जदयू नेता राजीव रंजन बोले — पीएम मोदी फौलादी इरादे और संतुलन की राजनीति के लिए जाने जाते हैं
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन ने गुरुवार, 18 जून को पटना में कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी — जिसमें जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका, उत्तर प्रदेश की राजनीतिक हलचल और नीट-यूजी विवाद शामिल रहे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का व्यक्तित्व और उनकी दृढ़ निर्णय-क्षमता दुनिया के कई प्रमुख नेताओं को प्रभावित करती है।
मोदी की वैश्विक छवि पर राजीव रंजन का बयान
राजीव रंजन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक फौलादी इरादे के साथ अपनी राह पर चलने के लिए जाने जाते हैं। उनके अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित दुनिया के अनेक महत्वपूर्ण राजनेता मोदी के व्यक्तित्व से प्रभावित रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम को संतुलन बनाना भी पता है और मुश्किल परिस्थितियों में रणनीति बनाना भी — यही कारण है कि ट्रंप की ओर से उनके बारे में महत्वपूर्ण टिप्पणी की गई।
जी7 में ग्लोबल साउथ की आवाज़
जी7 बैठक पर राजीव रंजन ने कहा कि पीएम मोदी ने ग्लोबल साउथ की बात बड़े संयमित तरीके से उठाई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया के सभी देशों को बराबरी की बुनियाद पर रणनीतिक और व्यापारिक साझेदारियाँ बनानी चाहिए, और सबको विश्वास में लेकर आगे बढ़ने की ज़रूरत है। रंजन के अनुसार, मोदी का यह दृष्टिकोण भारत की बहुपक्षीय कूटनीति को नई पहचान दे रहा है।
उत्तर प्रदेश और विपक्षी दलों में टूट की आशंका
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य के राजनीतिक दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव रंजन ने कहा कि हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जो उथल-पुथल देखी गई, उससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) और शिवसेना (यूबीटी) भी टूट का सामना कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) में आंतरिक लोकतंत्र की कमी है और अखिलेश यादव का पार्टी नेताओं के साथ तालमेल अच्छा नहीं है। ऐसे में सपा में भी उथल-पुथल की स्थिति बनना अश्चर्यजनक नहीं होगा।
रंजन ने आगे कहा कि AAP, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), शिवसेना (यूबीटी) और सपा जैसी पार्टियों में फैसले लेने का एकल तौर-तरीका नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराज़गी बढ़ा रहा है, जिससे JMM में भी टूट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
टेलीग्राम बैन और नीट-यूजी विवाद
टेलीग्राम पर प्रतिबंध और नीट-यूजी परीक्षा कदाचार के मामले पर राजीव रंजन ने कहा कि टेलीग्राम के पास न्यायिक विकल्प उपलब्ध हैं और वे उनका उपयोग कर सकते हैं। हालाँकि, हाल के दिनों में कदाचार की जो शिकायतें सामने आईं, उनके बाद केंद्र सरकार ने जो कदम उठाए हैं — जिसमें टेलीग्राम पर रोक लगाने का निर्णय भी शामिल है — वे उचित प्रतीत होते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जदयू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब NDA के घटक दलों के बीच समन्वय और विपक्षी गठबंधन की कमज़ोरियों को लेकर बहस तेज़ है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और तेज़ होने की संभावना है।