मनोज तिग्गा का TMC पर तंज: 'असली-नकली का फैसला चुनाव आयोग करेगा', बांकरा मस्जिद और ताहिर हुसैन पर भी बोले
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मनोज तिग्गा ने 14 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय सुरक्षा, पश्चिम बंगाल की राजनीति, 2020 दिल्ली दंगों के एक अहम मामले और खेल नीति सहित कई विषयों पर खुलकर अपनी राय रखी। तिग्गा ने स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं है।
बांकरा मस्जिद विवाद: राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि
कोलकाता एयरपोर्ट के निकट स्थित 136 वर्ष पुरानी बांकरा मस्जिद में प्रवेश पर उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक के सवाल पर तिग्गा ने कहा कि यह आदेश स्वयं हाई कोर्ट की ओर से आया है। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय सुरक्षा और हवाई यात्रियों की सुरक्षा की बात हो, तो कोई भी विचारधारा या दबाव उससे ऊपर नहीं हो सकता। उनके अनुसार देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
TMC विवाद: चुनाव आयोग तय करेगा 'असली' पहचान
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहे आंतरिक विवाद पर तिग्गा ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि असली और नकली टीएमसी का फैसला चुनाव आयोग करेगा। उन्होंने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताते हुए यह भी दावा किया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली पार्टी चुनाव परिणामों के बाद कमज़ोर पड़ गई है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है — एक अप्रत्यक्ष संदर्भ जो ममता बनर्जी की पार्टी की मौजूदा स्थिति की ओर इशारा करता प्रतीत हुआ।
ताहिर हुसैन दोषी: न्यायपालिका पर जताया भरोसा
2020 दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट द्वारा पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) नेता ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने पर तिग्गा ने न्यायपालिका में विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अदालत ने जिन लोगों को दोषी पाया है, उन्हें उचित सजा मिलनी चाहिए। उनके अनुसार सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिला, जिससे न्याय व्यवस्था पर आम नागरिकों का भरोसा और मज़बूत हुआ है।
खेल और विकास: NDA सरकार की उपलब्धियों का दावा
खेल नीति पर बोलते हुए तिग्गा ने कहा कि NDA सरकार के कार्यकाल में देश के हर कोने से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले ऐसी व्यवस्था नहीं थी, लेकिन अब लगातार सुधार हो रहा है और यह प्रक्रिया भविष्य में भी जारी रहेगी। पश्चिम बंगाल में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने अपेक्षित विकास नहीं किया, जबकि NDA के नेतृत्व में राज्य में विकास की गति तेज़ हुई है।
समान कानून की पैरवी
तिग्गा ने समान कानून की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया और कहा कि एक देश में एक ही कानून होना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में समान नागरिक संहिता (UCC) पर बहस जारी है। आने वाले समय में पश्चिम बंगाल में विकास की रफ़्तार और तेज़ होने का दावा करते हुए उन्होंने भविष्य की योजनाओं पर आशावाद व्यक्त किया।