राजस्थान में NCB की JCC बैठक: ड्रग तस्करी के खिलाफ 10 एजेंसियों की संयुक्त रणनीति मजबूत
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 24 अक्टूबर 2026 को जयपुर में राजस्थान के लिए वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही की राज्य-स्तरीय संयुक्त समन्वय समिति (JCC) बैठक आयोजित की, जिसमें खुफिया जानकारी साझा करने, वित्तीय जाँच और समन्वित प्रवर्तन कार्रवाई को और धारदार बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। ड्रग तस्करी नेटवर्क और अवैध प्रयोगशालाओं के भंडाफोड़ से लेकर अफीम व पोस्ता भूसे के अवैध डायवर्जन को रोकने तक — बैठक का एजेंडा व्यापक और बहु-आयामी था।
बैठक का स्वरूप और भागीदारी
इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता NCB (पश्चिमी क्षेत्र) के उप महानिदेशक (DDG) और राजस्थान के आईजी, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने की। बैठक में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA), प्रवर्तन निदेशालय (ED), राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI), केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN), कस्टम्स, आयकर विभाग, खुफिया ब्यूरो (IB), सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, ड्रग कंट्रोलर कार्यालय, राज्य ANTF और अन्य एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की।
अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय और राज्य एजेंसियों की एक साथ उपस्थिति इस बात का संकेत है कि राजस्थान में ड्रग तस्करी से निपटने के लिए बहु-स्तरीय दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम और एजेंडा
आधिकारिक बयान के अनुसार, बैठक में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा हुई — विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत करना; NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) से जुड़े अहम मामलों की समीक्षा; ड्रग तस्करी नेटवर्क और अवैध प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़; बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की जब्ती; बार-बार अपराध करने वालों को मिली जमानत की निगरानी; और नशा मुक्ति केंद्रों की स्थिति की समीक्षा।
बयान में यह भी कहा गया कि 'नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-29)' के तहत तय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रवर्तन उपायों में तेज़ी लाने का संकल्प लिया गया। संयुक्त पूछताछ और खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान के ज़रिये ड्रग तस्करी गिरोहों को समाप्त करने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
गुजरात JCC बैठक से तुलना
गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त 2026 में पड़ोसी राज्य गुजरात के लिए 2026 की दूसरी तिमाही की JCC बैठक आयोजित की गई थी। उस बैठक की अध्यक्षता NCB के उप महानिदेशक (पश्चिमी क्षेत्र) मनीष कुमार ने की थी, जबकि खुफिया ब्यूरो (IB) के अतिरिक्त निदेशक राजीव अहीर ने सह-अध्यक्षता संभाली थी।
गुजरात बैठक में भी राज्य ANTF, DRI, NIA, कस्टम्स, सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारतीय तटरक्षक बल (ICG), केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) और राज्य ड्रग कंट्रोलर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। उस बैठक में भी अंतर-राज्यीय और अंतर-एजेंसी समन्वय पर ध्यान केंद्रित किया गया था।
NDPS मामलों की प्रस्तुति
NCB ने गुजरात JCC बैठक में NDPS से जुड़े दो अहम मामले प्रस्तुत किए, जिनमें काम करने के तरीके, अंतर-राज्यीय संबंधों और जाँच की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। वहीं, DRI ने भी एक महत्वपूर्ण NDPS मामला रखा, जिसमें तस्करी के पैटर्न और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित किया गया।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी भारत में ड्रग तस्करी के मार्गों पर अंकुश लगाना केंद्र सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है। NCB की त्रैमासिक JCC बैठकों की यह श्रृंखला 'नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-29' के क्रियान्वयन का हिस्सा है।
आगे की राह
बैठक में सभी एजेंसियों ने राजस्थान में ड्रग तस्करी और संगठित नशीले पदार्थों के नेटवर्क के विरुद्ध मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। पिछली JCC बैठक की 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' की समीक्षा भी बैठक के प्रमुख बिंदुओं में शामिल रही। अधिकारियों के अनुसार, अफीम और पोस्ता भूसे के अवैध डायवर्जन को रोकने के लिए विशेष निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ किया जाएगा।