28 जुलाई 2026
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पेपर लीक बिल पर BJP सांसद अरविंद धर्मपुरी का कांग्रेस पर वार — तेलंगाना में ₹12,000 करोड़ के वादे का जवाब दो

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पेपर लीक बिल पर BJP सांसद अरविंद धर्मपुरी का कांग्रेस पर वार — तेलंगाना में ₹12,000 करोड़ के वादे का जवाब दो

सारांश

संसद में पेपर लीक बिल पर बहस के बीच BJP सांसद अरविंद धर्मपुरी ने कांग्रेस पर पलटवार किया — तेलंगाना में फीस रीइम्बर्समेंट का बकाया ₹8,000 करोड़ से बढ़कर ₹12,000 करोड़ हो गया है और 20 लाख छात्रों का भविष्य अधर में है।

मुख्य बातें

BJP सांसद अरविंद धर्मपुरी ने 28 जुलाई को संसद में एंटी-पेपर लीक बिल का समर्थन किया।
नीट पेपर लीक से देशभर में लगभग 20 लाख छात्र प्रभावित हुए थे।
राहुल गांधी ने 2023 में हैदराबाद में फीस रीइम्बर्समेंट योजना बहाल करने का वादा किया था।
तेलंगाना में फीस रीइम्बर्समेंट का बकाया ₹8,000 करोड़ से बढ़कर अब लगभग ₹12,000 करोड़ हो गया है।
राज्य में हर साल लगभग 20 लाख युवा स्नातक और इंजीनियरिंग परीक्षाएँ देते हैं; नियमित जॉब कैलेंडर अब तक लागू नहीं।

संसद में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अरविंद धर्मपुरी ने 28 जुलाई को विधेयक का खुलकर समर्थन करते हुए कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जो दल संसद में पेपर लीक पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, उसे पहले तेलंगाना में अपने चुनावी वादों का हिसाब देना चाहिए।

एंटी-पेपर लीक बिल का समर्थन

धर्मपुरी ने कहा कि यह विधेयक छात्रों के हितों की रक्षा करने और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस बात पर जोर दे चुके हैं कि परीक्षा तंत्र में ऐसे सुधार किए जाएँ जिससे भविष्य में पेपर लीक की पुनरावृत्ति न हो। नीट परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण में देशभर के लगभग 20 लाख छात्र प्रभावित हुए थे, जिसे धर्मपुरी ने इस कानून की आवश्यकता का सबसे बड़ा प्रमाण बताया।

कांग्रेस पर तेलंगाना के वादों को लेकर निशाना

BJP सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वर्ष 2023 में हैदराबाद आकर तेलंगाना में फीस रीइम्बर्समेंट योजना को प्रभावी ढंग से दोबारा लागू करने का वादा किया था। यह योजना अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक तथा आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए अविभाजित आंध्र प्रदेश में लगभग 20 वर्ष पहले शुरू की गई थी। धर्मपुरी के अनुसार, इस प्रतिष्ठित योजना को पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) की सरकार के दौरान बंद कर दिया गया था।

₹12,000 करोड़ का बकाया और कॉलेजों का संकट

धर्मपुरी ने दावा किया कि जब यह वादा किया गया था, उस समय फीस रीइम्बर्समेंट योजना के तहत लगभग ₹8,000 करोड़ का बकाया था। उनके अनुसार, कांग्रेस सरकार बनने के बाद भी यह राशि चुकाई नहीं गई और अब बकाया बढ़कर लगभग ₹12,000 करोड़ तक पहुँच गई है। इस स्थिति में कई कॉलेजों के सामने संचालन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

तेलंगाना के युवाओं का भविष्य दांव पर

BJP सांसद ने कहा कि तेलंगाना में हर वर्ष लगभग 20 लाख युवा स्नातक और इंजीनियरिंग की परीक्षाएँ देते हैं, लेकिन उनके भविष्य के लिए कोई ठोस दिशा नहीं दिखाई दे रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में अब तक कोई नियमित जॉब कैलेंडर लागू नहीं किया गया है। गौरतलब है कि केसीआर सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल में अधिकांश समय जॉब कैलेंडर अनुपस्थित रहा और पिछले लगभग 11-12 वर्षों में राज्य में बड़े पैमाने पर सरकारी भर्ती प्रक्रिया प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हुई।

आगे की माँग

धर्मपुरी ने कांग्रेस सरकार से चुनावी वादों को पूरा करने की स्पष्ट माँग करते हुए कहा कि राज्य के युवाओं को रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शी नीति और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया की आवश्यकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद में विपक्ष पेपर लीक मुद्दे पर सरकार को लगातार घेरने की कोशिश कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ के बकाये का आँकड़ा, यदि सत्यापित हो, तो यह केवल राजनीतिक आरोप नहीं बल्कि हजारों कॉलेजों और लाखों छात्रों के लिए एक ठोस संकट है — जिस पर मुख्यधारा की संसदीय कवरेज अक्सर पर्याप्त ध्यान नहीं देती।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एंटी-पेपर लीक बिल क्या है और BJP ने इसका समर्थन क्यों किया?
एंटी-पेपर लीक बिल एक प्रस्तावित कानून है जिसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाना और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना है। BJP सांसद अरविंद धर्मपुरी ने इसे नीट जैसे प्रकरणों में 20 लाख प्रभावित छात्रों के हित में आवश्यक बताया।
तेलंगाना में फीस रीइम्बर्समेंट योजना क्या है और इसका बकाया कितना है?
यह योजना SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की फीस सरकार द्वारा वापस करने की व्यवस्था है, जो अविभाजित आंध्र प्रदेश में लगभग 20 वर्ष पहले शुरू हुई थी। BJP सांसद के दावे के अनुसार, वर्तमान में इस योजना का बकाया लगभग ₹12,000 करोड़ तक पहुँच गया है।
राहुल गांधी ने तेलंगाना में क्या वादा किया था?
राहुल गांधी ने 2023 में हैदराबाद आकर फीस रीइम्बर्समेंट योजना को प्रभावी ढंग से बहाल करने और बकाया राशि चुकाने का आश्वासन दिया था। BJP सांसद अरविंद धर्मपुरी के अनुसार, कांग्रेस सरकार बनने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ है।
तेलंगाना में जॉब कैलेंडर न होने से युवाओं पर क्या असर पड़ा है?
धर्मपुरी के अनुसार, पिछले 11-12 वर्षों में राज्य में बड़े पैमाने पर सरकारी भर्ती प्रक्रिया प्रभावी ढंग से नहीं चली। हर वर्ष लगभग 20 लाख युवा स्नातक और इंजीनियरिंग परीक्षाएँ देते हैं, लेकिन उनके लिए कोई नियमित जॉब कैलेंडर उपलब्ध नहीं है।
पेपर लीक विवाद में कांग्रेस की क्या भूमिका रही है?
कांग्रेस संसद में पेपर लीक मुद्दे पर केंद्र सरकार को लगातार घेर रही है। BJP ने इसके जवाब में कांग्रेस शासित राज्यों में शिक्षा और रोजगार के वादों की पूर्ति पर सवाल उठाए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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