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एमपीएससी पेपर लीक पर योगेश कदम: 'सरकार को सीख लेनी होगी, भविष्य में न दोहराएं गलती'

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एमपीएससी पेपर लीक पर योगेश कदम: 'सरकार को सीख लेनी होगी, भविष्य में न दोहराएं गलती'

सारांश

महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने एक साथ चार संवेदनशील मुद्दों पर बोलते हुए एमपीएससी पेपर लीक को सिस्टम की विफलता बताया और नीतिगत सुधार का वादा किया। दिशा सालियान केस सीबीआई को, एसआईआर पर विपक्ष को जवाब — महाराष्ट्र की राजनीति एक साथ कई मोर्चों पर गरम।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने 2 सितंबर को मुंबई में चार प्रमुख मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
एमपीएससी पेपर लीक मामले में एक और मुख्य आरोपी गिरफ्तार; कदम ने नीतिगत सुधार और नए नियमों की बात कही।
दिशा सालियान केस अब सीबीआई के पास; मुंबई पुलिस के साक्ष्य हस्तांतरित, सरकार ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
एसआईआर प्रक्रिया अभी अधूरी है; वैध मतदाताओं को सुनवाई में दस्तावेज पेश करने का मौका मिलेगा।
कूपर हॉस्पिटल बुर्का विवाद पर कदम ने कांग्रेस पर पलटवार किया — सत्ता में रहते बोलना था।

महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने बुधवार, 2 सितंबर को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में एमपीएससी पेपर लीक, दिशा सालियान केस, एसआईआर प्रक्रिया और कूपर हॉस्पिटल बुर्का विवाद पर विस्तार से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से सरकार को सबक लेना होगा और भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए नीतिगत बदलाव अनिवार्य हैं।

एमपीएससी पेपर लीक: जिम्मेदारी और सुधार की बात

गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा कि एमपीएससी पेपर लीक मामले में एक और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'जब भी इस प्रकार की पेपर लीक की घटना होती है, तब सिर्फ बच्चों का नहीं, बल्कि डिपार्टमेंट का भी नुकसान होता है।' कदम ने जोर देते हुए कहा कि सरकार को यह समझना होगा कि यह लीक कैसे और किस माध्यम से हुई, ताकि भविष्य में इसे रोका जा सके।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में लाखों उम्मीदवार एमपीएससी परीक्षा देते हैं और उनके साथ न्याय होना चाहिए। 'एक छात्र मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करता है। ऐसे में अगर पेपर लीक हो जाएं, तो वह निराश होने के साथ-साथ डिप्रेशन की स्थिति में चला जाता है।' कदम ने कहा कि सिस्टम की खामियों को पहले पहचाना जाए और उसके आधार पर नए नियम और नीतियाँ बनाई जाएं।

दिशा सालियान केस: सीबीआई को सौंपा गया मामला

दिशा सालियान केस पर कदम ने कहा कि यह मामला अब सीबीआई के हाथों में है। मुंबई पुलिस को जो भी साक्ष्य और जानकारी मिली थी, वह सीबीआई को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, 'एक महिला की मृत्यु हुई थी, इसलिए उसे न्याय मिलना ही चाहिए।' कदम ने यह भी आश्वस्त किया कि सरकार की ओर से सीबीआई को हर संभव सहयोग दिया जाएगा और मामले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गौरतलब है कि जांच के शुरुआती दिन किसी भी केस में बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। कदम ने इस बात को रेखांकित करते हुए कहा कि केस हैंडओवर में देरी के बावजूद सीबीआई अब सक्रिय है और सरकार पूरी तरह सहयोगी रुख अपनाए हुए है।

एसआईआर पर विवाद: 'प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई'

विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'वोट चोरी' वाले बयान पर कदम ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया अभी पूर्ण नहीं हुई है — अभी केवल सर्वे और मैपिंग का चरण हुआ है। जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है, उन्हें सुनवाई के दौरान अपने दस्तावेज पेश करने का अवसर मिलेगा और वैध नागरिक साबित होने पर उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा।

कदम ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में घुसपैठिए अवैध रूप से रह रहे थे और फर्जी पहचान पत्र बनाकर मतदान कर रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया, 'अगर ढाई करोड़ लोग उस जगह पर नहीं थे, तो वोटिंग कैसे हो रही थी?' उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर की अंतिम सूची आने के बाद ही इस पर टिप्पणी करना उचित होगा।

कूपर हॉस्पिटल बुर्का विवाद: कांग्रेस पर पलटवार

कूपर हॉस्पिटल बुर्का मामले पर कदम ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब उसे इस विषय पर बोलना चाहिए था। उनका कहना था कि अब इस मुद्दे को उठाकर कांग्रेस युवाओं को भटकाने का काम कर रही है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष अस्पतालों में पहचान-सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है।

आगे क्या होगा

सरकार के अनुसार, एमपीएससी पेपर लीक मामले में जांच जारी है और नीतिगत सुधारों पर काम शुरू होगा। दिशा सालियान केस में सीबीआई की जांच अब निर्णायक दौर में प्रवेश कर सकती है। एसआईआर की अंतिम सूची जारी होने के बाद मतदाता सूची विवाद पर स्थिति और स्पष्ट होगी। गृह राज्य मंत्री कदम के इन बयानों से महाराष्ट्र की राजनीति में इन मुद्दों को लेकर बहस और तेज होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि महाराष्ट्र में पेपर लीक की यह पहली घटना नहीं है — बार-बार की इन चूकों के बावजूद 'सिस्टम सुधार' की बात हर बार नई घोषणा की तरह आती है और लागू नहीं होती। दिशा सालियान केस में सीबीआई को सौंपना एक कदम है, लेकिन जांच के शुरुआती दिनों में हुई देरी के बारे में कोई जवाबदेही नहीं दिखती। एसआईआर पर विपक्ष को 'भटकाने वाला' कहना उन लाखों मतदाताओं की चिंता को नजरअंदाज करता है जिनके नाम सूची से बाहर हो सकते हैं — प्रक्रिया पूरी होने तक पारदर्शिता ज़रूरी है, सफाई नहीं।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमपीएससी पेपर लीक मामले में अब तक क्या हुआ है?
एमपीएससी पेपर लीक मामले में एक और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा है कि सरकार इस घटना से सीख लेकर नए नियम और नीतिगत बदलाव लाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।
दिशा सालियान केस की जांच अब किसके हाथ में है?
दिशा सालियान केस की जांच अब सीबीआई के हाथों में है। मुंबई पुलिस को अपने सभी साक्ष्य और जानकारी सीबीआई को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं और सरकार ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
एसआईआर प्रक्रिया से मतदाताओं पर क्या असर पड़ेगा?
योगेश कदम के अनुसार एसआईआर की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है — अभी केवल सर्वे और मैपिंग हुई है। जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई, उन्हें सुनवाई में दस्तावेज पेश कर वैध नागरिक साबित करने का अवसर मिलेगा और सही पाए जाने पर उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा।
कूपर हॉस्पिटल बुर्का विवाद पर सरकार का क्या रुख है?
गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा कि कांग्रेस को यह मुद्दा तब उठाना चाहिए था जब वह सत्ता में थी। उनके अनुसार अब इस मुद्दे को उठाकर विपक्ष युवाओं को भटकाने का काम कर रहा है।
पेपर लीक रोकने के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी?
कदम ने कहा कि पहले सिस्टम की खामियों को पहचाना जाएगा और उसके आधार पर नए नियम व नीतियाँ बनाई जाएंगी। उन्होंने स्वीकार किया कि लाखों उम्मीदवारों के भविष्य को देखते हुए यह सुधार अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
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