नरेश बालियान के मकोका मामले में गैंगस्टर नंदू के खिलाफ दूसरा NBW जारी, 9 जुलाई तक पेशी का आदेश
सारांश
मुख्य बातें
राउज एवेन्यू कोर्ट ने 9 जून 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता नरेश बालियान से जुड़े मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) मामले में कथित गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के खिलाफ दूसरा गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया। अदालत ने दिल्ली पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिया है कि आरोपी को 9 जुलाई तक न्यायालय के समक्ष अनिवार्य रूप से पेश किया जाए।
मुख्य घटनाक्रम
सुनवाई के दौरान अदालत को अवगत कराया गया कि कपिल सांगवान उर्फ नंदू लगातार न्यायिक प्रक्रिया से अनुपस्थित बना हुआ है और मकोका मामले में चल रहे ट्रायल में भाग नहीं ले रहा। अदालत ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए दूसरा NBW जारी किया। गौरतलब है कि यह पहले जारी किए गए गैर-जमानती वारंट के बाद भी आरोपी के न्यायालय में न आने पर उठाया गया दूसरा सख्त कदम है।
जाँच एजेंसियों का दावा
जाँच एजेंसियों के अनुसार, कपिल सांगवान उर्फ नंदू पर आरोप है कि वह कथित तौर पर विदेश में रहकर एक संगठित आपराधिक गिरोह का संचालन कर रहा है। पुलिस का दावा है कि आरोपी विभिन्न आपराधिक गतिविधियों को विदेश से नियंत्रित करता रहा है और उसके नेटवर्क की जाँच जारी है। इसी आधार पर उसके खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई की गई है।
नरेश बालियान की भूमिका
इस मामले में AAP नेता नरेश बालियान का नाम भी जाँच के दायरे में है। हालाँकि, मामला अभी प्रारंभिक कानूनी चरण में है और अदालत आरोप तय करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आरोप तय करने संबंधी सुनवाई 20 जुलाई से शुरू होगी।
दिल्ली पुलिस पर जिम्मेदारी
अदालत के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह कपिल सांगवान उर्फ नंदू को निर्धारित तिथि तक न्यायालय के समक्ष पेश करे। पुलिस अब आरोपी के संभावित ठिकानों और उसकी गतिविधियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जाँच कर रही है। यदि आरोपी 9 जुलाई तक अदालत में उपस्थित नहीं होता, तो उसके खिलाफ और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
आगे क्या होगा
अब सभी की नज़रें 20 जुलाई से शुरू होने वाली आरोप-निर्धारण सुनवाई पर टिकी हैं। यह सुनवाई मामले की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। मकोका जैसे गंभीर कानून के तहत दर्ज इस मामले में अदालत की सक्रियता संकेत देती है कि न्यायिक प्रक्रिया में और देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।