2 अगस्त 2026
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PM मोदी ने मैसूर में विवेक स्मारक का उद्घाटन किया, वाल्मीकि रामायण का कन्नड़ अनुवाद जारी

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PM मोदी ने मैसूर में विवेक स्मारक का उद्घाटन किया, वाल्मीकि रामायण का कन्नड़ अनुवाद जारी

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने मैसूर में रामकृष्ण आश्रम के विवेक स्मारक का उद्घाटन किया और वाल्मीकि रामायण तथा 'स्टोरीज़ ऑफ वेदांत मंक्स' के कन्नड़ अनुवाद जारी किए। यह पहल भारतीय शास्त्रीय साहित्य को क्षेत्रीय भाषाओं में युवाओं तक पहुँचाने के व्यापक प्रयास की कड़ी है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2025 को मैसूर में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र (विवेक स्मारक) का उद्घाटन किया।
वाल्मीकि रामायण और 'स्टोरीज़ ऑफ वेदांत मंक्स' के कन्नड़ अनुवाद इसी अवसर पर लोकार्पित किए गए।
यह स्मारक 1892 में स्वामी विवेकानंद की मैसूर यात्रा की स्मृति में रामकृष्ण आश्रम द्वारा निर्मित है।
मोदी ने एक्स पर आश्रम यात्रा की तस्वीरें साझा कर साधुओं के सेवा-कार्यों की सराहना की।
BJP युवा मोर्चा अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने इसे कर्नाटक के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2025 को मैसूर में रामकृष्ण आश्रम द्वारा निर्मित स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र (विवेक स्मारक) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने वाल्मीकि रामायण और 'स्टोरीज़ ऑफ वेदांत मंक्स' के कन्नड़ अनुवाद भी लोकार्पित किए। यह स्मारक 1892 में स्वामी विवेकानंद की मैसूर यात्रा की स्मृति में बनाया गया है।

प्रकाशनों का महत्व

लोकार्पण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन अनुवादों से भारत की कालातीत आध्यात्मिक और साहित्यिक विरासत कन्नड़ पाठकों, विशेष रूप से युवा पीढ़ी, तक सुलभ होगी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि मातृभाषा में उपलब्ध ये ग्रंथ युवाओं को देश की सांस्कृतिक और दार्शनिक परंपराओं से जोड़ने में सहायक बनेंगे।

गौरतलब है कि रामकृष्ण आश्रम दशकों से शिक्षा, सेवा और आध्यात्मिक साहित्य के प्रसार में सक्रिय है। ये अनुवाद उसी परंपरा की अगली कड़ी हैं, जो क्षेत्रीय भाषाओं में शास्त्रीय ग्रंथों को पहुँचाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

आश्रम यात्रा और साधुओं से संवाद

कार्यक्रम के पश्चात प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी मैसूर यात्रा की तस्वीरें साझा कीं और लिखा, 'मैसूर में श्री रामकृष्ण आश्रम गया। समाज की सेवा और हमारी युवा शक्ति को सशक्त बनाने में उनके प्रयास सराहनीय हैं।' उन्होंने आश्रम के साधुओं से भेंट कर स्वामी विवेकानंद और श्री रामकृष्ण की शिक्षाओं के माध्यम से मूल्य-शिक्षा और युवा सशक्तिकरण में संस्था की भूमिका की सराहना की।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बेंगलुरु दक्षिण के सांसद तेजस्वी सूर्या ने विवेक स्मारक के उद्घाटन को कर्नाटक के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने इसे स्वामी विवेकानंद की विरासत को सच्ची श्रद्धांजलि करार दिया।

सूर्या ने कहा कि यह कार्यक्रम परम पूज्य श्री गौतम आनंद जी महाराज की उपस्थिति में संपन्न हुआ और रामकृष्ण आश्रम की स्थायी विरासत का प्रतीक है। स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध संदेश 'उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्त होने तक मत रुको' का उल्लेख करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि यह स्मारक देशभर के लाखों युवाओं को प्रेरणा देगा।

विवेक स्मारक का महत्व

यह स्मारक केवल एक भवन नहीं, बल्कि युवा सशक्तिकरण और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बनने की परिकल्पना के साथ तैयार किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भारतीय भाषाओं और शास्त्रीय साहित्य के संरक्षण पर विशेष बल दे रही है। मैसूर — जो पहले से ही अपनी सांस्कृतिक समृद्धि के लिए जाना जाता है — इस पहल के लिए स्वाभाविक केंद्र बनकर उभरा है।

आने वाले समय में यह केंद्र युवाओं के लिए कार्यशालाओं, व्याख्यानों और सांस्कृतिक गतिविधियों का मंच बनेगा, जो स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आधुनिक संदर्भ में जीवंत रखेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भाषाई गौरव और आध्यात्मिक विरासत को राजनीतिक एजेंडे से जोड़ता है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में BJP और कांग्रेस के बीच सांस्कृतिक-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तीव्र है। असली प्रश्न यह है कि क्या विवेक स्मारक दीर्घकालिक युवा कार्यक्रमों का केंद्र बनेगा, या यह एक उद्घाटन-केंद्रित घोषणा तक सीमित रहेगा — रामकृष्ण आश्रम की विश्वसनीयता इस अंतर को पाटने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विवेक स्मारक क्या है और इसे किसने बनाया?
विवेक स्मारक मैसूर में रामकृष्ण आश्रम द्वारा निर्मित स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र है, जो 1892 में स्वामी विवेकानंद की मैसूर यात्रा की स्मृति में बनाया गया है। इसका उद्घाटन PM मोदी ने 2 अगस्त 2025 को किया।
PM मोदी ने कौन-से कन्नड़ अनुवाद जारी किए?
PM मोदी ने वाल्मीकि रामायण और 'स्टोरीज़ ऑफ वेदांत मंक्स' के कन्नड़ अनुवाद लोकार्पित किए। ये अनुवाद रामकृष्ण आश्रम द्वारा तैयार किए गए हैं और कन्नड़ भाषी पाठकों, विशेषकर युवाओं, को शास्त्रीय साहित्य से जोड़ने के उद्देश्य से प्रकाशित किए गए हैं।
PM मोदी ने इस पहल के बारे में क्या कहा?
PM मोदी ने कहा कि इन अनुवादों से भारत की कालातीत आध्यात्मिक और साहित्यिक विरासत कन्नड़ पाठकों के करीब पहुँचेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मातृभाषा में उपलब्ध ये ग्रंथ युवाओं को देश की सांस्कृतिक और दार्शनिक परंपराओं से जोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
तेजस्वी सूर्या ने विवेक स्मारक के बारे में क्या कहा?
BJP युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बेंगलुरु दक्षिण के सांसद तेजस्वी सूर्या ने इसे कर्नाटक के लिए ऐतिहासिक क्षण और स्वामी विवेकानंद की विरासत को सच्ची श्रद्धांजलि बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह स्मारक देशभर के लाखों युवाओं को 'उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्त होने तक मत रुको' के संदेश से प्रेरित करेगा।
विवेक स्मारक युवाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह केंद्र स्वामी विवेकानंद और श्री रामकृष्ण की शिक्षाओं के माध्यम से मूल्य-शिक्षा, सांस्कृतिक चेतना और युवा सशक्तिकरण का मंच बनने के लिए परिकल्पित है। रामकृष्ण आश्रम की दीर्घकालिक सेवा परंपरा इसे एक विश्वसनीय संस्थागत आधार प्रदान करती है।
राष्ट्र प्रेस
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