31 जुलाई 2026
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शताब्दी एक्सप्रेस पथराव की मौलाना सैयद सैफ अब्बास ने निंदा की, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग

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शताब्दी एक्सप्रेस पथराव की मौलाना सैयद सैफ अब्बास ने निंदा की, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग

सारांश

शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद सैफ अब्बास ने RSS सरसंघचालक मोहन भागवत की यात्रा के दौरान शताब्दी एक्सप्रेस पर हुए पथराव की कड़ी निंदा की और दोषियों की गिरफ्तारी तथा जाँच समिति की माँग की। साथ ही गाजियाबाद में जिम ट्रेनरों के पुलिस वेरिफिकेशन के आदेश को सकारात्मक कदम बताया।

मुख्य बातें

फिरोजाबाद के पास लखनऊ-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस के उस कोच पर पत्थर फेंके गए जिसमें RSS प्रमुख मोहन भागवत सवार थे।
घटना में मोहन भागवत को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुँचा।
शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद सैफ अब्बास ने पथराव की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और जाँच समिति गठित करने की माँग की।
गाजियाबाद जिला प्रशासन ने सभी जिम ट्रेनरों के लिए पुलिस वेरिफिकेशन और पहचान-पत्र अनिवार्य किया।
मौलाना अब्बास ने जिम वेरिफिकेशन आदेश को 'समाज के लिए सकारात्मक संदेश' देने वाला कदम बताया।

शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद सैफ अब्बास ने फिरोजाबाद के पास लखनऊ-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस पर हुए पथराव की कड़ी निंदा की है — वह कोच जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत यात्रा कर रहे थे। उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और जाँच के लिए एक समिति गठित करने की माँग की है। इस घटना में मोहन भागवत को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुँचा।

मौलाना अब्बास का बयान

मौलाना सैयद सैफ अब्बास ने कहा, 'भारत के एक बड़े संगठन के सरसंघचालक मोहन भागवत को इस घटना का सामना करना पड़ा है और मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूँ। मेरा मानना है कि इस मामले की जाँच के लिए जल्द से जल्द एक कमेटी बनाई जानी चाहिए और दोषियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाएँ देश और समाज दोनों के लिए हानिकारक हैं।

घटना का विवरण

12 जून को फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के निकट लखनऊ-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस के एक कोच पर पत्थर फेंके गए। उस कोच में RSS प्रमुख मोहन भागवत सवार थे। अधिकारियों के अनुसार, घटना में भागवत को कोई चोट नहीं आई, परंतु मामले की जाँच जारी है। यह ऐसे समय में हुआ जब देश में सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर संवेदनशीलता बनी हुई है।

गाजियाबाद में जिम ट्रेनरों के पुलिस वेरिफिकेशन पर प्रतिक्रिया

मौलाना सैयद सैफ अब्बास ने गाजियाबाद जिला प्रशासन के उस आदेश की भी सराहना की जिसमें सभी जिम ट्रेनरों के लिए पुलिस वेरिफिकेशन और पहचान-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा, 'गाजियाबाद के जिलाधिकारी का यह आदेश एक बहुत अच्छा कदम है। आज के हालात में यह जानना जरूरी है कि सही लोग कौन हैं और गलत कौन। इस आदेश से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और आपसी दुश्मनी की घटनाओं में भी कमी आएगी।'

प्रशासन का कदम

गाजियाबाद जिला प्रशासन ने जिले में संचालित सभी जिमों में कार्यरत ट्रेनरों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है। प्रशासन के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य संदिग्ध तत्वों की पहचान करना और नागरिक सुरक्षा को मजबूत करना है। यह आदेश जिले के सभी जिम संचालकों पर समान रूप से लागू होगा।

आगे की स्थिति

शताब्दी एक्सप्रेस पथराव मामले में जाँच जारी है और दोषियों की पहचान की कोशिश हो रही है। मौलाना सैयद सैफ अब्बास जैसे धर्मगुरुओं का इस घटना की निंदा करना और जाँच समिति की माँग करना सामाजिक सौहार्द की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है। यह घटना उस व्यापक सुरक्षा-चूक की ओर भी इशारा करती है जो किसी शीर्ष संगठन के प्रमुख की यात्रा के दौरान नहीं होनी चाहिए। गाजियाबाद में जिम ट्रेनरों का पुलिस वेरिफिकेशन एक प्रशासनिक कदम है, लेकिन इसे व्यापक निगरानी-नीति के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए — क्योंकि बिना स्पष्ट क्रियान्वयन ढाँचे के ऐसे आदेश प्रभावशाली कम और प्रतीकात्मक अधिक साबित होते हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव की घटना कहाँ और कब हुई?
यह घटना फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के पास हुई, जब लखनऊ-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस के एक कोच पर पत्थर फेंके गए। उस कोच में RSS सरसंघचालक मोहन भागवत यात्रा कर रहे थे और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुँचा।
मौलाना सैयद सैफ अब्बास ने इस घटना पर क्या कहा?
मौलाना सैयद सैफ अब्बास ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएँ देश और समाज के लिए हानिकारक हैं। उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और जाँच के लिए एक समिति गठित करने की माँग की।
गाजियाबाद में जिम ट्रेनरों के पुलिस वेरिफिकेशन का आदेश क्यों जारी किया गया?
गाजियाबाद जिला प्रशासन ने जिले के सभी जिमों में कार्यरत ट्रेनरों की पहचान सुनिश्चित करने और संदिग्ध तत्वों को चिह्नित करने के उद्देश्य से यह आदेश जारी किया। इसके तहत पुलिस वेरिफिकेशन और पहचान-पत्र दिखाना अनिवार्य किया गया है।
मौलाना अब्बास ने जिम वेरिफिकेशन आदेश पर क्या रुख अपनाया?
मौलाना सैयद सैफ अब्बास ने इस आदेश की सराहना करते हुए इसे एक अच्छा और जरूरी कदम बताया। उनके अनुसार इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और आपसी दुश्मनी की घटनाओं में कमी आएगी।
क्या मोहन भागवत को पथराव से कोई चोट आई?
नहीं, अधिकारियों के अनुसार शताब्दी एक्सप्रेस पर हुए पथराव में RSS सरसंघचालक मोहन भागवत को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुँचा। मामले की जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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