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मेहसाणा में 'जिला पंचायत आपके द्वार' की शुरुआत, गांवों में ही मिलेगा शिकायतों का हल

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मेहसाणा में 'जिला पंचायत आपके द्वार' की शुरुआत, गांवों में ही मिलेगा शिकायतों का हल

सारांश

मेहसाणा जिला पंचायत ने गुजरात में पहली बार 'जिला पंचायत आपके द्वार' कार्यक्रम शुरू किया है। बहुचराजी से शुरू हुई इस पहल में ग्रामीणों ने सड़क, बोरवेल और बस सेवा जैसी दर्जनों समस्याएँ उठाईं। हर तालुका में मास्टर रजिस्टर और मासिक समीक्षा से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्य बातें

मेहसाणा जिला पंचायत ने 1 जुलाई 2026 को गुजरात का पहला 'जिला पंचायत आपके द्वार' कार्यक्रम लॉन्च किया।
पहली जनसुनवाई बहुचराजी के अन्नपूर्णा भवन में हुई; सड़क, पेयजल, बोरवेल और तलाटी नियुक्ति जैसे मुद्दे उठाए गए।
हर तालुका में चिटनिश द्वारा मास्टर रजिस्टर रखा जाएगा और जिला प्रशासन मासिक समीक्षा करेगा।
लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड , आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में विधायक सुखाजी ठाकोर , पूर्व मंत्री रजनी पटेल और जिला विकास अधिकारी अंचु विल्सन उपस्थित रहे।

गुजरात के मेहसाणा जिला पंचायत ने 1 जुलाई 2026 को राज्य में अपनी तरह का पहला 'जिला पंचायत आपके द्वार' कार्यक्रम लॉन्च किया, जिसका मकसद ग्रामीण नागरिकों की नागरिक और जनकल्याण संबंधी शिकायतों का निपटारा उनके घर के करीब ही करना है। इस पहल के तहत जिला स्तर का प्रशासन सीधे गाँवों तक पहुँचेगा, जिससे लोगों को जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

कार्यक्रम का शुभारंभ

इस पहल का उद्घाटन बहुचराजी स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ परिसर के अन्नपूर्णा भवन में हुआ। मेहसाणा जिला पंचायत अध्यक्ष नितिन पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित पहली जनसुनवाई में बहुचराजी और आसपास के गाँवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुँचे। उन्होंने सड़क, पेयजल आपूर्ति, बोरवेल, तलाटी (राजस्व अधिकारी) की उपलब्धता और नए ग्राम पंचायत भवनों के निर्माण से जुड़ी समस्याएँ अधिकारियों के सामने रखीं।

मुख्य माँगें और मुद्दे

जनसुनवाई के दौरान कई बुनियादी ढाँचे से जुड़े मुद्दे सामने आए। ग्रामीणों ने शंखलपुर-कलारी बाईपास पर नहर के कारण लंबित 200 मीटर सड़क के अधूरे हिस्से को पूरा करने की माँग की। इसके अलावा डोडीवाड़ा-अडिवाड़ा से खंभेल चोकड़ी तक क्षतिग्रस्त सड़क के पुनर्निर्माण एवं चौड़ीकरण और कानोडा-रनेला सड़क परियोजना को शीघ्र पूरा करने की अपील भी की गई।

अन्य प्रमुख माँगों में रनेला ग्राम पंचायत में स्थायी तलाटी की नियुक्ति, नए ग्राम पंचायत भवन का निर्माण, अंबका-बड़ियाफ रोड का विकास, सडुथाला गाँव में नए बोरवेल का निर्माण और लंबे समय से बंद पड़ी राज्य परिवहन बस सेवा को पुनः शुरू करना शामिल था।

अध्यक्ष नितिन पटेल की प्रतिक्रिया

नितिन पटेल ने मौके पर उपस्थित संबंधित विभागों के अधिकारियों से जवाब तलब किया और निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान तय समय सीमा में किया जाए। उन्होंने कहा, 'इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रशासनिक सेवाएँ अंतिम व्यक्ति तक आसानी से पहुँचें और स्थानीय समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो। इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए हर तालुका में चिटनिश द्वारा एक अलग मास्टर रजिस्टर रखा जाएगा, जिसमें सभी आवेदनों का रिकॉर्ड और फॉलोअप किया जाएगा।'

उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रशासन इन मुद्दों की हर महीने समीक्षा करेगा और जो मामले राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में होंगे, उन्हें उच्च स्तर पर उठाया जाएगा।

लाभार्थियों को दस्तावेज़ वितरण

जनसुनवाई के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में विधायक सुखाजी ठाकोर, पूर्व मंत्री रजनी पटेल, जिला विकास अधिकारी अंचु विल्सन, स्थानीय नेता कमलेश देसाई और देवांग पंड्या सहित जिले और तालुका पंचायत के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आगे की राह

यह कार्यक्रम गुजरात में ज़मीनी स्तर पर प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक उल्लेखनीय प्रयोग है। यदि बहुचराजी का यह मॉडल सफल रहा, तो इसे मेहसाणा के अन्य तालुकाओं में भी विस्तारित किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी कागज़ पर दर्ज शिकायतों के वास्तविक निपटारे की दर होगी। मास्टर रजिस्टर और मासिक समीक्षा की व्यवस्था आशाजनक है, पर बिना स्वतंत्र जवाबदेही तंत्र के यह एक और 'जनसंपर्क कार्यक्रम' बनने का जोखिम रखती है। गौरतलब है कि ग्रामीण भारत में ऐसी जनसुनवाइयाँ अक्सर उत्साहजनक शुरुआत के बाद धीरे-धीरे निष्क्रिय हो जाती हैं। यदि मेहसाणा मॉडल शिकायत-से-समाधान का सत्यापन योग्य डेटा सार्वजनिक करे, तो यह गुजरात के अन्य जिलों के लिए एक ठोस नज़ीर बन सकता है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'जिला पंचायत आपके द्वार' कार्यक्रम क्या है?
यह मेहसाणा जिला पंचायत की एक पहल है जिसमें जिला स्तर के अधिकारी सीधे गाँवों में जाकर ग्रामीणों की नागरिक और जनकल्याण संबंधी शिकायतें सुनते हैं। इसका उद्देश्य लोगों को जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना है।
इस कार्यक्रम की शुरुआत कहाँ से हुई?
कार्यक्रम की पहली जनसुनवाई 1 जुलाई 2026 को बहुचराजी के अन्नपूर्णा भवन में आयोजित हुई। इसे मेहसाणा जिला पंचायत अध्यक्ष नितिन पटेल के मार्गदर्शन में लॉन्च किया गया।
जनसुनवाई में कौन-से मुद्दे उठाए गए?
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति, बोरवेल, स्थायी तलाटी की नियुक्ति, नए ग्राम पंचायत भवन और बंद पड़ी राज्य परिवहन बस सेवा को फिर से शुरू करने की माँगें रखीं।
शिकायतों के निपटारे की निगरानी कैसे होगी?
हर तालुका में चिटनिश द्वारा एक अलग मास्टर रजिस्टर रखा जाएगा, जिसमें सभी आवेदनों का रिकॉर्ड और फॉलोअप होगा। जिला प्रशासन इन मुद्दों की हर महीने समीक्षा करेगा।
क्या इस कार्यक्रम में कोई तत्काल लाभ भी दिए गए?
हाँ, जनसुनवाई के दौरान ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
राष्ट्र प्रेस
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