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मेदवेदेव का बड़ा दावा: ईरान के पास होर्मुज के अलावा बाब अल-मंदेब में भी 'बैकअप रणनीतिक ताकत'

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मेदवेदेव का बड़ा दावा: ईरान के पास होर्मुज के अलावा बाब अल-मंदेब में भी 'बैकअप रणनीतिक ताकत'

सारांश

खामेनेई के अंतिम संस्कार में पहुँचे मेदवेदेव का बयान महज़ शोक-संदेश नहीं था — यह एक स्पष्ट भू-राजनीतिक चेतावनी थी। होर्मुज को 'परमाणु हथियार जितना रणनीतिक' बताते हुए उन्होंने बाब अल-मंदेब को ईरान की 'बैकअप ताकत' करार दिया, जो वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए सीधा संकेत है।

मुख्य बातें

दिमित्री मेदवेदेव ने 5 जुलाई को तेहरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद बड़ा बयान दिया।
उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के लिए परमाणु हथियार जितना रणनीतिक महत्व रखता है।
ईरान के पास बाब अल-मंदेब में भी एक 'बैकअप रणनीतिक दबाव बिंदु' मौजूद है जो वैश्विक शिपिंग को प्रभावित कर सकता है।
मेदवेदेव के अनुसार, ट्रंप के हवाई हमले के आदेश के समय ईरान-अमेरिका वार्ता जारी थी; पुतिन ने पहले शांतिपूर्ण रोडमैप प्रस्तावित किया था।
ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने 8 जून को लाल सागर में इज़रायली जहाजों पर प्रतिबंध की घोषणा की थी।

रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने 5 जुलाई को तेहरान में आयोजित ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शिरकत के बाद एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अतिरिक्त बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में भी एक 'बैकअप रणनीतिक दबाव बिंदु' मौजूद है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार को प्रभावित करने में सक्षम है।

मेदवेदेव का मुख्य बयान

मेदवेदेव ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के लिए किसी परमाणु हथियार जितना रणनीतिक महत्व रखता है। उनके अनुसार, ईरान को यह भली-भाँति पता है कि उसके पास परमाणु हथियारों से भी अधिक मूल्यवान 'रणनीति' उपलब्ध है। यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में की गई, जिसमें उन्होंने बाब अल-मंदेब को एक वैकल्पिक दबाव साधन के रूप में रेखांकित किया।

अमेरिका और इज़रायल पर आरोप

मेदवेदेव ने कहा कि वाशिंगटन के पास ईरान पर हमला करने का कोई ठोस कारण नहीं था, क्योंकि ईरान से अमेरिका को कोई प्रत्यक्ष खतरा नहीं था। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हवाई हमले का आदेश दिया, उस समय तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत जारी थी। उनके अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संघर्ष शुरू होने से पहले ईरानी परमाणु मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान के लिए एक रोडमैप प्रस्तावित किया था, जिसे अमेरिका और इज़रायल ने नज़रअंदाज़ कर दिया।

चेतावनी और संयम का संदेश

मेदवेदेव ने आगाह किया कि यदि क्षेत्र में बड़ा सशस्त्र संघर्ष भड़का तो इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर वैश्विक शिपिंग बाधित हो सकती है। उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा, लेकिन क्षेत्र में संघर्ष चाहने वाले देशों को इसे याद रखना चाहिए।' साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ईरान ने संघर्ष के सबसे कठिन चरण को 'अत्यंत संयम' के साथ पार किया है।

हूती विद्रोहियों और लाल सागर का संदर्भ

गौरतलब है कि यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने इससे पहले भी बाब अल-मंदेब को बंद करने की धमकी दी है। 8 जून को उन्होंने लाल सागर में इज़रायली जहाजों पर प्रतिबंध की घोषणा की थी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला और समुद्री व्यापार मार्गों को लेकर पहले से ही अनिश्चितता बनी हुई है।

भू-राजनीतिक संदर्भ

यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव अपने चरम पर है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गहरी चिंता है। मेदवेदेव की यह टिप्पणी रूस की उस स्थिति को भी दर्शाती है जो ईरान के साथ उसके रणनीतिक संबंधों को रेखांकित करती है। आने वाले हफ्तों में इस क्षेत्र की कूटनीतिक गतिविधियों पर पूरी दुनिया की नज़र टिकी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिमी दबाव के विरुद्ध एक सक्रिय भू-राजनीतिक उपकरण के रूप में देख रहा है। यह वही रूस है जो यूक्रेन में अपनी सैन्य उलझन के बावजूद मध्य-पूर्व में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। असली सवाल यह है कि क्या यह बयान ईरान की वास्तविक क्षमता को दर्शाता है या रूस की अपनी रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं का विस्तार मात्र है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिमित्री मेदवेदेव ने ईरान की 'बैकअप ताकत' के बारे में क्या कहा?
मेदवेदेव ने कहा कि ईरान के पास होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा बाब अल-मंदेब में भी एक 'बैकअप रणनीतिक दबाव बिंदु' है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार को प्रभावित कर सकता है। उनके अनुसार होर्मुज ईरान के लिए परमाणु हथियार जितना रणनीतिक महत्व रखता है।
मेदवेदेव तेहरान में क्यों थे?
मेदवेदेव 5 जुलाई को ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में रूस का प्रतिनिधित्व करने तेहरान पहुँचे थे। इसी दौरान उन्होंने यह महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक बयान दिया।
बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य का वैश्विक व्यापार के लिए क्या महत्व है?
बाब अल-मंदेब लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिससे यूरोप और एशिया के बीच का बड़ा हिस्सा व्यापार गुज़रता है। इसके बंद होने की स्थिति में वैश्विक तेल आपूर्ति और शिपिंग पर गंभीर असर पड़ सकता है।
मेदवेदेव ने अमेरिका और इज़रायल पर क्या आरोप लगाए?
मेदवेदेव ने कहा कि वाशिंगटन के पास ईरान पर हमले का कोई ठोस कारण नहीं था क्योंकि ईरान से अमेरिका को कोई प्रत्यक्ष खतरा नहीं था। उनके अनुसार, ट्रंप के हमले के आदेश के समय दोनों देशों के बीच बातचीत जारी थी और पुतिन का शांतिपूर्ण रोडमैप भी प्रस्तावित था।
हूती विद्रोहियों ने लाल सागर को लेकर क्या घोषणा की थी?
ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने 8 जून को लाल सागर में इज़रायली जहाजों पर प्रतिबंध की घोषणा की थी और इससे पहले भी बाब अल-मंदेब को बंद करने की धमकी दे चुके हैं। यह घोषणा क्षेत्रीय तनाव को और गहरा करती है।
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