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जादवपुर विश्वविद्यालय में 2020 के बाद से कोई निर्वाचित छात्र संघ नहीं, RTI में हुआ खुलासा

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जादवपुर विश्वविद्यालय में 2020 के बाद से कोई निर्वाचित छात्र संघ नहीं, RTI में हुआ खुलासा

सारांश

जादवपुर विश्वविद्यालय में फरवरी 2020 के बाद से कोई छात्र संघ चुनाव नहीं हुआ — यह RTI से सामने आया। तीनों संकायों में निर्वाचित प्रतिनिधित्व शून्य है, परिसर में झड़पें हो चुकी हैं, और नई BJP सरकार के सामने पुरानी चूक सुधारने की परीक्षा है।

मुख्य बातें

जादवपुर विश्वविद्यालय के तीनों संकायों में फिलहाल कोई निर्वाचित छात्र संघ कार्यरत नहीं है।
अंतिम छात्र संघ चुनाव फरवरी 2020 में हुए थे; निर्वाचित पदाधिकारियों का कार्यकाल फरवरी 2021 में समाप्त हुआ।
यह जानकारी नेशनल स्टूडेंट्स फ्रंट के सदस्य द्वारा दायर RTI आवेदन के जवाब में सामने आई।
पूर्ववर्ती TMC सरकार के दौर में बार-बार आश्वासन के बावजूद चुनाव नहीं हुए।
पिछले महीने परिसर में SFI और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच दो बार झड़पें हुईं, कई छात्र घायल हुए।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रक्षाबंधन कार्यक्रम में विश्वविद्यालय में 'राष्ट्र-विरोधी सोच' को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

जादवपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने 1 सितंबर 2026 को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया कि विश्वविद्यालय के तीनों संकायों में फिलहाल कोई निर्वाचित छात्र संघ कार्यरत नहीं है। यह जानकारी नेशनल स्टूडेंट्स फ्रंट के एक सदस्य द्वारा दायर आरटीआई (सूचना का अधिकार) आवेदन के जवाब में सामने आई है।

आरटीआई में क्या सामने आया

विश्वविद्यालय के वरिष्ठ निदेशक (युवा कल्याण) एवं लोक सूचना अधिकारी बप्पा मलिक ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स यूनियन, साइंस फैकल्टी स्टूडेंट्स यूनियन और आर्ट्स फैकल्टी स्टूडेंट्स यूनियन — तीनों में कोई निर्वाचित निकाय अथवा निर्वाचित पदाधिकारी वर्तमान में कार्यरत नहीं है।

आरटीआई जवाब के अनुसार, विश्वविद्यालय में अंतिम बार छात्र संघ चुनाव फरवरी 2020 में हुए थे। उस समय चुने गए पदाधिकारियों का कार्यकाल फरवरी 2021 में समाप्त हो गया था — और तब से अब तक कोई नया चुनाव नहीं हुआ।

पिछली सरकार के दौर में क्या हुआ

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कार्यकाल में छात्रों ने कई बार चुनाव कराने की माँग उठाई थी। राज्य के शिक्षा विभाग और तत्कालीन सरकार की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद चुनाव नहीं हो सके।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली नई सरकार के सत्ता में आने के बाद छात्र एक बार फिर जल्द से जल्द चुनाव कराने की माँग कर रहे हैं।

हाल की झड़पें और परिसर में तनाव

गौरतलब है कि पिछले महीने जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) — जो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की छात्र इकाई है — और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं के बीच दो बार झड़पें हुईं, जिनमें दोनों संगठनों के कई छात्र कार्यकर्ता घायल हुए।

निर्वाचित छात्र प्रतिनिधित्व की अनुपस्थिति में इस तरह के संगठनात्मक टकराव को विशेषज्ञ छात्र राजनीति में शक्ति-शून्यता का संकेत मानते हैं।

मुख्यमंत्री का बयान

हाल ही में विश्वविद्यालय में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि कभी उत्कृष्टता का केंद्र माने जाने वाले इस विश्वविद्यालय में पहले कम्युनिस्टों और बाद में तृणमूल कांग्रेस ने राष्ट्र-विरोधी सोच को बढ़ावा दिया।

आगे क्या होगा

छात्र संघ चुनावों की माँग अब राजनीतिक रूप से और अधिक प्रासंगिक हो गई है, क्योंकि नई राज्य सरकार के सामने यह परखने का अवसर है कि वह पुरानी सरकार की चूक को सुधार सकती है या नहीं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक चुनाव की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चुनाव टालती रही; अब BJP सरकार के पास मौका है, लेकिन अभी तक कोई तारीख नहीं। परिसर में SFI-ABVP झड़पें यह बताती हैं कि संगठनात्मक शक्ति-शून्यता हिंसा को आमंत्रण देती है। असली सवाल यह है कि क्या नई सरकार उस चुनाव को प्राथमिकता देगी जो पुरानी सरकार ने जानबूझकर टाला — या यह चक्र जारी रहेगा।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जादवपुर विश्वविद्यालय में आखिरी बार छात्र संघ चुनाव कब हुए थे?
जादवपुर विश्वविद्यालय में अंतिम छात्र संघ चुनाव फरवरी 2020 में हुए थे। उस समय चुने गए पदाधिकारियों का कार्यकाल फरवरी 2021 में समाप्त हो गया और तब से कोई नया चुनाव नहीं हुआ।
RTI से जादवपुर विश्वविद्यालय के बारे में क्या खुलासा हुआ?
नेशनल स्टूडेंट्स फ्रंट के एक सदस्य द्वारा दायर RTI के जवाब में विश्वविद्यालय के लोक सूचना अधिकारी बप्पा मलिक ने पुष्टि की कि फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग, साइंस और आर्ट्स — तीनों संकायों में कोई निर्वाचित छात्र निकाय या पदाधिकारी कार्यरत नहीं है।
जादवपुर विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव क्यों नहीं हुए?
TMC सरकार के कार्यकाल में शिक्षा विभाग ने बार-बार आश्वासन दिया, लेकिन चुनाव नहीं कराए गए। अब BJP सरकार के सत्ता में आने के बाद छात्र फिर से चुनाव की माँग कर रहे हैं, हालाँकि अभी तक कोई तारीख घोषित नहीं हुई है।
जादवपुर विश्वविद्यालय में हाल में कौन सी झड़पें हुईं?
पिछले महीने परिसर में SFI (CPI-M की छात्र इकाई) और ABVP के कार्यकर्ताओं के बीच दो बार झड़पें हुईं। इन घटनाओं में दोनों संगठनों के कई छात्र कार्यकर्ता घायल हुए।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जादवपुर विश्वविद्यालय पर क्या कहा?
रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि कभी उत्कृष्टता का केंद्र माने जाने वाले इस विश्वविद्यालय में पहले कम्युनिस्टों और बाद में तृणमूल कांग्रेस ने राष्ट्र-विरोधी सोच को बढ़ावा दिया।
राष्ट्र प्रेस
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