27 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

उमर अब्दुल्ला कैबिनेट विस्तार: जम्मू-कश्मीर में 4 नए मंत्रियों ने ली शपथ, कैबिनेट अब 9 सदस्यीय

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
उमर अब्दुल्ला कैबिनेट विस्तार: जम्मू-कश्मीर में 4 नए मंत्रियों ने ली शपथ, कैबिनेट अब 9 सदस्यीय

सारांश

जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार का पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार हो गया — अली मोहम्मद सागर, शमीमा फिरदौस, मीर सैफुल्लाह और अल्ताफ कालू ने शपथ ली। कैबिनेट अब 2019 पुनर्गठन के बाद अनुमत अधिकतम 9 सदस्यों तक पहुँच गई है।

मुख्य बातें

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 27 अक्टूबर 2026 को 4 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई।
नए मंत्री: अली मोहम्मद सागर (खानयार), शमीमा फिरदौस (हब्बा कदल), मीर सैफुल्लाह (त्रेहगाम) और अल्ताफ कालू (पहलगाम) — सभी JKNC से।
अली मोहम्मद सागर रिकॉर्ड 7 बार विधायक रह चुके हैं।
कैबिनेट की कुल संख्या अब मुख्यमंत्री सहित 9 , जो पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत अनुमत अधिकतम है।
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी , सकीना इटू , जावेद राणा और जावेद अहमद डार को बरकरार रखा गया।
शपथ समारोह लोक भवन ऑडिटोरियम, चश्मा शाही, श्रीनगर में आयोजित हुआ।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 27 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार के चार नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। श्रीनगर के लोक भवन ऑडिटोरियम, चश्मा शाही में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही जम्मू-कश्मीर कैबिनेट की कुल संख्या मुख्यमंत्री सहित 9 हो गई है — जो पुनर्गठन अधिनियम 2019 के बाद अनुमत अधिकतम संख्या है।

मुख्य घटनाक्रम

शपथ लेने वाले चारों नए मंत्री सत्तारूढ़ जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) से हैं। इनमें खानयार विधानसभा क्षेत्र (श्रीनगर) से रिकॉर्ड सात बार विधायक रहे वरिष्ठ नेता अली मोहम्मद सागर शामिल हैं, जो नेशनल कॉन्फ्रेंस के सबसे अनुभवी विधायकों में गिने जाते हैं।

हब्बा कदल विधानसभा क्षेत्र (श्रीनगर) से दो बार विधायक रही शमीमा फिरदौस को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। इसके अतिरिक्त कुपवाड़ा जिले के त्रेहगाम क्षेत्र से विधायक मीर सैफुल्लाह और अनंतनाग जिले के पहलगाम क्षेत्र से विधायक अल्ताफ अहमद वानी उर्फ अल्ताफ कालू ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

कैबिनेट का नया स्वरूप

विस्तार के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ 9 मंत्री हैं — सकीना इटू, जावेद अहमद डार, जावेद राणा, अली मोहम्मद सागर, शमीमा फिरदौस, अल्ताफ कालू, मीर सैफुल्लाह और उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, सकीना इटू, जावेद राणा और जावेद अहमद डार को कैबिनेट में बरकरार रखा गया है।

पुनर्गठन अधिनियम 2019 के प्रावधान के अनुसार जम्मू-कश्मीर विधानसभा के 90 सदस्यों का अधिकतम 10 प्रतिशत यानी 9 मंत्री ही कैबिनेट में हो सकते हैं। इस विस्तार ने उस सीमा को पूरी तरह भर दिया है।

विस्तार की वजह और राजनीतिक संदेश

पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल बेहतर शासन और लोगों तक सीधी पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है ताकि शिकायतों का त्वरित निराकरण हो सके। उमर अब्दुल्ला ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला के परामर्श से अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह और शमीमा फिरदौस जैसे वरिष्ठ नेताओं को शामिल करने का निर्णय लिया।

गौरतलब है कि यह विस्तार ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर को 2019 में विशेष दर्जा समाप्त होने और दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित होने के बाद पहली बार निर्वाचित सरकार के नेतृत्व में सामान्य प्रशासनिक संरचना मजबूत करने की प्रक्रिया चल रही है।

शपथ समारोह में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति

समारोह में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, एनसी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, वरिष्ठ एनसी नेता एवं विधायक मुबारक गुल, बरकरार रखे गए मंत्री, सिविल और पुलिस अधिकारी तथा उपराज्यपाल द्वारा आमंत्रित कई प्रमुख नागरिक उपस्थित रहे।

क्या होगा आगे

कैबिनेट का पूर्ण स्वरूप तय होने के साथ अब नज़रें विभागों के आवंटन और नए मंत्रियों की कार्यप्राथमिकताओं पर टिकी हैं। विश्लेषकों का मानना है कि वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को शामिल करने से सरकार की जमीनी पकड़ मजबूत होगी, हालांकि केंद्र शासित प्रदेश की सीमित विधायी शक्तियों के बीच शासन की असली परीक्षा प्रशासनिक दक्षता में होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ नौ मंत्रियों की कैबिनेट कितनी स्वायत्त नीति-निर्माण कर पाएगी। कैबिनेट का पूर्ण आकार लेना एक राजनीतिक परिपक्वता का संकेत है, पर प्रशासनिक परिणाम विभाग आवंटन और जमीनी जवाबदेही पर निर्भर करेंगे।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमर अब्दुल्ला कैबिनेट विस्तार में किन 4 नए मंत्रियों ने शपथ ली?
27 अक्टूबर 2026 को अली मोहम्मद सागर (खानयार), शमीमा फिरदौस (हब्बा कदल), मीर सैफुल्लाह (त्रेहगाम) और अल्ताफ अहमद वानी उर्फ अल्ताफ कालू (पहलगाम) ने मंत्री पद की शपथ ली। ये चारों नेशनल कॉन्फ्रेंस से हैं।
जम्मू-कश्मीर कैबिनेट में अधिकतम कितने मंत्री हो सकते हैं?
पुनर्गठन अधिनियम 2019 के अनुसार जम्मू-कश्मीर विधानसभा के 90 सदस्यों का अधिकतम 10 प्रतिशत यानी 9 मंत्री ही कैबिनेट में हो सकते हैं। इस विस्तार के बाद मुख्यमंत्री सहित कैबिनेट की संख्या 9 हो गई है, जो अनुमत अधिकतम है।
अली मोहम्मद सागर कौन हैं और उनका राजनीतिक अनुभव क्या है?
अली मोहम्मद सागर जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता हैं जो श्रीनगर के खानयार विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे रिकॉर्ड सात बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं, जो उन्हें जम्मू-कश्मीर के सबसे अनुभवी विधायकों में से एक बनाता है।
इस कैबिनेट विस्तार का मकसद क्या बताया गया है?
पार्टी सूत्रों के अनुसार यह फेरबदल बेहतर शासन और लोगों तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए किया गया है ताकि शिकायतों का त्वरित निराकरण हो सके। उमर अब्दुल्ला ने एनसी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के परामर्श से वरिष्ठ नेताओं को शामिल करने का निर्णय लिया।
शपथ ग्रहण समारोह कहाँ आयोजित हुआ और कौन उपस्थित थे?
समारोह श्रीनगर के चश्मा शाही इलाके में स्थित लोक भवन ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। इसमें मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, एनसी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला, बरकरार मंत्री, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, वरिष्ठ नेता मुबारक गुल तथा सिविल-पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 20 घंटे पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 1 साल पहले