पुणे में मनसे कार्यकर्ता आशीष साबले गिरफ्तार, PM मोदी की तस्वीर हटाने का मामला
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के चतुर्शृंगी पुलिस थाने ने बुधवार, 2 सितंबर को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ता आशीष साबले को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी पुणे के गणेशखिंड स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर जबरन हटाने के मामले में की गई है। इस प्रकरण में मनसे प्रमुख राज ठाकरे के पुत्र और महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना (एमएनवीएस) के अध्यक्ष अमित ठाकरे सहित 20 से 25 अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज है।
घटनाक्रम: कॉलेज में क्या हुआ
अमित ठाकरे गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में छात्रों से संवाद करने और हॉस्टल, मेस तथा स्वच्छता जैसी सुविधाओं का निरीक्षण करने पहुँचे थे। इसी दौरान कुछ छात्रों ने उनका ध्यान प्राचार्य कार्यालय की दीवार पर लगी उस तस्वीर की ओर खींचा, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी की फोटो छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्रों के साथ लगी थी।
आरोप है कि इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए अमित ठाकरे ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर महाराष्ट्र के पूजनीय प्रतीक हैं और उन्हें किसी राजनीतिक नेता के समान स्तर पर नहीं रखा जा सकता। इसके बाद, कथित तौर पर कॉलेज प्रशासन के विरोध के बावजूद, मनसे कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर दीवार से उतार दी।
एफआईआर और कानूनी धाराएँ
घटना के बाद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र काशीराम पाटिल ने चतुर्शृंगी पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अमित ठाकरे और 20 से 25 अज्ञात कार्यकर्ताओं के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
लगाई गई धाराओं में गैरकानूनी जमावड़ा, आपराधिक अतिक्रमण, सरकारी कर्मचारी के कार्य में बाधा डालना और आपराधिक धमकी देना शामिल हैं। इसके साथ ही महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराएँ भी लगाई गई हैं।
जाँच की स्थिति
पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू करते हुए कई मनसे कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिनमें आशीष साबले की गिरफ्तारी इस श्रृंखला की ताज़ा कड़ी है। जाँच अधिकारी सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों की जाँच कर रहे हैं ताकि घटना में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
मनसे नेताओं ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए इसे छत्रपति शिवाजी महाराज के सम्मान की रक्षा का प्रश्न बताया है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) सहित अन्य दलों के नेताओं ने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक अपरिपक्वता से प्रेरित बताया है। गौरतलब है कि यह घटना राज्य की राजनीति में तीखी बहस का केंद्र बन गई है।
आगे क्या होगा
पुलिस की जाँच जारी है और अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव बताई जा रही है। अमित ठाकरे के विरुद्ध दर्ज एफआईआर की स्थिति पर सभी की नज़र टिकी है, क्योंकि यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है।