31 जुलाई 2026
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एनसीबी ने महाराष्ट्र पुलिस के 26 अधिकारियों को एनडीपीएस प्रवर्तन में मास्टर ट्रेनर बनाया

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एनसीबी ने महाराष्ट्र पुलिस के 26 अधिकारियों को एनडीपीएस प्रवर्तन में मास्टर ट्रेनर बनाया

सारांश

एनसीबी ने गाजियाबाद में दूसरे टीओटी कार्यक्रम के तहत महाराष्ट्र पुलिस के 26 और अधिकारियों को एनडीपीएस मास्टर ट्रेनर बनाया — अब राज्य में कुल 56 प्रशिक्षित ट्रेनर। साथ ही भोपाल और गुवाहाटी में जेसीसी बैठकों में नशा तस्करी के खिलाफ बहु-एजेंसी समन्वय को मजबूत करने पर सहमति बनी।

मुख्य बातें

एनसीबी ने 27-31 जुलाई 2026 को गाजियाबाद में पाँच दिवसीय टीओटी कार्यक्रम में महाराष्ट्र पुलिस के 26 अधिकारियों को एनडीपीएस अधिनियम प्रवर्तन में मास्टर ट्रेनर बनाया।
दोनों टीओटी कार्यक्रमों के बाद महाराष्ट्र पुलिस के पास अब कुल 56 मास्टर ट्रेनर हैं।
पहला टीओटी कार्यक्रम 20-24 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक आयोजित हुआ था।
भोपाल और गुवाहाटी में मध्य प्रदेश व असम के लिए 2026 की दूसरी तिमाही की जेसीसी बैठकें आयोजित हुईं।
बैठकों में संयुक्त पूछताछ, वित्तीय जाँच, समन्वित प्रवर्तन और खुफिया जानकारी साझा करने पर चर्चा हुई।
असम की जेसीसी बैठक की अध्यक्षता एनसीबी के डीजी (एनईआर) आर.

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 27 से 31 जुलाई 2026 के बीच गाजियाबाद में आयोजित पाँच दिवसीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण (टीओटी) कार्यक्रम के तहत महाराष्ट्र पुलिस के 26 अधिकारियों को एनडीपीएस अधिनियम के प्रवर्तन में मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया। यह कार्यक्रम बीपीआरएंडडी-सीडीआईटी, गाजियाबाद के सहयोग से संपन्न हुआ और इसमें इंस्पेक्टर तथा उससे ऊपर के रैंक के अधिकारियों को शामिल किया गया।

कार्यक्रम की पृष्ठभूमि

यह दूसरा टीओटी कार्यक्रम था। इससे पहले 20 से 24 अप्रैल 2026 के बीच पहला टीओटी कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है, जिसमें 30 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया था। दोनों कार्यक्रमों के पूरा होने के बाद अब महाराष्ट्र पुलिस के पास कुल 56 मास्टर ट्रेनर हो गए हैं। एनसीबी के अनुसार, ये प्रशिक्षित अधिकारी राज्य भर में नशीले पदार्थों के विरुद्ध कानून प्रवर्तन क्षमता को और सुदृढ़ करेंगे।

मध्य प्रदेश और असम में संयुक्त समन्वय बैठकें

टीओटी कार्यक्रम के समापन से एक दिन पहले, गुरुवार को मध्य प्रदेश और असम के लिए 2026 की दूसरी तिमाही की राज्य स्तरीय संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की बैठकें आयोजित की गईं। भोपाल में हुई मध्य प्रदेश की जेसीसी बैठक की संयुक्त अध्यक्षता एनसीबी के डीडीजी (पश्चिमी क्षेत्र) और एडीजी, एएनटीएफ, मध्य प्रदेश ने की। इसमें एनआईए, एसआईबी, आईटी विभाग, सीमा शुल्क, सीबीएन, आरपीएफ, राज्य अभियोजन विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन और राज्य उत्पाद शुल्क के अधिकारियों ने भाग लिया।

