सपा के डिजिटल कैंपेन पर मनोज पांडे का पलटवार: 'राजनीतिक विरोध मर्यादा में हो'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने 19 सितंबर 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के डिजिटल कैंपेन, आगामी रायबरेली दौरे और छात्र विंग के कार्यक्रम को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और राजनीतिक विरोध मर्यादा के दायरे में होना चाहिए।
डिजिटल कैंपेन पर आपत्ति
अखिलेश यादव ने हाल ही में अपने कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय रहने और सपा से जुड़े वीडियो को आगे बढ़ाने का आह्वान किया था। इस पर मनोज पांडे ने कहा कि सपा से जुड़े कुछ वीडियो में संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को निशाना बनाया जा रहा है, जो उचित नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के विरुद्ध ऐसी सामग्री का प्रसार स्वीकार्य नहीं माना जा सकता।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में पक्ष-विपक्ष और असहमति स्वाभाविक है, लेकिन सोशल मीडिया पर सपा समर्थकों की ओर से आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से ऐसे मामलों पर संज्ञान लेने की बात कही।
रायबरेली दौरे और विपक्षी गतिविधि पर रुख
अखिलेश यादव के 24 सितंबर को रायबरेली में राहुल लोधी से मिलने की योजना पर पूछे गए सवाल पर पांडे ने संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव एक राजनीतिक दल के नेता हैं और लोकतंत्र में यह उनका अधिकार है कि वे कहाँ जाएँ और किससे मिलें।
हालाँकि, अखिलेश यादव के उस आह्वान पर — जिसमें उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) से नाराज लोगों को सपा के साथ जुड़ने का निमंत्रण दिया था — पांडे ने पलटवार करते हुए कहा कि इस बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहेंगे, लेकिन समय आने पर परिस्थितियाँ खुद बोलेंगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि भाजपा अपने संगठन में नए लोगों के लिए अवसर बढ़ाती है, तो सपा के साथ रहने वालों की संख्या पर भी सवाल उठ सकते हैं। मंत्री ने सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि अंतिम निर्णय जनता करती है।
सरकार की उपलब्धियों का बचाव
मनोज पांडे ने भाजपा सरकार की नीतियों का जोरदार बचाव किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे निर्माण, रोजगार सृजन, कृषि उत्पादन में वृद्धि और तकनीक के उपयोग को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में गिनाया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और अपराध व माफिया तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
रायबरेली छात्र-सभा और दलित युवक मारपीट प्रकरण
रायबरेली में सपा की छात्र-सभा में कथित रुकावट के लिए अखिलेश यादव द्वारा भाजपा-संबद्ध लोगों और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराए जाने के आरोप पर मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। पांडे ने स्वीकार किया कि एक कॉलेज परिसर में एक दलित युवक के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना हुई, जिसके दृश्य सोशल मीडिया पर सामने आए। उन्होंने इस घटना को 'दुखद' बताते हुए इसकी निंदा की और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद उस समय सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो रही हैं और सपा व भाजपा दोनों डिजिटल व जमीनी मोर्चे पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में जुटे हैं। यह संघर्ष केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है — सोशल मीडिया अब राजनीतिक मोर्चे का एक अहम हिस्सा बन चुका है।