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पुणे: मनसे कार्यकर्ता आशीष साबले गिरफ्तार, PM मोदी की तस्वीर हटाने का मामला

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पुणे: मनसे कार्यकर्ता आशीष साबले गिरफ्तार, PM मोदी की तस्वीर हटाने का मामला

सारांश

पुणे के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में PM मोदी की तस्वीर हटाने का विवाद अब कानूनी शक्ल ले चुका है — मनसे कार्यकर्ता आशीष साबले गिरफ्तार, अमित ठाकरे सहित 20-25 पर FIR। सम्मान की राजनीति और कानून-व्यवस्था के बीच महाराष्ट्र एक बार फिर तनाव में है।

मुख्य बातें

आशीष साबले (मनसे कार्यकर्ता) को 2 सितंबर को पुणे के चतुर्शृंगी पुलिस थाने ने गिरफ्तार किया।
मामला गणेशखिंड स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में PM मोदी की तस्वीर जबरन हटाने से जुड़ा है।
अमित ठाकरे (एमएनवीएस अध्यक्ष, राज ठाकरे के पुत्र) सहित 20-25 कार्यकर्ताओं पर बीएनएस की कई धाराओं में FIR दर्ज।
राजेंद्र काशीराम पाटिल की शिकायत पर मामला दर्ज; आरोप: गैरकानूनी जमावड़ा, आपराधिक अतिक्रमण, सरकारी कार्य में बाधा।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है।
BJP ने कार्रवाई की आलोचना की; मनसे ने इसे शिवाजी महाराज के सम्मान की रक्षा बताया।

पुणे शहर पुलिस के चतुर्शृंगी पुलिस थाने ने बुधवार, 2 सितंबर को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ता आशीष साबले को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी पुणे के गणेशखिंड स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर जबरन हटाने से जुड़े मामले में की गई है। इस मामले में मनसे प्रमुख राज ठाकरे के पुत्र एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना (एमएनवीएस) के अध्यक्ष अमित ठाकरे सहित 20 से 25 अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज है।

घटनाक्रम: कॉलेज में क्या हुआ

अमित ठाकरे कॉलेज परिसर में छात्रों से संवाद करने और हॉस्टल, मेस तथा स्वच्छता सुविधाओं का निरीक्षण करने पहुँचे थे। इसी दौरान कुछ छात्रों ने उनका ध्यान प्राचार्य कार्यालय की एक दीवार पर लगी उस तस्वीर की ओर दिलाया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी की फोटो छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्रों के साथ लगाई गई थी।

आरोप है कि अमित ठाकरे ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर महाराष्ट्र के पूजनीय प्रतीक हैं और उन्हें किसी राजनीतिक नेता के समान स्तर पर नहीं रखा जा सकता। इसके बाद मनसे कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर कॉलेज प्रशासन के विरोध को दरकिनार कर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर दीवार से उतार दी।

एफआईआर और कानूनी धाराएँ

घटना के बाद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र काशीराम पाटिल ने चतुर्शृंगी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने अमित ठाकरे और 20 से 25 अज्ञात कार्यकर्ताओं के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया।

लगाए गए आरोपों में गैरकानूनी जमावड़ा, आपराधिक अतिक्रमण, सरकारी कर्मचारी के कार्य में बाधा डालना और आपराधिक धमकी देना शामिल हैं। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराएँ भी लगाई गई हैं।

जाँच की स्थिति

पुलिस ने आरोपियों की तलाश में कई मनसे कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिनमें आशीष साबले की गिरफ्तारी सबसे हालिया कार्रवाई है। जाँच अधिकारी सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों की छानबीन कर रहे हैं ताकि घटना में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस घटना ने महाराष्ट्र की राजनीति में तीखी बहस छेड़ दी है। मनसे नेताओं ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए इसे छत्रपति शिवाजी महाराज के सम्मान की रक्षा का विषय बताया है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) सहित अन्य दलों के नेताओं ने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक अपरिपक्वता से प्रेरित बताया है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक दल प्रतीकों और पहचान के मुद्दों पर लगातार आमने-सामने हैं। आने वाले दिनों में अमित ठाकरे की संभावित गिरफ्तारी और अन्य आरोपियों की पहचान पर सबकी नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और 'शिवाजी सम्मान' का आवरण उसे नैतिक ऊँचाई देने की रणनीति लगती है। गौरतलब है कि सरकारी संस्थानों में नेताओं की तस्वीरें लगाने की परंपरा पर खुद अदालतें सवाल उठा चुकी हैं — लेकिन कानून को हाथ में लेकर तस्वीर उतारना उस बहस को वैध नहीं बनाता। BJP की आलोचना स्वाभाविक है, पर असली परीक्षा यह है कि क्या पुलिस अमित ठाकरे तक भी समान सख्ती से पहुँचती है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आशीष साबले को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
मनसे कार्यकर्ता आशीष साबले को पुणे के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज से PM नरेंद्र मोदी की तस्वीर जबरन हटाने के मामले में 2 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में अमित ठाकरे सहित 20-25 अन्य पर भी FIR दर्ज है।
पुणे कॉलेज में PM मोदी की तस्वीर विवाद क्या है?
गणेशखिंड स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य कार्यालय में PM मोदी की तस्वीर छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. आंबेडकर के चित्रों के साथ लगी थी। अमित ठाकरे के नेतृत्व में मनसे कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर कॉलेज प्रशासन के विरोध के बावजूद वह तस्वीर उतार दी।
अमित ठाकरे पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
अमित ठाकरे और 20-25 अज्ञात कार्यकर्ताओं पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत गैरकानूनी जमावड़ा, आपराधिक अतिक्रमण, सरकारी कर्मचारी के कार्य में बाधा और आपराधिक धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धाराएँ भी लागू की गई हैं।
मनसे ने इस कार्रवाई का बचाव कैसे किया?
मनसे नेताओं ने इसे छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के सम्मान की रक्षा का विषय बताया। उनका तर्क है कि इन महापुरुषों को किसी राजनीतिक नेता के समान स्तर पर नहीं रखा जाना चाहिए।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर शेष आरोपियों की पहचान कर रही है। अमित ठाकरे की संभावित गिरफ्तारी और अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई पर सबकी नज़रें टिकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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