जिनेवा में स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति पारमेलिन ने PM मोदी का किया स्वागत, G7 समिट के लिए एवियन रवाना
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 जून को स्लोवाकिया के दो दिवसीय दौरे के बाद जिनेवा पहुँचे, जहाँ स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पारमेलिन ने उनका औपचारिक स्वागत किया। यह यूरोप यात्रा का अगला पड़ाव है — मोदी अब जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्रांस के एवियन के लिए रवाना हुए हैं।
जिनेवा में स्वागत और द्विपक्षीय संदेश
विदेश मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी दी कि दोनों नेताओं ने भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी को और प्रगाढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों के बीच गर्मजोशी से अभिवादन हुआ, हालाँकि जिनेवा में कोई औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता का उल्लेख नहीं किया गया — यह पड़ाव मुख्यतः पारगमन-स्वागत का था।
स्लोवाकिया दौरे की उपलब्धियाँ
इससे पहले, स्लोवाक प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर मोदी सोमवार को ब्रातिस्लावा पहुँचे थे, जहाँ उनका पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ स्वागत किया गया। दोनों देशों ने एक महत्त्वपूर्ण रक्षा समझौते सहित कई द्विपक्षीय करारों पर हस्ताक्षर किए।
विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने प्रेसिडेंशियल पैलेस में प्रधानमंत्री मोदी को ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस फर्स्ट क्लास से सम्मानित किया — जो स्लोवाकिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और बहुत कम विदेशी अतिथियों को प्रदान किया जाता है।
PM मोदी की स्लोवाकिया पर प्रतिक्रिया
मोदी ने एक्स पर लिखा, 'स्लोवाकिया की ऐतिहासिक और सकारात्मक यात्रा पूरी हो रही है। इस यात्रा के नतीजे हमारे देशों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने में बहुत काम आएंगे। मजबूत व्यापारिक संबंधों से हमारे युवाओं को बहुत फायदा होगा। इस गर्मजोशी के लिए स्लोवाकिया सरकार और लोगों का शुक्रिया।'
G7 समिट और यूरोप यात्रा का संदर्भ
गौरतलब है कि भारत जी-7 का सदस्य नहीं है, फिर भी प्रधानमंत्री मोदी को अतिथि राष्ट्र के रूप में आमंत्रित किया गया है — जो वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका का संकेत है। एवियन में होने वाला यह शिखर सम्मेलन जलवायु, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वैश्विक आर्थिक स्थिरता जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहने की उम्मीद है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, स्लोवाकिया के सफल दौरे के बाद मोदी अब फ्रांस के एवियन के लिए रवाना हो चुके हैं, जो इस यूरोपीय दौरे का अंतिम और सबसे महत्त्वपूर्ण पड़ाव होगा।