुर में कानून-व्यवस्था को बहाल करने के प्रयास लगातार जारी हैं। एक ओर जहाँ पुलिस प्रशासन प्रशिक्षण ढाँचे को आधुनिक बनाने में जुटा है, वहीं मैदानी स्तर पर संयुक्त अभियानों के ज़रिए अपराधियों पर कार्रवाई भी तेज की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रेनिंग और फील्ड ऑपरेशन दोनों मोर्चों पर एक साथ काम करना राज्य में दीर्घकालिक सुरक्षा स्थिरता के लिए अनिवार्य है।
आगे क्या
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने के लिए जाँच आगे बढ़ाई जाएगी। एमपीटीसी में प्रस्तावित नए प्रशिक्षण मॉड्यूल की रूपरेखा आने वाले सप्ताहों में तैयार होने की उम्मीद है।