13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मोशी डंपिंग ग्राउंड हादसा: आयुक्त डॉ. सूर्यवंशी ने एंटोनी लारा रिन्यूएबल और पर्यावरण विभाग को नोटिस के दिए आदेश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मोशी डंपिंग ग्राउंड हादसा: आयुक्त डॉ. सूर्यवंशी ने एंटोनी लारा रिन्यूएबल और पर्यावरण विभाग को नोटिस के दिए आदेश

सारांश

पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी डंपिंग ग्राउंड में कचरे का ढेर गिरने से 9 लोगों की जान गई। अब PCMC आयुक्त ने पर्यावरण विभाग और ठेकेदार कंपनी एंटोनी लारा रिन्यूएबल को नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं — जवाबदेही तय होगी या फिर फाइलों में दब जाएगी यह त्रासदी?

मुख्य बातें

8 जुलाई 2025 को दोपहर 1:30 बजे मोशी डंपिंग ग्राउंड में 'वेस्ट टू एनर्जी' इमारत पर कचरे का ढेर गिरा, 23 लोग फंसे।
बचाव अभियान में 9 लोगों को सुरक्षित निकाला गया; 9 लोगों की मौत हुई।
विजय सूर्यवंशी ने 12 जुलाई को समीक्षा बैठक कर गहन जांच के आदेश दिए।
पर्यावरण विभाग और ठेकेदार कंपनी एंटोनी लारा रिन्यूएबल को नोटिस जारी होंगे।
जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बचाव में भारतीय सेना , NDRF , PCMC , PMRDA अग्निशमन दल और पुलिस शामिल रहे।

पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (PCMC) के मोशी कचरा डंपिंग ग्राउंड में 8 जुलाई 2025 को हुए दर्दनाक हादसे की गहन जांच के आदेश देते हुए आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने नगर निगम के पर्यावरण विभाग और ठेकेदार कंपनी एंटोनी लारा रिन्यूएबल को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। 12 जुलाई को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसमें जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई का भी संकेत दिया गया।

हादसे का घटनाक्रम

8 जुलाई को दोपहर लगभग 1:30 बजे मोशी डंपिंग ग्राउंड में 'वेस्ट टू एनर्जी' परियोजना की प्रशासनिक इमारत पर कचरे का विशाल ढेर अचानक ढह गया। उस समय इमारत के भीतर और आसपास कुल 23 लोग मौजूद थे। इनमें से 5 लोग स्वयं सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि शेष लोगों को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।

कई घंटों तक चले इस अभियान में 9 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, परंतु मलबे में दबे 9 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। इस हादसे ने पूरे पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।

बचाव अभियान में कौन-कौन शामिल रहा

राहत कार्य में भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका, पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) के अग्निशमन दल और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से भाग लिया। यह अभियान बहु-एजेंसी समन्वय का उदाहरण रहा, लेकिन नौ मौतें यह भी दर्शाती हैं कि कचरे के विशाल ढेर के नीचे बचाव कार्य की सीमाएँ कितनी चुनौतीपूर्ण थीं।

समीक्षा बैठक और जांच के आदेश

12 जुलाई को आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अतिरिक्त आयुक्त कुलदीप जंगम, तृप्ती सांडभोर, विक्रांत बगाडे तथा सह आयुक्त मनोज लोणकर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में दुर्घटना के कारणों, बचाव कार्य की समीक्षा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

आयुक्त ने स्पष्ट किया कि हादसे के लिए जिम्मेदार सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन जांच होगी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नोटिस और जवाबदेही

आयुक्त के निर्देश पर PCMC पर्यावरण विभाग और ठेकेदार कंपनी एंटोनी लारा रिन्यूएबल को नोटिस जारी किए जाएंगे, जिनमें उनसे इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा जाएगा। गौरतलब है कि 'वेस्ट टू एनर्जी' परियोजना का संचालन इसी ठेकेदार कंपनी के जिम्मे था, जो इस हादसे के केंद्र में है।

आगे क्या होगा

जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए गए पक्षों के विरुद्ध प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई अपेक्षित है। यह हादसा देश के अन्य शहरों के लिए भी चेतावनी है, जहाँ कचरे के विशाल ढेरों के पास निर्माण कार्य या प्रशासनिक इमारतें मौजूद हैं। सुरक्षा मानकों की समीक्षा और उनके सख्त अनुपालन की माँग अब जोर पकड़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि शहरी कचरा प्रबंधन में व्याप्त लापरवाही की परिणति हैं — जहाँ विशाल कचरे के ढेरों के ठीक पास प्रशासनिक इमारतें खड़ी की जाती हैं। नोटिस जारी करना पहला कदम है, लेकिन असली सवाल यह है कि 'वेस्ट टू एनर्जी' परियोजना के संचालन में सुरक्षा मानकों की निगरानी कौन कर रहा था और क्यों चूकी। देश के अन्य महानगरों में भी ऐसी परियोजनाएँ चल रही हैं — यदि PCMC की जांच पारदर्शी और समयबद्ध नहीं रही, तो यह त्रासदी एक और भूली-बिसरी फाइल बन जाएगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोशी डंपिंग ग्राउंड हादसा क्या था?
8 जुलाई 2025 को दोपहर लगभग 1:30 बजे पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी स्थित कचरा डंपिंग ग्राउंड में 'वेस्ट टू एनर्जी' परियोजना की प्रशासनिक इमारत पर कचरे का विशाल ढेर गिर गया। इस हादसे में 23 में से 9 लोगों की मौत हो गई और 9 को सुरक्षित बचाया जा सका।
हादसे की जांच कौन करेगा और क्या कार्रवाई होगी?
PCMC आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने 12 जुलाई को गहन जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर पर्यावरण विभाग और ठेकेदार कंपनी एंटोनी लारा रिन्यूएबल के विरुद्ध प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एंटोनी लारा रिन्यूएबल को नोटिस क्यों दिया जा रहा है?
एंटोनी लारा रिन्यूएबल मोशी की 'वेस्ट टू एनर्जी' परियोजना की ठेकेदार कंपनी है। हादसे की जिम्मेदारी तय करने के लिए आयुक्त ने इस कंपनी और PCMC पर्यावरण विभाग दोनों से उनका पक्ष माँगने हेतु नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
बचाव अभियान में कौन-सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
बचाव अभियान में भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), PCMC, PMRDA के अग्निशमन दल और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से भाग लिया। कई घंटों के अभियान में 9 लोगों को सुरक्षित निकाला जा सका।
भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
12 जुलाई की समीक्षा बैठक में दुर्घटना के कारणों और पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर चर्चा हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल में बदलाव और जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध कार्रवाई अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 दिन पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 3 दिन पहले
  5. 4 दिन पहले
  6. 4 दिन पहले
  7. 4 दिन पहले
  8. 1 महीना पहले