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JSSC-JPSC धांधली पर हेमंत सोरेन का 'सर्जिकल स्ट्राइक' पूरे देश के लिए मिसाल: JMM प्रवक्ता मनोज पांडे

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JSSC-JPSC धांधली पर हेमंत सोरेन का 'सर्जिकल स्ट्राइक' पूरे देश के लिए मिसाल: JMM प्रवक्ता मनोज पांडे

सारांश

JSSC-JPSC परीक्षा घोटाले पर हेमंत सोरेन सरकार ने एक साथ कई परीक्षाएं रद्द कर जो 'सर्जिकल स्ट्राइक' की, उसे JMM ने राष्ट्रीय मानक बताया — और BJP शासित राज्यों में 152 पेपर लीक का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि वहाँ जवाबदेही क्यों नहीं?

मुख्य बातें

JMM प्रवक्ता मनोज पांडे ने 20 अगस्त को कहा कि JSSC और JPSC परीक्षाओं में धांधली पर हेमंत सोरेन की त्वरित कार्रवाई पूरे देश के लिए उदाहरण है।
पांडे के अनुसार BJP शासित राज्यों में 152 परीक्षा लीक हुए, फिर भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने व्यापम घोटाले और शिवराज चौहान को केंद्र में मंत्री बनाए जाने का उल्लेख करते हुए BJP पर जवाबदेही का सवाल उठाया।
चयनित अभ्यर्थियों की नाराज़गी को पांडे ने 'स्वाभाविक' बताया और कहा कि मामला अब न्यायालय में है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि अदालत का फैसला सर्वोपरि माना जाएगा।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के प्रवक्ता मनोज पांडे ने 20 अगस्त को कहा कि JSSC और JPSC परीक्षाओं में अनियमितताओं के सामने आते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जिस तत्परता से परीक्षाएं रद्द कर सुधार के कदम उठाए, वह पूरे भारत में अनुकरणीय है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि परीक्षा में गड़बड़ी की समस्या किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है।

मुख्य बयान

मनोज पांडे ने कहा, 'परीक्षा में गड़बड़ी अमूमन मुझे लगता है बहुत सारे राज्यों में हुआ। बहुत अधिक पैमाने पर हुआ। भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों में 152 परीक्षा लीक हुआ और परीक्षा में गड़बड़ी, नौकरियों में गड़बड़ी, व्यापम घोटाला शिवराज चौहान ने किया और उन्हें आज अपग्रेड करके केंद्र में मंत्री बना दिया गया है। यह सब हम लोगों ने देखा है।'

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि अन्य राज्यों में घोटाले सामने आने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जबकि झारखंड सरकार ने तत्काल सख्त निर्णय लिए।

परीक्षा सुधार पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'

JMM प्रवक्ता ने कहा, 'पहली बार झारखंड में परीक्षा में धांधली की बातें सामने आए तो परीक्षा सुधार के लिए जो सर्जिकल स्ट्राइक हुआ, सीएम हेमंत सोरेन की तरफ से, वह काबिले तारीफ है। वैसा उदाहरण पूरे भारतवर्ष में देखने को नहीं मिलेगा कि एक साथ उतनी परीक्षाएं रद्द की गई हो।'

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के मामले लगातार सुर्खियों में रहे हैं, और छात्र आंदोलन कई राज्यों में उभरे हैं।

चयनित अभ्यर्थियों की नाराज़गी

पांडे ने माना कि परीक्षाएं रद्द होने से पहले से चयनित अभ्यर्थियों में रोष स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, 'आंदोलन कर रहे हजारों छात्रों की मांगों और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने फैसला लिया। लेकिन जो चयनित अभ्यर्थी थे, उनमें नाराज़गी है और नाराज़गी होना स्वाभाविक भी है। मैं उसे गलत नहीं मानता। वो आंदोलन कर रहे हैं। न्यायालय में भी गए हैं।'

मामला न्यायालय में

JMM प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि यह विवाद अब न्यायालय के विचाराधीन है और सरकार अदालत के फैसले को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी। गौरतलब है कि रांची में आंदोलनकारी छात्रों ने लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद सरकार ने परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर दूसरों ने ज़्यादा किया।' BJP के 152 पेपर लीक का आँकड़ा बिना स्वतंत्र सत्यापन के उद्धृत किया गया है, जो दावे की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। असली परीक्षा यह है कि परीक्षाएं रद्द करना सुधार की शुरुआत है या अंत — क्योंकि चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है और न्यायालय का फैसला आना अभी बाकी है। झारखंड के छात्रों को त्वरित निर्णय से नहीं, पारदर्शी पुनर्परीक्षा और दोषियों की सज़ा से न्याय मिलेगा।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में JSSC और JPSC परीक्षाएं क्यों रद्द की गईं?
परीक्षाओं में अनियमितताओं और धांधली की शिकायतें सामने आने के बाद हज़ारों छात्रों ने आंदोलन किया, जिसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार ने परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया। JMM ने इसे परीक्षा सुधार की दिशा में 'सर्जिकल स्ट्राइक' बताया है।
मनोज पांडे ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
JMM प्रवक्ता मनोज पांडे ने दावा किया कि BJP शासित राज्यों में 152 परीक्षाएं लीक हुईं और व्यापम जैसे बड़े घोटाले के बावजूद जवाबदेही नहीं हुई। उन्होंने शिवराज चौहान को केंद्र में मंत्री बनाए जाने का उल्लेख भी किया।
चयनित अभ्यर्थियों के बारे में सरकार का क्या रुख है?
JMM प्रवक्ता ने माना कि जो अभ्यर्थी पहले चयनित हो चुके थे, उनकी नाराज़गी स्वाभाविक है। मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है और सरकार ने कहा है कि अदालत का फैसला सर्वोपरि रहेगा।
क्या यह मामला अभी भी कोर्ट में है?
हाँ, परीक्षा रद्द होने से नाराज़ चयनित अभ्यर्थी न्यायालय में गए हैं। JMM प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि झारखंड सरकार न्यायालय के आदेश को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
झारखंड परीक्षा धांधली मामले में आगे क्या होगा?
मामला न्यायालय के विचाराधीन है और अदालत का फैसला आने के बाद ही चयनित व आंदोलनकारी — दोनों पक्षों की स्थिति स्पष्ट होगी। सरकार ने परीक्षा सुधार के संकेत दिए हैं, लेकिन पुनर्परीक्षा की तिथि अभी घोषित नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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