गुवाहाटी में आयोजित असम की जेसीसी बैठक की अध्यक्षता एनसीबी के उप महानिदेशक (पूर्वोत्तर क्षेत्र) आर. सुधाकर ने की। इसमें एएनटीएफ, सीमा शुल्क, सीजीएसटी, आयकर, डीजीजीआई, एसआईबी, एनआईए, ईडी, डीआरआई, ड्रग कंट्रोलर, असम राइफल्स, बीएसएफ, आईटीबीपी और जिला पुलिस अधीक्षकों ने हिस्सा लिया।

बैठकों में चर्चा के मुख्य बिंदु

दोनों जेसीसी बैठकों में संयुक्त पूछताछ, वित्तीय जाँच, समन्वित प्रवर्तन अभियान और मादक पदार्थ तस्करी गिरोहों के प्रभावी विघटन को मजबूत करने पर विशेष ज़ोर दिया गया। साथ ही, विभिन्न एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने की प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित करने पर सहमति बनी। सभी भागीदार एजेंसियों ने नशामुक्त भारत के लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

आगे की राह

महाराष्ट्र के 56 मास्टर ट्रेनर अब राज्य के विभिन्न ज़िलों में पुलिस बल को एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्रशिक्षण देने में सक्षम होंगे, जिससे मादक पदार्थों के विरुद्ध ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि अपेक्षित है। एनसीबी के इस बहु-एजेंसी दृष्टिकोण को नशा तस्करी रोधी अभियान की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ये ट्रेनर ज़िला स्तर पर कितने प्रभावी ढंग से प्रशिक्षण कार्यक्रम चला पाते हैं। जेसीसी बैठकों में बहु-एजेंसी समन्वय की बात तो होती है, पर खुफिया जानकारी साझा करने की व्यावहारिक बाधाएँ — विभागीय प्रतिस्पर्धा और डेटा साझाकरण प्रोटोकॉल — अक्सर कागज़ पर बनी रहती हैं। नशामुक्त भारत के लक्ष्य के लिए प्रशिक्षण और समन्वय ज़रूरी हैं, पर पर्याप्त नहीं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीबी का मास्टर ट्रेनर कार्यक्रम क्या है?
यह एनसीबी द्वारा राज्य पुलिस अधिकारियों को एनडीपीएस अधिनियम के प्रवर्तन में विशेष रूप से प्रशिक्षित करने की पहल है, ताकि ये अधिकारी आगे चलकर अपने राज्य में अन्य पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित कर सकें। यह 'प्रशिक्षक प्रशिक्षण' (टीओटी) मॉडल पर आधारित है।
महाराष्ट्र पुलिस में अब कुल कितने एनडीपीएस मास्टर ट्रेनर हैं?
दोनों टीओटी कार्यक्रमों — अप्रैल 2026 और जुलाई 2026 — के पूरा होने के बाद महाराष्ट्र पुलिस के पास अब कुल 56 मास्टर ट्रेनर हैं। ये अधिकारी इंस्पेक्टर और उससे ऊपर के रैंक के हैं।
जेसीसी बैठकें किसलिए आयोजित की जाती हैं?
राज्य स्तरीय संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की बैठकें एनसीबी और विभिन्न केंद्रीय व राज्य एजेंसियों के बीच मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध समन्वित रणनीति बनाने के लिए होती हैं। इनमें संयुक्त पूछताछ, वित्तीय जाँच और खुफिया जानकारी साझा करने पर विचार-विमर्श होता है।
31 जुलाई 2026 को समाप्त हुए टीओटी कार्यक्रम में कौन-सी संस्था का सहयोग था?
यह कार्यक्रम एनसीबी ने बीपीआरएंडडी-सीडीआईटी, गाजियाबाद के सहयोग से आयोजित किया। कार्यक्रम 27 से 31 जुलाई 2026 तक गाजियाबाद में चला।
असम की जेसीसी बैठक में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हुईं?
गुवाहाटी में आयोजित असम की जेसीसी बैठक में एएनटीएफ, सीमा शुल्क, सीजीएसटी, आयकर, डीजीजीआई, एसआईबी, एनआईए, ईडी, डीआरआई, ड्रग कंट्रोलर, असम राइफल्स, बीएसएफ, आईटीबीपी और जिला पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता एनसीबी के डीजी (एनईआर) आर. सुधाकर ने की।
राष्ट्र प्रेस
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