मुंबई पुलिस के 4 कर्मियों पर गंभीर आरोप, एपीआई समेत सस्पेंड
सारांश
Key Takeaways
- चार पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं।
- आरोप चोरी और वसूली के हैं।
- मामला आरसीएफ पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।
- जांच जारी है, आगे की कार्रवाई का आश्वासन।
मुंबई, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई पुलिस के एंटी-टेररिज्म सेल से जुड़े एक असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर (एपीआई) और तीन पुलिस कॉन्स्टेबल को गंभीर आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। इन पर आधिकारिक कार्रवाई के दौरान चोरी और वसूली करने का आरोप है। इस मामले के प्रकाश में आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और इसकी जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों में एपीआई विजय महादेव सुतार और कॉन्स्टेबल योगेश विलास खंडके, धनाश्री रामचंद्र मोरे तथा रविंद्र बापूसाहेब नेमाने शामिल हैं। इनके खिलाफ आरसीएफ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। इन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(ए), 308(2), 351(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
सूत्रों के अनुसार, यह टीम आरसीएफ पुलिस स्टेशन के एंटी टेररिज्म सेल से जुड़ी थी और उन्हें अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की तलाश में कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। इसी अभियान के दौरान, टीम पर आरोप लगा कि उन्होंने नवी मुंबई में एक महिला के घर पर छापेमारी के दौरान वहां से नकद राशि और सोने के आभूषण चुरा लिए।
इसके अतिरिक्त, एक अन्य मामले में आरोप है कि इसी टीम ने कल्याण में रहने वाली एक संदिग्ध बांग्लादेशी महिला से लगभग 5 लाख रुपये की वसूली की। कहा गया कि महिला को कार्रवाई का डर दिखाकर उससे पैसे वसूले गए।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक सामाजिक कार्यकर्ता ने इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर पुलिस विभाग ने पहले आंतरिक जांच का आदेश दिया। जांच के दौरान आरोपों में प्रथम दृष्टया सच्चाई सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया।
इसके बाद, डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस समीर शेख ने इस मामले की जांच चेंबूर पुलिस स्टेशन को सौंपी। जांच के आगे बढ़ने पर पुलिस ने एपीआई विजय सुतार और कॉन्स्टेबल योगेश खंडके को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, कॉन्स्टेबल धनाश्री मोरे को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।
गिरफ्तारी के बाद नियमों के अनुसार इन तीनों पुलिसकर्मियों को उनकी गिरफ्तारी की तिथि से ही डिम्ड सस्पेंशन में डाल दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।