13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नीट यूजी 2026 पेपर लीक: पुणे के फिजिक्स टीचर तेजस शाह गिरफ्तार, कोचिंग संस्थान एपीएमए ने कहा — हमारा कोई संबंध नहीं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नीट यूजी 2026 पेपर लीक: पुणे के फिजिक्स टीचर तेजस शाह गिरफ्तार, कोचिंग संस्थान एपीएमए ने कहा — हमारा कोई संबंध नहीं

सारांश

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने पुणे के कोचिंग संस्थान एपीएमए के फिजिक्स टीचर तेजस शाह को गिरफ्तार किया। संस्थान ने खुद को अलग बताया, लेकिन सवाल यह है कि व्हाट्सएप चैट और लीक प्रश्नों के बीच की कड़ी कहाँ तक जाती है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 27 मई 2026 को पुणे के फिजिक्स टीचर तेजस हर्षद कुमार शाह को नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया।
शाह पर आरोप है कि उन्होंने पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार से फिजिक्स के लीक प्रश्न प्राप्त किए।
अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी (एपीएमए) ने कहा — शाह की बातचीत व्यक्तिगत थी, संस्थान का कोई संबंध नहीं।
चेयरपर्सन सचिन हलदवनेकर ने बताया कि सीबीआई को माँगे गए सभी दस्तावेज़ सौंप दिए गए हैं।
सीबीआई अब पूरे लीक नेटवर्क का दायरा और उसमें शामिल लोगों की भूमिका की जाँच कर रही है।

केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार, 27 मई 2026 को नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी (एपीएमए) के फिजिक्स फैकल्टी तेजस हर्षद कुमार शाह को गिरफ्तार किया। सीबीआई के अनुसार, शाह पर आरोप है कि उन्होंने पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार से नीट यूजी 2026 के फिजिक्स के लीक प्रश्न प्राप्त किए थे। इस गिरफ्तारी के बाद एपीएमए ने तत्काल अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि संस्थान का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

संस्थान का पक्ष

एपीएमए के चेयरपर्सन सचिन हलदवनेकर ने स्वीकार किया कि तेजस शाह उनके संस्थान में फिजिक्स फैकल्टी के रूप में कार्यरत हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपी महिला मनीषा हवालदार के साथ शाह की बातचीत पूरी तरह व्यक्तिगत स्तर पर थी। हलदवनेकर के अनुसार, शाह को नीट और जेईई के कुछ चैप्टर्स और पैटर्न को लेकर संदेह था और इसी सिलसिले में उन्होंने उस महिला से संपर्क किया था।

हलदवनेकर ने कहा, 'तेजस शाह को कुछ एक्सपर्ट गाइडेंस चाहिए थी — कौन से चैप्टर नीट में आते हैं, कौन से जेईई में और किस तरह के सवाल पूछे जाते हैं, इसी विषय पर उन्होंने उस महिला से बात की थी। शायद वही व्हाट्सएप चैट सीबीआई को मिली होगी, लेकिन इसका संस्थान से कोई संबंध नहीं है।'

महिला आरोपी का संस्थान से कोई नाता नहीं

जब हलदवनेकर से यह पूछा गया कि क्या आरोपी महिला कभी संस्थान या क्लास से जुड़ी थी, तो उन्होंने साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने उस महिला को कभी संस्थान परिसर में नहीं देखा और उसका क्लास से कोई संबंध नहीं था। हलदवनेकर ने यह भी जोड़ा कि उन्हें न्यायपालिका और सीबीआई की जाँच पर पूरा भरोसा है और जाँच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।

सीबीआई को दिए दस्तावेज़

हलदवनेकर ने बताया कि सीबीआई ने रूटीन जाँच के तहत संस्थान से कुछ दस्तावेज़ और कागज़ात माँगे थे, जो उन्होंने उपलब्ध करा दिए हैं। उन्होंने कहा, 'हमें पूरा विश्वास है कि जाँच निष्पक्ष होगी और यह साफ हो जाएगा कि संस्थान का इस मामले में कोई हाथ नहीं है।' गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक को लेकर पूरे देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

जाँच का दायरा और आगे की कार्रवाई

फिलहाल सीबीआई पूरे लीक नेटवर्क की जाँच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक का दायरा कितना बड़ा था तथा इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। तेजस शाह की गिरफ्तारी इस क्रम में एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। जाँच एजेंसी अभी यह स्थापित करने में लगी है कि लीक हुए प्रश्न किस स्तर तक और किन माध्यमों से फैले।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल अनुत्तरित रहता है कि एक फैकल्टी सदस्य परीक्षा पैटर्न के लिए किसी संदिग्ध से व्हाट्सएप पर क्यों संपर्क करेगा, जबकि आधिकारिक चैनल उपलब्ध हैं। यह पहली बार नहीं है जब नीट लीक की जड़ें कोचिंग संस्थानों तक पहुँची हों — 2024 के लीक में भी यही पैटर्न सामने आया था। असली परीक्षा सीबीआई की है कि वह व्हाट्सएप चैट से आगे जाकर यह स्थापित कर पाती है या नहीं कि लीक प्रश्न वास्तव में छात्रों तक पहुँचे और किसके माध्यम से।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट यूजी 2026 पेपर लीक में तेजस शाह को क्यों गिरफ्तार किया गया?
सीबीआई के अनुसार, तेजस शाह पर आरोप है कि उन्होंने पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार से नीट यूजी 2026 के फिजिक्स के लीक प्रश्न प्राप्त किए। दोनों के बीच व्हाट्सएप चैट को जाँच में एक अहम सुराग माना जा रहा है।
एपीएमए कोचिंग संस्थान का इस मामले में क्या कहना है?
डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी (एपीएमए) के चेयरपर्सन सचिन हलदवनेकर ने कहा है कि तेजस शाह और आरोपी महिला के बीच बातचीत पूरी तरह व्यक्तिगत स्तर पर थी और संस्थान का इस मामले से कोई संबंध नहीं है। संस्थान ने सीबीआई को माँगे गए सभी दस्तावेज़ सौंप दिए हैं।
मनीषा हवालदार कौन हैं और उनकी इस मामले में क्या भूमिका है?
मनीषा हवालदार नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपी हैं। सीबीआई के अनुसार, तेजस शाह ने उन्हीं से फिजिक्स के लीक प्रश्न प्राप्त किए थे। पूरे नेटवर्क में उनकी भूमिका की जाँच जारी है।
सीबीआई नीट 2026 लीक मामले में अब आगे क्या करेगी?
सीबीआई अभी पूरे पेपर लीक नेटवर्क का दायरा तय करने और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की जाँच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि लीक हुए प्रश्न किन माध्यमों से और कितने छात्रों तक पहुँचे।
क्या नीट पेपर लीक के मामले पहले भी सामने आए हैं?
हाँ, 2024 में भी नीट पेपर लीक का बड़ा विवाद सामने आया था, जिसके बाद परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर व्यापक सवाल उठे थे। 2026 का यह मामला उसी पैटर्न की पुनरावृत्ति की आशंका को बल देता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले