17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नीट री-एग्जाम में सेना तैनाती पर भूपेश बघेल का हमला: 'समस्या मंत्रालय में, समाधान कहीं और'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नीट री-एग्जाम में सेना तैनाती पर भूपेश बघेल का हमला: 'समस्या मंत्रालय में, समाधान कहीं और'

सारांश

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद में भूपेश बघेल ने केंद्र पर तीखा हमला बोला — सेना तैनाती को 'पुलिस पर अविश्वास' बताया, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगा और NTA के पूर्व अधिकारी की CMO में नियुक्ति पर सवाल उठाए। री-एग्जाम 21 जून को होना है।

मुख्य बातें

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 29 मई को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक पर केंद्र सरकार की आलोचना की।
बघेल ने संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सेना तैनाती के विचार को 'पुलिस पर अविश्वास' करार दिया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे या PM मोदी द्वारा बर्खास्तगी की माँग की।
NTA के पूर्व महानिदेशक को पेपर लीक के बाद CMO में प्रधान सचिव बनाए जाने पर सवाल उठाए।
केंद्र सरकार ने 21 जून 2026 को नीट री-एग्जाम कराने का निर्णय लिया है।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार, 29 मई को रायपुर में पत्रकारों से बात करते हुए नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि असली समस्या शिक्षा मंत्रालय में है, लेकिन सरकार समाधान कहीं और तलाश रही है।

सेना तैनाती पर सवाल

भूपेश बघेल ने कहा, 'अगर पेपर की सुरक्षा के लिए अब सेना की मदद ली जा रही है तो इसका मतलब साफ है कि सरकार को अपनी पुलिस पर भरोसा नहीं है।' उनके अनुसार, संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सेना की तैनाती कोई स्थायी हल नहीं है — यह केवल मूल समस्या से ध्यान भटकाने का प्रयास है। गौरतलब है कि 21 जून को होने वाले री-एग्जाम के लिए सूत्रों के अनुसार संवेदनशील केंद्रों पर सेना की तैनाती पर विचार चल रहा है।

धर्मेंद्र प्रधान पर इस्तीफे की माँग

बघेल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा, 'धर्मेंद्र प्रधान ने खुद माना है कि परीक्षा में गड़बड़ियाँ हुई हैं। अगर गड़बड़ी स्वीकार है तो उन्हें तुरंत पद से हटा देना चाहिए। अगर वे इस्तीफा नहीं देते तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें हटाना चाहिए।' यह ऐसे समय में आया है जब पेपर लीक को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है।

एनटीए के पूर्व अधिकारी पर आरोप

बघेल ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के पूर्व महानिदेशक का उदाहरण देते हुए कहा कि पेपर लीक के दौरान जिनके कार्यकाल में यह घटना हुई, उन्हें बाद में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में प्रधान सचिव बना दिया गया। उन्होंने तीखा सवाल किया, 'बार-बार पेपर लीक होने के बावजूद मंत्री को बचाए रखना क्या न्यायसंगत है?' आलोचकों का कहना है कि यह जवाबदेही की कमी को दर्शाता है।

छत्तीसगढ़ की राजनीति पर भी निशाना

बघेल ने राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक विधायक तहसीलदार के दफ्तर में घुसकर मारपीट करता है, फिर भी पीड़ित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी जाती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष के खिलाफ मनगढ़ंत मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

री-एग्जाम की तैयारी

देशभर में नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद केंद्र सरकार ने 21 जून को री-एग्जाम कराने का निर्णय लिया है। इस बार किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, संवेदनशील केंद्रों पर सेना की तैनाती पर विचार चल रहा है — एक कदम जो विपक्ष के लिए नई आलोचना का आधार बन गया है। लाखों छात्रों का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा होने के कारण सभी पक्षों की नज़रें 21 जून पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनके सवाल ठोस हैं — NTA के पूर्व अधिकारी की CMO में नियुक्ति जवाबदेही के सवाल उठाती है जिनका अभी तक कोई सार्वजनिक जवाब नहीं दिया गया। सेना की तैनाती एक प्रशासनिक विफलता को छुपाने का प्रयास लग सकती है, न कि संरचनात्मक सुधार। असली मुद्दा यह है कि नीट पेपर लीक की यह पहली घटना नहीं है — और हर बार 'अभूतपूर्व सुरक्षा' का वादा किया जाता है, लेकिन NTA की प्रणालीगत खामियाँ बरकरार रहती हैं। जब तक मंत्रालय स्तर पर जवाबदेही तय नहीं होती, री-एग्जाम महज एक अस्थायी पट्टी है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम कब होगा?
केंद्र सरकार ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद 21 जून 2026 को री-एग्जाम कराने का निर्णय लिया है। इस बार संवेदनशील केंद्रों पर सेना की तैनाती समेत अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए जाने की योजना है।
भूपेश बघेल ने नीट री-एग्जाम में सेना तैनाती पर क्या कहा?
बघेल ने कहा कि सेना की मदद लेने का मतलब है कि सरकार को अपनी पुलिस पर भरोसा नहीं है। उनके अनुसार असली समस्या शिक्षा मंत्रालय में है और उसे वहीं सुलझाना चाहिए।
बघेल ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों माँगा?
बघेल ने तर्क दिया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वयं परीक्षा में गड़बड़ियाँ स्वीकार की हैं, इसलिए उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वे इस्तीफा नहीं देते तो PM मोदी को उन्हें हटाना चाहिए।
NTA के पूर्व महानिदेशक को लेकर क्या विवाद है?
बघेल के अनुसार, पेपर लीक जिनके कार्यकाल में हुआ उन NTA के पूर्व महानिदेशक को बाद में CMO में प्रधान सचिव बना दिया गया। इसे उन्होंने जवाबदेही की कमी का उदाहरण बताया।
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामला क्या है?
नीट-यूजी 2026 परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी और 21 जून को री-एग्जाम की घोषणा की। यह विवाद NTA की विश्वसनीयता और शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले