1 जुलाई 2026
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झारखंड सूचना आयोग को मिले चार नए आयुक्त, राज्यपाल गंगवार ने दिलाई शपथ; 5 साल से खाली पड़े पद भरे

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झारखंड सूचना आयोग को मिले चार नए आयुक्त, राज्यपाल गंगवार ने दिलाई शपथ; 5 साल से खाली पड़े पद भरे

सारांश

पाँच साल की रिक्तता के बाद झारखंड सूचना आयोग को 1 जुलाई को चार नए आयुक्त मिले। हज़ारों RTI मामले अटके पड़े थे — अब नई टीम से जवाबदेही बहाल होने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने 1 जुलाई 2026 को रांची के लोक भवन में चार नए सूचना आयुक्तों को शपथ दिलाई।
नवनियुक्त आयुक्त हैं — अनुज कुमार सिन्हा , तनुज खत्री , शिवपूजन पाठक और अमूल्य नीरज खलखो ।
झारखंड सूचना आयोग में आयुक्तों के सभी पद पाँच वर्षों से रिक्त थे, जिससे हज़ारों RTI मामले लंबित हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सूचना आयोग लोकतांत्रिक शासन का महत्वपूर्ण स्तंभ है।
समारोह में केंद्रीय मंत्री संजय सेठ , राज्यसभा सांसद महुआ माझी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

झारखंड राज्य सूचना आयोग में 1 जुलाई 2026 को चार नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के साथ एक लंबे इंतज़ार का अंत हुआ। रांची के लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अनुज कुमार सिन्हा, तनुज खत्री, शिवपूजन पाठक और अमूल्य नीरज खलखो को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उल्लेखनीय है कि आयोग में आयुक्तों के सभी पद पिछले पाँच वर्षों से रिक्त थे, जिसके कारण हज़ारों मामले अनिर्णीत पड़े हैं।

समारोह का मुख्य घटनाक्रम

शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, राज्य मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, राज्यसभा सांसद महुआ माझी और विधायक बैद्यनाथ राम सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने नवनियुक्त आयुक्तों को बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

शपथ दिलाने के बाद राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सभी नवनियुक्त आयुक्तों को शुभकामनाएँ दीं और पारदर्शी शासन में सूचना आयोग की अहम भूमिका को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि 'सूचना आयोग लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाता है।' उन्होंने विश्वास जताया कि सभी आयुक्त सूचना के अधिकार अधिनियम की मूल भावना के अनुरूप जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

पाँच साल की रिक्तता और लंबित मामलों का बोझ

यह नियुक्ति ऐसे समय में आई है जब झारखंड राज्य सूचना आयोग में आयुक्तों के सभी पद पाँच वर्षों से रिक्त थे। इस लंबी रिक्तता के कारण सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत दायर हज़ारों अपीलें और शिकायतें अनसुलझी पड़ी हैं। नागरिक अधिकार संगठनों ने इस देरी पर लंबे समय से चिंता जताई थी। गौरतलब है कि RTI अधिनियम, 2005 के अंतर्गत सूचना आयोग ही वह अंतिम अपीलीय मंच है जहाँ नागरिक सरकारी सूचनाएँ न मिलने पर न्याय माँग सकते हैं।

आम जनता पर असर और आगे की राह

नए आयुक्तों की नियुक्ति के साथ आयोग की कार्यप्रणाली में गति आने और लंबित मामलों के निस्तारण में तेज़ी आने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि 'सूचना का अधिकार लोकतंत्र को मज़बूत बनाने का प्रभावी माध्यम है' और आयोग की सक्रिय कार्यप्रणाली से आम नागरिकों का शासन-प्रशासन पर विश्वास और मज़बूत होगा। उन्होंने नवनियुक्त आयुक्तों से संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई। अब देखना यह होगा कि नई टीम हज़ारों की संख्या में जमा हो चुके लंबित मामलों को किस गति से सुलझा पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि RTI की मूल भावना पर प्रहार था — क्योंकि बिना आयुक्त के नागरिक की अपील सुनने वाला कोई नहीं था। अब जब नियुक्तियाँ हुई हैं, तो असली परीक्षा यह है कि हज़ारों लंबित मामलों को किस समयसीमा में निपटाया जाएगा और क्या आयोग सरकारी विभागों पर वास्तविक जवाबदेही तय कर पाएगा। शपथ समारोह में राजनीतिक नेतृत्व की उपस्थिति उत्साहवर्धक है, लेकिन RTI कार्यकर्ता जानते हैं कि असली कसौटी कार्यालय की दीवारों के भीतर तय होती है, मंच पर नहीं।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में नए सूचना आयुक्त कौन हैं?
1 जुलाई 2026 को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अनुज कुमार सिन्हा, तनुज खत्री, शिवपूजन पाठक और अमूल्य नीरज खलखो को झारखंड राज्य सूचना आयोग के आयुक्त पद की शपथ दिलाई। ये चारों नवनियुक्त आयुक्त अब RTI अपीलों की सुनवाई करेंगे।
झारखंड सूचना आयोग में पद कितने समय से खाली थे?
झारखंड राज्य सूचना आयोग में आयुक्तों के सभी पद पिछले पाँच वर्षों से रिक्त थे। इस लंबी रिक्तता के कारण सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत हज़ारों अपीलें और शिकायतें अनसुलझी पड़ी हैं।
नए आयुक्तों की नियुक्ति से आम नागरिकों को क्या फ़ायदा होगा?
नए आयुक्तों के आने से RTI के तहत लंबित हज़ारों मामलों की सुनवाई शुरू हो सकेगी, जो पाँच वर्षों से अटके हुए थे। इससे नागरिकों को सरकारी जानकारी पाने के उनके कानूनी अधिकार का प्रभावी उपयोग करने का मौका मिलेगा।
शपथ ग्रहण समारोह में कौन-कौन उपस्थित था?
समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, राज्य मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, राज्यसभा सांसद महुआ माझी और विधायक बैद्यनाथ राम सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सूचना आयोग के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सूचना आयोग लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और सूचना का अधिकार लोकतंत्र को मज़बूत बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने नवनियुक्त आयुक्तों से संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई।
राष्ट्र प्रेस
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