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एनसीपी (शरदचंद्र पवार) का विलय नहीं होगा, नसीम सिद्दीकी ने अटकलें खारिज कीं

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एनसीपी (शरदचंद्र पवार) का विलय नहीं होगा, नसीम सिद्दीकी ने अटकलें खारिज कीं

सारांश

एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने दोनों गुटों के विलय की अटकलों को सिरे से खारिज किया — प्रफुल्ल पटेल और शरद पवार की मुलाकात को विलय से जोड़ना गलत बताया। पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ है और NDA में नहीं जाएगी।

मुख्य बातें

नसीम सिद्दीकी ने 7 नवंबर को एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की संभावना को पूरी तरह नकारा।
प्रफुल्ल पटेल और शरद पवार के बीच 10 नवंबर की प्रस्तावित मुलाकात को विलय की तैयारी बताना उचित नहीं: सिद्दीकी।
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) इंडिया गठबंधन के साथ बनी रहेगी; NDA में शामिल होने का कोई इरादा नहीं।
सिद्दीकी ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची प्रक्रिया पर सवाल उठाए, आयुक्तों के इस्तीफे की मांग की।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राहुल गांधी पर दिए बयानों को सिद्दीकी ने राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताकर खारिज किया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने 7 नवंबर को स्पष्ट रूप से कहा कि एनसीपी के दोनों गुटों — शरद पवार गुट और अजित पवार गुट — के बीच किसी प्रकार का विलय नहीं होगा। उन्होंने प्रफुल्ल पटेल और शरद पवार के बीच हुई मुलाकात को विलय की तैयारी से जोड़ने वाली राजनीतिक चर्चाओं को सिरे से नकार दिया।

विलय की अटकलों की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 10 नवंबर को प्रफुल्ल पटेल द्वारा शरद पवार से मुलाकात को लेकर जारी एक वीडियो के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। इस मुलाकात को कई हलकों में दोनों गुटों के एकीकरण की दिशा में पहला कदम बताया जा रहा था। सिद्दीकी ने इसे खारिज करते हुए कहा कि पटेल एक अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं और दो वरिष्ठ नेताओं के बीच किसी भी विषय पर बातचीत को सीधे विलय से जोड़ना राजनीतिक रूप से अनुचित है।

सिद्दीकी के अनुसार, राजनीतिक चर्चाएं देश की उन्नति, राज्य की खुशहाली और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी होती हैं। उन्होंने दोहराया कि मुलाकात का अर्थ दोनों गुटों का एकीकरण नहीं है।

पार्टी की विचारधारा और गठबंधन प्रतिबद्धता

सिद्दीकी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की विचारधारा धर्मनिरपेक्ष है और पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल नहीं होगी। उन्होंने राहुल गांधी और शरद पवार को भाजपा का मजबूती से मुकाबला करने वाले प्रमुख नेताओं के रूप में रेखांकित किया।

सिद्दीकी ने यह भी कहा कि यदि किसी भी दल का कोई नेता या कार्यकर्ता उनकी पार्टी में शामिल होना चाहता है, तो उसका स्वागत किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।

चुनाव आयोग और मतदाता सूची पर सवाल

चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची से हटाए गए लोगों को पुनः आवेदन का अवसर देने के फैसले पर सिद्दीकी ने आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उनके अनुसार, यह निर्णय स्वयं स्वीकार करता है कि पहले की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गलतियां हुईं और बड़ी संख्या में लोगों को उनके मताधिकार से वंचित किया गया। सिद्दीकी ने नैतिकता के आधार पर चुनाव आयुक्तों के इस्तीफे की मांग की।

एसआईआर विरोध और जनआक्रोश

सिद्दीकी ने एसआईआर (SIR) के खिलाफ सीजेपी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के संदर्भ में कहा कि देश में प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध कथित तौर पर गलत एफआईआर दर्ज किए जाने, लोगों को हाउस अरेस्ट किए जाने और महिलाओं को प्रताड़ित किए जाने जैसी घटनाओं के कारण जनआक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एनजीओ, किसान और मजदूर सहित समाज के विभिन्न वर्ग सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

भाजपा पर पलटवार और राहुल गांधी का बचाव

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा राहुल गांधी और परिवारवाद की राजनीति पर दिए गए बयानों पर सिद्दीकी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन पहले बिहार में एक जिले तक सीमित नेता थे और उन्हें राहुल गांधी पर टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार नहीं है।

सिद्दीकी ने राहुल गांधी पर लगाए जा रहे आरोपों — जिनमें अराजकता फैलाने के लिए टूलकिट के इस्तेमाल और नक्सलवादी सोच से जुड़े आरोप शामिल हैं — को भाजपा और आरएसएस की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि जब भाजपा की राजनीतिक जमीन खिसकने लगती है, तब ऐसे मुद्दे उठाए जाते हैं। सिद्दीकी ने भाजपा पर पलटवार करते हुए अमेरिका और इजरायल के प्रभाव में नीतियां बनाने का आरोप भी लगाया और ईरान से सस्ते तेल की जगह अमेरिका से महंगे दाम पर तेल खरीदने का मुद्दा उठाया।

आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के दोनों गुटों की भूमिका और इंडिया गठबंधन की रणनीति पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वास्तव में एक सूक्ष्म राजनीतिक संदेश है — व्यक्तिगत स्तर पर दूसरे गुट के नेताओं और कार्यकर्ताओं को आकर्षित करने की कोशिश। चुनाव आयोग पर उनका हमला भी समयबद्ध है — मतदाता सूची विवाद को विपक्ष अपने राजनीतिक आख्यान में एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, जिसकी विश्वसनीयता स्वतंत्र सत्यापन के बिना परखना मुश्किल है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या एनसीपी के दोनों गुटों का विलय होने वाला है?
नहीं। एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने 7 नवंबर को स्पष्ट किया कि दोनों गुटों के बीच किसी प्रकार का विलय नहीं होगा। उन्होंने प्रफुल्ल पटेल और शरद पवार की मुलाकात को विलय की तैयारी से जोड़ने को अनुचित बताया।
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) किस गठबंधन के साथ है?
पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ है और NDA में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। सिद्दीकी ने पार्टी की धर्मनिरपेक्ष विचारधारा और इंडिया गठबंधन के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया।
प्रफुल्ल पटेल और शरद पवार की मुलाकात को लेकर क्या विवाद है?
10 नवंबर को प्रफुल्ल पटेल की ओर से शरद पवार से मुलाकात को लेकर जारी वीडियो के बाद विलय की अटकलें तेज हो गईं। सिद्दीकी ने इसे सामान्य राजनीतिक बातचीत बताया और कहा कि दो वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात को सीधे विलय से जोड़ना सही नहीं है।
चुनाव आयोग की मतदाता सूची प्रक्रिया पर सिद्दीकी ने क्या आरोप लगाए?
सिद्दीकी ने कहा कि मतदाता सूची से हटाए गए लोगों को पुनः आवेदन का मौका देना यह स्वीकार करने जैसा है कि पहले की प्रक्रिया में गंभीर गलतियां हुईं। उन्होंने नैतिकता के आधार पर चुनाव आयुक्तों के इस्तीफे की मांग की।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के बयानों पर सिद्दीकी की क्या प्रतिक्रिया रही?
सिद्दीकी ने नितिन नवीन के राहुल गांधी पर दिए बयानों को भाजपा और आरएसएस की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि नवीन को राहुल गांधी पर टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार नहीं है और उनकी राष्ट्रीय स्तर पर कोई खास छवि नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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