मुंबई: टिंडर के माध्यम से चल रहे बड़े उगाही रैकेट का भंडाफोड़, 10 गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- मुंबई में टिंडर ऐप से चल रहा एक बड़ा उगाही रैकेट पकड़ा गया।
- 10 आरोपियों में तीन युवतियां दिल्ली से लाई गई थीं।
- पुलिस ने साकीनाका स्थित कैफे में छापेमारी की।
- कैफे का मालिक भी इस रैकेट में शामिल था।
- पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
मुंबई, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई पुलिस ने ऑनलाइन डेटिंग ऐप टिंडर के माध्यम से चल रहे एक बड़े उगाही रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह में दिल्ली से लाई गई तीन युवतियां भी शामिल थीं। पुलिस ने यह कार्रवाई साकीनाका क्षेत्र के घाटकोपर में स्थित कैफे क्लब में छापेमारी कर की।
पुलिस की जानकारी के अनुसार, यह गिरोह धनी और संपन्न युवकों को अपना निशाना बनाता था। आरोपी युवतियां डेटिंग ऐप टिंडर पर युवकों की प्रोफाइल को लाइक कर उनसे संपर्क करती थीं और फिर उन्हें डेट के बहाने कैफे क्लब में बुलाती थीं। कैफे पहुंचने के बाद युवकों को धमकाकर उनसे बड़ी रकम वसूली जाती थी। आरोपी युवतियां और उनके साथी युवकों को झूठे यौन उत्पीड़न के मामलों में फंसाने और पुलिस कार्रवाई की धमकी देते थे। इसी दौरान, कैफे में महंगी खाने-पीने की वस्तुओं के ऑर्डर देकर बिल को 25,000 से 50,000 रुपए या उससे अधिक तक पहुंचा दिया जाता था।
पुलिस ने बताया कि कैफे के बाउंसर भी इस उगाही में संलग्न थे और वे पीड़ितों को डरा-धमका कर ज़बरदस्ती भुगतान कराने का काम करते थे।
पवई पुलिस को इस रैकेट की सूचना मिलने के बाद एक जाल बिछाया गया। पुलिस टीम ने छापा मारकर पूरे गिरोह को रंगे हाथ पकड़ लिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक युवक को कैफे में जमीन पर बैठाकर पैसे वसूलने की कोशिश करते हुए पाया। जांच में पता चला कि कैफे का मालिक भी इस रैकेट में सक्रिय रूप से शामिल था और वही इस ठगी के नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह में दिल्ली से तीन युवतियों को विशेष रूप से लाया गया था। इसके अलावा, गिरोह से करीब 25 से 30 अन्य लड़कियों के जुड़े होने की भी जानकारी मिली है, जिनके माध्यम से अमीर युवकों को फंसाया जाता था। इस मामले में साकीनाका पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया गया है और सभी गिरफ्तार आरोपियों को हिरासत में रखा गया है।
मुंबई पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट में और कितने लोग शामिल हैं और कितने युवकों को अब तक इस तरह से ठगा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नेटवर्क के पूरे दायरे का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।