परिसीमन देश की अखंडता के लिए सबसे बड़ी चुनौती: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का केंद्र पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 2 अगस्त को सहारनपुर में कहा कि प्रस्तावित परिसीमन देश की अखंडता के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती साबित होगा। उन्होंने एक साथ कई मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा — जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन, दक्षिण भारत पर परिसीमन का असर और कुलगाम आतंकी हमला।
परिसीमन पर तीखा हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा तमिलनाडु में परिसीमन को लेकर उठाए गए सवालों का समर्थन करते हुए मसूद ने कहा कि यह प्रक्रिया दक्षिण भारत के सभी राज्यों के साथ अन्याय करेगी। उनके अनुसार, परिसीमन के ज़रिए जनता की राजनीतिक ताकत को कमज़ोर किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिणी राज्य पहले से ही जनसंख्या नियंत्रण की सफलता के बावजूद सीटों में कटौती की आशंका जता रहे हैं।
छात्र प्रदर्शन और सरकार की प्रतिक्रिया पर पलटवार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों को 'नादान' बताते हुए माफ करने का बयान दिया था। इस पर मसूद ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यही तो पीएम मोदी का खेल है। बच्चों पर पेलेट गन का इस्तेमाल कराया गया, छात्राओं से दुर्व्यवहार किया गया — यह बेहद कायराना हरकत है।" उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार युवा विरोधी है और कई राज्यों में जारी छात्र प्रदर्शन इसका प्रमाण हैं।
आज़ादी की विरासत पर विवाद
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि आज की युवा पीढ़ी को आज़ादी का सही अर्थ समझना होगा — मसूद ने पलटवार करते हुए कहा कि यह आज़ादी कांग्रेस की देन है। उनका यह बयान स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को लेकर जारी राजनीतिक बहस को और तेज़ करता है।
कुलगाम हमला और जम्मू-कश्मीर की स्थिति
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले में दो मज़दूरों की हत्या पर मसूद ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला तथा पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने इस मामले पर बड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार की सुरक्षा नीति पर अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाया।
कॉमनवेल्थ गेम्स और युवाओं की प्रतिभा
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की सफलता पर मसूद ने कहा, "हमारे युवा अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। हम भी यही कहते रहे हैं कि युवाओं को आगे बढ़ने और अपनी क्षमता को पहचानने का मौका मिलना चाहिए।" उनका यह बयान सरकार पर युवा विरोधी होने के आरोप के साथ-साथ खिलाड़ियों की उपलब्धियों को भी रेखांकित करता है। आने वाले दिनों में परिसीमन और छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बहस और तेज़ होने की संभावना है।