27 अगस्त 2026
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एनएचआरसी का संज्ञान: झारखंड के गढ़वा में डायन बताकर महिला को उबलते पानी से झुलसाया, 40% जलने की रिपोर्ट

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एनएचआरसी का संज्ञान: झारखंड के गढ़वा में डायन बताकर महिला को उबलते पानी से झुलसाया, 40% जलने की रिपोर्ट

सारांश

एनएचआरसी ने एक साथ दो गंभीर मानवाधिकार मामलों पर संज्ञान लिया — झारखंड में डायन बताकर महिला को उबलते पानी से 40% झुलसाना और हरियाणा के पानीपत में सरकारी अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष में 57 वर्षीय बीमार महिला से दुष्कर्म, जिसकी बाद में मौत हो गई। दोनों राज्यों के अधिकारियों को दो सप्ताह में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

मुख्य बातें

एनएचआरसी ने 27 अगस्त 2026 को झारखंड के गढ़वा जिले के भोजपुर गांव में डायन बताकर महिला को उबलते पानी से 40% झुलसाने की घटना पर स्वतः संज्ञान लिया।
गढ़वा जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट और पीड़िता के मुआवजे का विवरण देने का निर्देश।
हरियाणा के पानीपत सरकारी अस्पताल में 16 अगस्त 2026 को सीटी स्कैन के दौरान 57 वर्षीय महिला से दुष्कर्म का आरोप; 18 अगस्त को रोहतक PGIMS में उपचार के दौरान मृत्यु।
हरियाणा के मुख्य सचिव और पानीपत पुलिस अधीक्षक को भी दो सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने का आदेश।
आयोग ने दोनों मामलों को — यदि तथ्य सही पाए गए — मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर प्रकरण बताया।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने 27 अगस्त 2026 को झारखंड के गढ़वा जिले के भोजपुर गांव में एक महिला को 'डायन' करार देकर उस पर उबलता पानी डालने और उसे 40 प्रतिशत तक झुलसा देने की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इसे मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला बताते हुए संबंधित अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

रिपोर्टों के अनुसार, हमलावर उसी गांव का निवासी है, जिसने पीड़िता को 'डायन' घोषित कर उस पर उबलता पानी डाला, जिससे वह 40 प्रतिशत तक जल गई। 24 अगस्त 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया और मामले की जांच जारी है।

आयोग ने गढ़वा जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है। नोटिस में पीड़िता की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और उसे दिए गए मुआवजे — यदि कोई हो — का विवरण भी माँगा गया है।

एनएचआरसी का रुख

आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी तथ्यात्मक रूप से सही पाई जाती है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का अत्यंत गंभीर प्रकरण है। डायन-प्रथा से जुड़ी हिंसा झारखंड सहित कई राज्यों में एक संवेदनशील और पुरानी सामाजिक समस्या रही है, जिसके विरुद्ध कानून होने के बावजूद घटनाएँ सामने आती रहती हैं।

हरियाणा के पानीपत में दूसरा मामला

एनएचआरसी ने इसी दिन हरियाणा के पानीपत स्थित एक सरकारी अस्पताल में घटी एक अन्य गंभीर घटना पर भी स्वतः संज्ञान लिया। रिपोर्टों के अनुसार, 16 अगस्त 2026 को एक 57 वर्षीय गंभीर रूप से बीमार महिला को इलाज के लिए उस अस्पताल में लाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने एक्स-रे और सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। आरोप है कि सीटी स्कैन कक्ष के भीतर मशीन ऑपरेटर ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और उसे घटना का खुलासा न करने की धमकी दी।

18 अगस्त 2026 को पीड़िता की रोहतक स्थित स्नातकोत्तर चिकित्सा विज्ञान संस्थान (PGIMS) में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। यह घटना 19 अगस्त को मीडिया में प्रकाशित हुई थी।

हरियाणा अधिकारियों को नोटिस

आयोग ने हरियाणा के मुख्य सचिव और पानीपत के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट माँगी है। आयोग ने इस मामले को भी मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर प्रकरण माना है, यदि रिपोर्ट में उल्लिखित तथ्य सत्य पाए जाते हैं।

आगे क्या होगा

दोनों मामलों में संबंधित राज्य अधिकारियों को दो सप्ताह की समयसीमा दी गई है। एनएचआरसी की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आयोग आगे की कार्रवाई तय करेगा। झारखंड मामले में पीड़िता के स्वास्थ्य की स्थिति और मुआवजे का ब्यौरा भी माँगा गया है, जो पीड़िता के पुनर्वास की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ भरोसे की सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है, वहीं गंभीर रूप से बीमार महिला के साथ यह कृत्य हुआ। एनएचआरसी का स्वतः संज्ञान महत्वपूर्ण है, लेकिन असली सवाल यह है कि नोटिस के बाद जवाबदेही कितनी सुनिश्चित होती है — अतीत में ऐसे नोटिसों के बाद भी राज्य सरकारों की कार्रवाई अक्सर सतही रही है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड के गढ़वा में डायन प्रथा से जुड़ी घटना क्या है?
गढ़वा जिले के भोजपुर गांव में एक महिला को 'डायन' बताकर उसी गांव के एक हमलावर ने उस पर उबलता पानी डाला, जिससे वह 40 प्रतिशत तक जल गई। 24 अगस्त 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया और जांच जारी है।
एनएचआरसी ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 27 अगस्त 2026 को मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए गढ़वा जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है। आयोग ने दो सप्ताह के भीतर पीड़िता की स्वास्थ्य स्थिति और मुआवजे का विवरण देने को कहा है।
पानीपत अस्पताल में क्या हुआ और एनएचआरसी ने क्यों संज्ञान लिया?
हरियाणा के पानीपत स्थित सरकारी अस्पताल में 16 अगस्त 2026 को एक 57 वर्षीय गंभीर रूप से बीमार महिला के साथ सीटी स्कैन कक्ष में मशीन ऑपरेटर द्वारा कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया। 18 अगस्त को रोहतक PGIMS में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई, जिसे आयोग ने मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला माना।
हरियाणा मामले में एनएचआरसी ने किसे नोटिस दिया है?
आयोग ने हरियाणा के मुख्य सचिव और पानीपत के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट माँगी है।
डायन प्रथा के विरुद्ध झारखंड में क्या कानून है?
झारखंड में डायन प्रथा (प्रतिषेध) अधिनियम, 1999 लागू है, जो डायन बताकर किसी की पहचान करने, उत्पीड़न करने और हमला करने को दंडनीय अपराध मानता है। इसके बावजूद राज्य में ऐसी घटनाएँ सामने आती रहती हैं, जो कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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